'भारत किसी भ्रम में न रहे': पाकिस्तान सेना के प्रमुख आसिम मुनीर ने और क्या कहा?

    • Author, शहज़ाद मलिक
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू डॉट कॉम, इस्लामाबाद

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख और चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ फ़ील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने भारत को लेकर बयान दिया है.

उन्होंने नए बने डिफ़ेंस फोर्सेज़ हेडक्वार्टर में तीनों सेनाओं की जॉइंट मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि "भारत को किसी धोखे या भ्रम का शिकार नहीं होना चाहिए, अगली बार पाकिस्तान का जवाब और भी तेज़ और सख़्त होगा."

इस बयान पर भारत की ओर से फ़िलहाल अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है. इस पर जो भी बयान आएगा उसे इस रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.

कश्मीर के पहलगाम में इसी साल अप्रैल में हुए चरमपंथी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी. इसके बाद भारत ने सात मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के कई 'आतंकवादी ठिकानों' को निशाना बनाया था.

इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हो गया था. भारत ने अपने सैन्य मिशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया था.

दोनों देशों के बीच चार दिनों तक झड़पें होने के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी. दोनों ही देशों ने इस संघर्ष में बढ़त का दावा किया था.

रविवार को ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पाकिस्तानी सेना के बारे में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के हालिया बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पाकिस्तान इस भड़काने वाले, बेबुनियाद और ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान को पूरी तरह से ख़ारिज करता है.

शनिवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर से जुड़े एक सवाल पर कहा था कि भारत के सामने ज़्यादातर समस्याएं पाकिस्तानी आर्मी की वजह से पैदा होती हैं.

उनका कहना था कि आतंकवाद, ट्रेनिंग कैंप और भारत के ख़िलाफ़ दुश्मनी की विचारधारा, ये सभी मिलिट्री से जुड़े हैं.

अफ़ग़ान तालिबान पर भी बोले आसिम मुनीर

हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच भी सीमा पर सैन्य संघर्ष देखा गया. पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान तनाव पर बोलते हुए फ़ील्ड मार्शल मुनीर ने कहा कि काबुल में अफ़ग़ान तालिबान शासन को साफ़ संदेश दे दिया गया है.

पाकिस्तान टीवी के मुताबिक़, आसिम मुनीर ने अपने भाषण में अफ़ग़ान तालिबान को संदेश दिया कि उनके पास कट्टरपंथियों (टीटीपी) या पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), पाकिस्तान में एक प्रतिबंधित संगठन है.

सोमवार को अपने भाषण में, आसिम मुनीर ने कहा कि "नए बने डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ हेडक्वार्टर में हुआ बड़ा बदलाव ऐतिहासिक है."

उन्होंने कहा कि "बढ़ते और बदलते ख़तरों को देखते हुए, यह ज़रूरी है कि हम तीनों सेनाओं के एक सिस्टम के तहत मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स को और बेहतर बनाएं."

आसिम मुनीर ने कहा कि डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ हेडक्वार्टर बनाना इस बदलाव की दिशा में एक ज़रूरी क़दम है.

फ़ील्ड मार्शल ने कहा कि हर सर्विस अपनी ऑपरेशनल तैयारियों के लिए अपनी ख़ासियत बनाए रखेगी, जबकि डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ हेडक्वार्टर सेनाओं के ऑपरेशन्स में तालमेल और कोऑर्डिनेशन करेगा. उनके मुताबिक़, हाई कमांड की एकता के साथ-साथ, तीनों सेनाएं अपनी अंदरूनी ऑटोनॉमी और ऑर्गेनाइज़ेशनल स्ट्रक्चर बनाए रखेंगी.

आर्मी चीफ़ ने कहा, "मैं दोहराता हूं कि पाकिस्तान एक शांति प्रिय देश है, हालांकि, किसी को भी पाकिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता को ख़तरा पहुंचाने और हमारे इरादे को परखने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. सभी को पता होना चाहिए कि पाकिस्तान की विचारधारा अजेय है और यह बहादुर योद्धाओं और एकजुट देश के मज़बूत इरादे से सुरक्षित है."

इस मौक़े पर उन्होंने बदलते रीज़नल और ग्लोबल हालात के हिसाब से मल्टीलेटरल ऑपरेशन को और मज़बूत करने पर ज़ोर दिया, ताकि उभरते सिक्योरिटी ख़तरों का असरदार तरीक़े से मुक़ाबला किया जा सके.

मीटिंग में आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के सीनियर अधिकारी शामिल हुए और डिफ़ेंस स्ट्रैटेजी के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की.

फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तानी आर्म्ड फ़ोर्स को मॉडर्न ज़रूरतों के हिसाब से तैयार रहना होगा और जॉइंट ऑपरेशन के ज़रिए नेशनल सिक्योरिटी पक्की की जाएगी.

फ़ील्ड मार्शल मुनीर ने पिछले सप्ताह सरकार की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद पांच साल के कार्यकाल के लिए नए पद पर बतौर पहले सीडीएफ़ की ज़िम्मेदारी संभाली. वह साथ ही चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ का पद भी संभालेंगे.

कार्यकाल कितना लंबा होता है?

सीडीएफ़ (चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ स्टाफ़) का गठन पिछले महीने 27वें संवैधानिक संशोधन और उसके बाद पाकिस्तान आर्मी, एयर फ़ोर्स और नेवी (संशोधन) विधेयक 2025 में किए गए बदलावों के बाद किया गया था.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने 4 दिसंबर को फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर को सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख के रूप में नियुक्त करने को मंज़ूरी दे दी.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ़ से जारी एक बयान के मुताबिक़, सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर का कार्यकाल पांच साल का है.

इस अधिसूचना के जारी होने के बाद फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर का कार्यकाल 2030 में समाप्त हो जाएगा.

4 दिसंबर, 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर अगले पांच वर्षों के लिए पाकिस्तान के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ और चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ होंगे.

जनरल आसिम मुनीर को नवंबर 2022 में सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था.

लेकिन फिर, पाकिस्तान के सेना अधिनियम में बदलाव के बाद, सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया था.

सेना प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल नवंबर 2027 में समाप्त होने वाला था.

अब 27वें संशोधन के बाद सेना प्रमुख के पास चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ का अतिरिक्त पद भी है और अधिसूचना के तहत वह अगले पांच साल के लिए चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ और चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ होंगे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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