चावल 10 साल पुराना हो जाए तो सेहत और स्वाद के लिए कैसा होता है?

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    • Author, ओनर ईरम
    • पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस

अक्सर लोग कहते हैं कि नए चावल के मुक़ाबले पुराना चावल ज़्यादा ख़ुशबूदार और ज़ायकेदार होता है.

लेकिन सवाल है कि क्या 10 साल पुराना चावल खाना सेहत के लिए ठीक है?

इस सवाल पर चर्चा उस समय शुरू हुई जब हाल ही में थाईलैंड के वाणिज्य मंत्री फमथाम वेचायाचाई ने मीडिया के सामने 10 साल पुराने चावल खाकर दिखाए.

उनका मक़सद यह साबित करना था कि हाल ही में थाई सरकार की ओर से नीलाम किए जाने वाले 15 हज़ार टन चावल खाने योग्य है.

थाई प्रशासन को ऐसा करने की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि नीलाम किए जाने वाले चावल का भंडार 10 साल पुराना है.

साल 2011 में उस समय के थाई प्रधानमंत्री यंग लिक शिनावात्रा ने एक विवादित स्कीम लागू करवाई थी जिसके तहत किसानों से मार्केट रेट से अधिक दर पर 540 लाख टन से अधिक चावल ख़रीदा गया लेकिन यह स्कीम उनकी आर्थिक नाकामी समझी जाती है.

इस स्कीम के बाद थाई सरकार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि वह उसे अधिक क़ीमत पर आगे बेच नहीं सके और इस तरह सरकार के पास चावल का एक बड़ा भंडार रह गया.

पिछले महीने थाईलैंड के वाणिज्य मंत्री ने घोषणा की कि चावल की बिक्री की निगरानी के लिए एक कमिटी बनाई जाएगी.

17 जून को एक थाई कंपनी ‘वी 8 इंटरट्रेडिंग’ ने 28 करोड़ 60 लाख भाट (78 लाख डॉलर) की बोली लगाकर नीलामी हासिल की.

लेकिन लोगों में अब भी चर्चा इस बात पर है कि 10 साल पुराना चावल कितना खाने योग्य होता है.

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शिनावात्रा की चावल स्कीम

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इमेज कैप्शन, हाल ही में थाई वाणिज्य मंत्री फमथाम वेचायाचाई ने मीडिया के सामने 10 साल पुराना चावल खाकर दिखाया.

थाईलैंड की गिनती दुनिया के सबसे अधिक चावल निर्यात करने वाले देशों में होती है लेकिन इसके बावजूद वह चावल को मुनाफ़े पर नहीं बेच पाया.

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस स्कीम में सरकार को लगभग 15 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ.

साल 2014 में कई महीनों तक जारी रहने वाले प्रदर्शनों के बाद हुए सैनिक विद्रोह में प्रधानमंत्री यंग लिक शिनावात्रा की सरकार उलट दी गई.

इसके बाद साल 2017 में उन पर इस स्कीम की वजह से होने वाले आर्थिक नुक़सान के आरोप में मुक़दमा चलाया गया, जिसमें उन्हें लापरवाही का दोषी पाया गया.

चावल की क्वॉलिटी कैसी है?

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चावल को बड़े-बड़े गोदामों में स्टोर किया जाता है.

पिछले महीने थाईलैंड के वाणिज्य मंत्री ने इसकी गुणवत्ता को साबित करने की कोशिश में मीडिया के सामने उस भंडार में से लिए गए चावल खाए.

वाणिज्य मंत्री फमथाम वेचायाचाई का कहना था कि चावल के दाने अब भी बहुत ख़ूबसूरत लग रहे हैं. “इसका रंग थोड़ा ज़्यादा पीला हो सकता है. 10 साल पुराना चावल ऐसा ही नज़र आता है.”

उन्होंने मीडिया के प्रतिनिधियों को चुनौती देते हुए कहा कि वह चावल के किसी भी थैली में छेद कर चावल की क्वॉलिटी चेक कर सकते हैं.

थाई वाणिज्य मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्रालय की एक लैब में उन चावलों की जांच की और उसके नतीजे मीडिया प्रतिनिधियों से साझा किए.

उनका कहना था कि जांच के दौरान चावल में ज़हरीले केमिकल नहीं पाए गए.

लेबोरेटरी के अनुसार, उस पुराने चावल की पौष्टिकता अभी मार्केट में मिलने वाले चावलों से अलग नहीं थी.

