ट्रूडो क्या छोड़ेंगे प्रधानमंत्री का पद, कनाडा की सियासत में उथल-पुथल के बीच उठा ये सवाल

फ़्रीलैंड

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इमेज कैप्शन, फ़्रीलैंड पहले एक पत्रकार थीं और बाद में कनाडा की विदेश मंत्री भी बनीं

कनाडा की उपप्रधानमंत्री और वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से टकराव के बाद सोमवार को पद छोड़ दिया है.

दोनों के बीच अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित टैरिफ़ लगाए जाने के मुद्दे पर मतभेद थे.

इस इस्तीफ़े को ट्रूडो के लिए एक अप्रत्याशित झटका माना जा रहा है. ट्रूडो पहले ही कनाडा में अल्पमत सरकार चला रहे हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ लिबरल पार्टी के नेता ट्रूडो पहले ही सर्वेक्षणों में कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पीएर पॉलिवेयर से 20 फ़ीसदी पीछे चल रहे हैं.

एक पोल ट्रैकर के अनुसार, पहली बार प्रधानमंत्री बनते वक़्त ट्रूडो को 63% प्रतिशत लोग पसंद करते थे. अब उनका समर्थन करने वालों का प्रतिशत मात्र 28 फ़ीसदी रह गया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगी के त्यागपत्र को साल 2015 में सत्ता संभालने के बाद ट्रूडो के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया जा रहा है.

ये ट्रूडो कैबिनेट के किसी सदस्य का पहला खुला विरोध और इस क़दम के बाद सत्ता पर उनकी पकड़ ढीली पड़ने के आसार हैं.

फ़्रीलैंड की जगह अब कनाडा की पब्लिक सेफ़्टी मंत्री डॉमिनीक लेबलांक को वित्त मंत्री बनाया गया है.

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ट्रूडो पर विपक्ष का हमला

फ़्रीलैंड और ट्रूडो

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इमेज कैप्शन, क्रिस्टिया फ्रीलैंड (नीली ड्रेस में बाईं ओर) और जस्टिन ट्रूडो जून 2023 में यूक्रेन की राजधानी कीएव गए थे
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क्रिस्टिया फ्रीलैंड के उपप्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बाद ट्रूडो पर हमले बढ़ गए हैं. कई विपक्षी दलों ने ट्रूडो से इस्तीफ़े की मांग की है.

ट्रूडो के सहयोगी रहे कनाडा की एनडीपी पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने भी प्रधानमंत्री से इस्तीफ़ा मांगा है.

एक्स पर पोस्ट किए अपने संदेश में जगमीत सिंह ने कहा, "आज मैं ट्रूडो से इस्तीफ़े की मांग करता हूँ. अब उन्हें जाना होगा. इस वक़्त कनाडा के लोग महंगाई से परेशान हैं. लोगों को अपनी बजट के हिसाब से घर तक नहीं मिल रहे हैं. ट्रंप ने 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की बात की है. इस सब के बीच लिबरल पार्टी कनाडा के लोगों के लिए लड़ने के बजाय आपस में लड़ रही है."

ताज़ा सर्वेक्षणों में ट्रूडो से कहीं आगे चल रहे कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पीएर पोलिवेएर ने कनाडा के हाउस ऑफ़ कॉमन्स में प्रधानमंत्री पर हमला बोला है.

उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री ने उस दिन पद छोड़ा, जिस दिन उन्हें बजट पेश करना था. इसके बाद उद्योग मंत्री को ये काम दिया गया. उन्होंने भी ये ज़िम्मेदारी नहीं ली. अब तो ट्रूडो को संसद में आकर ख़ुद बजट पास करवाना चाहिए."

एक अन्य झटके में ट्रूडो कैबिनेट की हाउसिंग मिनिस्टर सां फ़्रेज़र ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने फ़्रीलैंड को प्रोफ़ेशनल और मददगार सहयोगी बताया.

'भरोसे की कमी'

जगमीत सिंह

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इमेज कैप्शन, विपक्षी दल अब ट्रूडो के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं

समाचार एजेंसी एएफ़पी को डलहौज़ी यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर लोरी टर्नबॉल ने बताया कि फ़्रीलैंड का त्यागपत्र 'बहुत बड़ा झटका' है.

