बिपरजोय तूफ़ान की तबाही तस्वीरों में देखिए

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अरब सागर में बना चक्रवाती तूफ़ान बिपरजोय गुरुवार शाम साढ़े छह बजे गुजरात के तटवर्ती इलाक़ों से टकराना शुरू हुआ और ये प्रक्रिया क़रीब आधी रात तक जारी रही.
मौसम विभाग का कहना है कि तूफ़ान का लैंडफॉल पाकिस्तान के कराची और गुजरात के मांडवी के बीच मौजूद जखाऊ नाम की जगह के पास से शुरु हुआ.
मौसम विभाग के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया 15 जून आधी रात तक चलती रही. इस कारण यहां 115 से 125 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलीं और संमदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठीं.

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गुजरात सरकार के अनुसार तूफ़ान के मद्देनज़र तटीय इलाक़ों से कम से कम एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
मौसम विभाग ने लैंडफॉल के बाद तूफ़ान की कैटिगरी को 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान' (वेरी सिवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म) की श्रेणी से हटाकर 'गंभीर चक्रवाती तूफ़ान' (सिवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म) कर दिया है.

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बिपरजोय तूफान के चलते गुजरात के द्वारका में 15 जून की रात से लेकर शुक्रवार सवेरे तक तेज़ हवा और बारिश जारी है.
द्वारका सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने बीबीसी को बताया कि "कल शाम तक यहां बिजली के 750 खंभे गिर चुके हैं. द्वारका और ओखा में 78 पेड़ गिरने की ख़बर है."
स्थानीय डिप्टी सुपरिंटेंडेट ऑफ़ पुलिस समीर सरडका ने बीबीसी को बताया, "द्वारका में मौजूद मंदिर को बंद रखा गया है. भारी बारिश और बिजली के खंभे गिरने से बिजली की समस्या खड़ी हो गई है. तेज़ हवा के कारण कुछ मकानों की छत उड़ गई है."

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वहीं पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने कहा है कि इस तरह के गंभीर तूफ़ान का सामना पाकिस्तान के पहले नहीं किया है.
उन्होंने कहा, "तूफ़ान को देखते हुए देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से 82 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों में ले जाया गया है."
आशंका जताई जा रही है इस कारण कराची में भारी बारिश हो सकती है और यहां बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है.

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मौसम विभाग से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार ये तूफ़ान सौराष्ट्र-कच्छ के इलाक़े को पार करते हुए अब नलिया के आसपास बना हुआ है और अब धीरे-धीरे राजस्थान के दक्षिणी हिस्से की तरफ बढ़ रहा है.
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि शुक्रवार तक ये तूफ़ान थोड़ा कमज़ोर पड़ सकता है और हवा की गति कम पर कर 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो जा सकती है. हालांकि गुरुवार को इस कारण राजस्थान में भारी बारिश की आंशका है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फ़ोन पर बात की और स्थिति का जायज़ा लिया.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि पीएम ने जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी ली, और खासकर गिर के शेरों को सुरक्षित रखने के प्रशासन के कदमों के बारे में पूछा.

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कई ट्रेनें रद्द की गईं

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तूफ़ान बिपरजोय के मद्देनज़र पश्चिमी रेलवे ने शुक्रवार को 21 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है, जबकि प्रभावित जगहों को देखते हुए 7 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया है.
तूफ़ान को देखते हुए रेलवे ने राजकोट, ओखा, द्वारका, जामनगर, मोर्बी समेत कम से कम 14 रेलवे स्टेशनों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं.

गुजरात के 940 गांवों अंधेरे में

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समाचार एजेंसी एएनआई ने गुजरात के रिलीफ़ कमिश्नर आलोक सिंह के हवाले से बताया है कि अब तक राज्य में इस कारण किसी की मौत को ख़बर नहीं है.
उन्होंने बताया, "तूफ़ान के कारण 22 लोग घायल हुए है, लेकिन अब तक किसी की जान जाने की ख़बर नहीं मिली है. 23 जानवर मारे गए हैं और कुल 524 पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए हैं जिससे यहां के 940 गांवों की बिजली की सप्लाई प्रभावित हुई है."
मांडवी में हालात
गुजरात के कच्छ जिले में तूफ़ान के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
जखाऊ-मांडवी सड़क और मांडवी शहर समेत आसपास के इलाक़ों में तेज़ हवाओं के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं जबकि कई जगहों पर बत्ती गुल रही. समंदर के पास मौजूद निचले इलाक़ों में इस कारण पानी भर गया.

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मांडवी के कलेक्टर अमित अरोड़ा से समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्थिति नियंत्रण में है.
उन्होंने कहा, "तूफ़ान की वजह से बिजली के 200 खंभे उखड़ गए हैं और 250 पेड़ टूट गए हैं. सुरक्षा के लिहाज़ से पांच तहसीलों में बिजली की सप्लाई काट दी गई है. तेज़ हवाओं के साथ यहां सभ इलाक़ों में बारी बारिश हो रही है. अब तक किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं मिली है."
"तूफ़ान के लैंडफॉल से पहले तट से सटे 10 किलोमीटर के इलाक़ों से लोगों को निकाल कर उन्हें राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया था. साथ ही हमने कम से कम 25 हज़ार मवेशियों को भी ऊंचाई वाली जगहों में शिफ्ट कर दिया था."
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