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पीएम मोदी के भाषण पर मणिपुर के अखबारों में क्या छपा है?
- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
मणिपुर से छपने वाले कई अखबारों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में दिए गए भाषण को प्रमुखता से छापा है.
वहीं कुछ अखबारों ने महज कुछ मिनट के उनके भाषण पर सवाल भी उठाए है.
मणिपुर की स्थानीय भाषा में छपने वाले पोकनाफाम अखबार ने अपने पहले पन्ने पर पीएम मोदी की तस्वीर के साथ बड़ी हेडलाइन में लिखा है कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर के मुद्दे पर सिर्फ कुछ मिनट ही बात की.
इस अखबार के अनुसार मणिपुर हिंसा को तीन महीने से ज्यादा वक्त हो गया है लेकिन अब भी कई इलाकों में लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. लोग मर रहे हैं.
अंग्रेजी में निकलने वाले कई अखबारों ने प्रधानमंत्री मोदी के मणिपुर में शांति स्थापित करने को लेकर सदन में दिए गए आश्वासन को प्रमुखता से छापा है.
मणिपुर में जारी संकट पर केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लंबे भाषण में कई बातें कही थी.
पीएम मोदी ने अपने भाषण में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियों को सदन में रखा.
उन्होंने मणिपुर के मुद्दे पर कहा, " मैं देश के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस तरह प्रयास चल रहे हैं, शांति का सूरज जरूर उगेगा."
हालांकि पीएम मोदी के बोलने के दौरान विपक्ष वॉकआउट कर गया. इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, "अमित भाई ने कल (बुधवार) विस्तार से बताया है कि मणिपुर में अदालत का एक फ़ैसला आया. अदालतों में क्या हो रहा है, हम जानते हैं. उसके पक्ष और विपक्ष में जो परिस्थितियां बनीं."
प्रधानमंत्री ने मणिपुर पर कहा, "हिंसा का दौर शुरू हो गया. इसमें बहुत परिवारों को मुश्किल हुई. अनेक लोगों ने अपने स्वजन भी खोए. महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुआ. ये अपराध अक्षम्य है. दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार भरपूर प्रयास कर रही है."
मणिपुर पर दिए अपने कुछ मिनट के भाषण में पीएम ने कहा, "मैं मणिपुर के लोगों से भी आग्रह करना चाहता हूं. वहां की माताओं और बेटियों से कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ हैं. ये सदन आपके साथ है. हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकालेंगे. वहां फिर से शांति होगी. मैं मणिपुर के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि मणिपुर एक बार फिर विकास के रास्ते पर तेज गति से आगे बढ़े, उसमें प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी."
प्रधानमंत्री के इस भाषण पर राजधानी इंफाल से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी दैनिक द पीपुल्स क्रॉनिकल ने अपने पहले पन्ने पर पीएम मोदी की तस्वीर के साथ बड़ी हेडलाइन में लिखा है कि पीएम के संबोधन के दौरान विपक्ष वॉकआउट कर गया.
इसी खबर में अखबार ने एक छोटी अर्थात सब-हेडलाइन में लिखा कि पीएम के भाषण के पहले 90 मिनट में मणिपुर का जिक्र नहीं हुआ.
इसके अलावा अखबार ने अपने पहले पन्ने पर चुराचांदपुर में एक मैतेई महिला के साथ दुष्कर्म की घटना की खबर को भी छापा है.
इसी क्रम में इंफाल से प्रकाशित होने वाले संगाई एक्सप्रेस नामक अंग्रेजी दैनिक ने पीएम मोदी की तस्वीर के साथ लिखा कि अमित शाह ने विस्तार से बताया था.
अपनी खबर में अखबार ने मोदी के हवाले से लिखा कि देश मणिपुर के लोगों के साथ खड़ा है.
इस अखबार ने मणिपुर पर पीएम मोदी की चुप्पी और आज मीरा पैबी की तरफ से मैतेई महिला के साथ हुए कथित बलात्कार को लेकर विरोध प्रदर्शन की बात को भी अपनी प्रमुख हेडलाइन बनाई है.
प्रधानमंत्री मोदी के मणिपुर संकट पर दिए भाषण अखबारों के जरिए आज (शुक्रवार) स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
मणिपुर संकट के तत्काल समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए शुक्रवार को राजधानी इंफाल में एक सामूहिक मौन विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
इस प्रदर्शन को मुख्य तौर पर मीरा पैबी की महिला कार्यकर्ता लीड कर रही हैं.
वहीं इंफाल फ्री प्रेस नामक अंग्रेजी अखबार ने पीएम मोदी के भाषण को अपनी प्रमुख सुर्खियां बनाते हुए "मणिपुर में शांति लाने के प्रयास जारी" नामक हेडलाइन लगाई है.
अखबार केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी इस खबर में उल्लेख किया है.
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