उन्होंने कहा, "ये इस्तीफ़ा सही मायनों में बताता है कि ट्रूडो के प्रति 'विश्वास का संकट' है. अब उनका प्रधानमंत्री बने रहना और कठिन हो जाएगा."

ओटावा यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर जनीव टेलिएर भी कहती हैं कि अब तक कैबिनेट पूरी तरह से ट्रूडो के साथ थी लेकिन अब वो बड़ी दिक्क़त में फंस गए हैं.

प्रोफ़ेसर टेलिएर कहती हैं कि फ़्रीलैंड ने पद छोड़कर ट्रूडो की आर्थिक नीतियों को रिजेक्ट किया है और ये एक बड़ी दिक्क़त है क्योंकि इससे साफ़ है कि कैबिनेट अब पहले की तरह ट्रूडो के साथ नहीं है.

कनाडा में अगले साल अक्तूबर के आसपास संसदीय चुनाव होने हैं. कई जानकार मानते हैं कि ताज़ा घटनाक्रम के बाद लिबरल पार्टी में नेतृत्व का संकट पैदा हो जाएगा.

नानोस रिसर्च पोलिंग के निक नानोज़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "लिबरल पार्टी के भीतर एक नेतृत्व के संकट की शुरुआत हो सकती है. ये निजी और राजनीतिक तौर पर ट्रूडो के लिए एक बड़ा झटका है."

टोरंटो यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर नेल्सन वाइज़मेन ने रॉयटर्स से बातचीत में फ़्रीलैंड के इस्तीफ़े को 'धमाका' बताया है.

उन्होंने कहा, "ये तो वाक़ई धमाका है. मेरे ख़्याल से लिबरल पार्टी की सबसे बड़ी दिक्क़त ये है कि उसके पास ट्रूडो को हटाने का कोई तरीक़ा नहीं है. ये काम तो पार्टी के भीतर एक आम विद्रोह से ही हो सकता है."

ट्रंप के संभावित टैरिफ़ पर विवाद

ट्रंप और ट्रूडो

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इमेज कैप्शन, ट्रंप के टैरिफ़ वाले बयान के बाद ट्रूडो ने फ़्लोरिडा में उनसे मुलाक़ात की है. (फ़ाइल तस्वीर)

फ़्रीलैंड ने कहा है कि वह आगामी संसदीय चुनावों में हिस्सा लेंगी. ये चुनाव अक्तूबर 2025 में होने की संभावना है.

ट्रूडो ने भी संकेत दिए हैं कि वो इस बार भी लिबरल पार्टी का नेतृत्व करने की योजना बना रहे हैं.

कनाडा के कुछ मीडिया आउटलेट कह रहे हैं कि अब ट्रूडो भी पद छोड़ सकते हैं लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे ख़ारिज किया है.

फ्रीलैंड ने अपने इस्तीफ़े में ट्रंप के कनाडा पर 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की योजना का ज़िक्र किया है.

उन्होंने लिखा है, "आज हमारा देश एक वड़ी चुनौती का सामना करने जा रहा है. बीते कुछ हफ़्तों में मैं और आप कनाडा के भविष्य को लेकर असहमत रहे हैं. हमें ट्रंप की धमकी को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि दोनों देशों के बीच टैरिफ़ वॉर की स्थिति आ सकती है. इस मुद्दे पर राजनीतिक नौटंकी नहीं होनी चाहिए. "

फ़्रीलैंड पत्रकार रही थीं और 2013 में चुनाव जीतकर संसद पहुँची थीं. दो साल बाद वह ट्रूडो की कैबिनेट में शामिल हुई थीं. वह विदेश मंत्री भी रह चुकी हैं. हाल ही में उन्हें ट्रंप के संभावित टैरिफ़ वाली योजना का जवाब देने का ज़िम्मा दिया गया था.

अब नए वित्त मंत्री लेबलांक को ट्रंप की टीम के साथ टैरिफ़ पर बातचीत करनी होगी.

अमेरिका कनाडा का प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर है. कनाडा का 75 फ़ीसदी निर्यात अमेरिका को जाता है.

पिछले महीने ट्रूडो ने फ्लोरिडा जाकर ट्रंप से मुलाक़ात की थी लेकिन अब तक टैरिफ़ की योजना को बदलने के बारे में ट्रंप की ओर से कोई बयान नहीं आया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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