चैनल 3 नाम के एक स्थानीय टीवी नेटवर्क ने एक स्वतंत्र लैब से चावल का एक और टेस्ट करवाया और उसका भी नतीजा वही आया कि चावल खाने के लिए सुरक्षित है.

बीबीसी ने उन जाँच के नतीजों की पुष्टि नहीं की और ना ही चावलों का टेस्ट किया.

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क्या चावल कभी ख़राब होते हैं?

संयुक्त राष्ट्र के फ़ूड ऐंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइज़ेशन (एफ़एओ) के अनुसार, अगर चावल को सूखी और ठंडी जगह में किसी ऐसे कंटेनर में रखा जाए, जिसमें हवा ना आए तो चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

इसी तरह अमेरिका की राइस फ़ेडरेशन का कहना है कि अगर चावल को सही ढंग से स्टोर किया जाए तो वह ‘लगभग अनिश्चितकाल’ तक इस्तेमाल के लायक़ रहता है.

पौष्टिकता और स्वाद पर असर

बीबीसी ने ‘एफ़एओ’ से पूछा कि क्या एक दशक तक कीटनाशकों के इस्तेमाल से चावल में ज़हर पैदा हो सकता है.

‘एफ़एओ’ क्या कहना था कि अगर दवाओं का इस्तेमाल करते हुए सभी सावधानियां बरती जाएं तो उससे चावल पर कोई असर नहीं पड़ता.

हमने यह पूछा कि क्या 10 साल तक स्टोर करने से चावल की पौष्टिकता में कोई कमी आती है? इसके जवाब में उनका कहना था कि हालांकि चावल में थोड़ी मात्रा में मिलने वाले कुछ माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है लेकिन इससे चावल की कुल पौष्टिकता पर बहुत फ़र्क़ नहीं पड़ता.

‘एफ़एओ’ का कहना है कि चावल के इस्तेमाल से सबसे अधिक पौष्टिक लाभ उसमें मौजूद स्टार्च की उच्च क्वालिटी से मिलता है. मानव शरीर इसे ऊर्जा में बदल देता है.

‘एफ़एओ’ का कहना है कि आमतौर पर समय के साथ चावल अपना स्वाद खो देता है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि चावल को स्टोर कैसे किया गया है.

थाई टीवी के एक एंकर सूरयोत सोथासनाचंदा ने 10 साल पुराने स्टॉक से जैस्मिन चावल चखे.

उनका कहना था कि उसका स्वाद सफ़ेद चावल जैसा है और यह इतना चिपचिपा, नर्म और सुगंधित नहीं जितना जैस्मिन चावल को होना चाहिए.

चुनाव कमिटी के एक पूर्व सदस्य सोमचाई सरिसोथया कोरन ने भी पुराने चावल का एक नमूना चखा. उनका कहना था कि उसकी ख़ुशबू अच्छी नहीं थी और वह थोड़ा टूटा हुआ था और उसकी मोटाई भी कम थी.

इन चावलों का क्या होगा?

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थाई राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, पिछले साल थाई चावल के सबसे बड़े ख़रीदार इंडोनेशिया और दक्षिण अफ़्रीका थे.

बीबीसी से बात करते हुए थाईलैंड के एक राइस मिल से संबंध रखने वाले पैरोट वांगडी का कहना था कि पुराने चावल की अधिक खपत ग़रीब देशों में है.

दक्षिण अफ्रीका के अलावा थाईलैंड कई दूसरे अफ़्रीकी देशों को भी चावल बेचता है.

थाई वाणिज्य मंत्री फमथाम वेचायाचाई का भी कहना है कि अफ़्रीकी देशों में थाई चावल की मांग है.

थाई सरकार की ओर से नीलामी की घोषणा के बाद से अफ़्रीका में सोशल मीडिया यूज़र्स उस चावल के बारे में अपनी आशंकाएं जाता रहे हैं.

कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि हमेशा की तरह अफ़्रीका को डंपिंग ग्राउंड के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

दूसरी ओर कीनिया की सरकार ने घोषणा की है कि केवल उन चावलों के आयात की इजाज़त दी जाएगी जो मापदंड के अनुसार सही हों और जिनकी लेबोरेटरी में जांच पड़ताल की गई हो.

नीलामी जीतने वाली कंपनी ‘वी 8 इंटरट्रेडिंग’ के पास चावल की ख़रीदारी के लिए समझौते पर दस्तख़त करने को 30 दिन का समय है.

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