ना आज़म ना कोहली, इस भारतीय क्रिकेटर को पाकिस्तान में गूगल पर सबसे ज़्यादा सर्च किया गया

29 टी-20 मैच, 37.48 के औसत से 1012 रन और 189.51 का ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट.

ये आंकड़े हैं उस विस्फोटक बल्लेबाज़ के जो पाकिस्तान में साल 2025 में गूगल पर सबसे ज़्यादा सर्च किया जाने वाला खिलाड़ी बना.

अपनी तूफ़ानी बल्लेबाज़ी से सिर्फ़ डेढ़ सालों के अंदर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाने वाले अभिषेक शर्मा ही वो खिलाड़ी हैं जिन्हें लेकर ना सिर्फ़ भारत बल्कि पाकिस्तान के क्रिकेट फ़ैंस में ख़ासी उत्सुकता है.

बाबर आज़म, शाहीन शाह अफ़रीदी और हारिस रऊफ़ जैसे नामचीन पाकिस्तानी क्रिकेटर टॉप 10 में भी जगह नहीं बना पाए.

पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाले खिलाड़ियों में अभिषेक शर्मा के बाद दूसरे नंबर पर हैं क्रिकेटर हसन नवाज़, फिर इरफ़ान ख़ान नियाज़ी, साहिबज़ादा फ़रहान और फिर मोहम्मद अब्बास हैं.

अभिषेक शर्मा ने साल 2025 में कई तूफ़ानी पारियां खेलीं. इसी साल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 5 टी-20 मैचों की सिरीज़ में उन्होंने 40.75 के औसत से 163 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट था क़रीब 161. भारत ने ये सिरीज़ 2-1 से जीत ली थी.

इसी साल एशिया कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 39 गेंदों पर उन्होंने तूफ़ानी 74 रन बनाकर भारत को जीत दिला दी थी. तब उनकी चर्चा टी-20 के उभरते सितारों में होनी शुरू हो गई थी.

जब भारत बल्लेबाज़ी करने उतरा था, तो पाकिस्तान के गेंदबाज़ हारिस रऊफ़ की भारतीय ओपनिंग जोड़ी से तीखी नोक-झोंक हुई थी.

रऊफ़ और अभिषेक शर्मा के बीच गरमागरमी हुई और अंपायर को आकर बीच बचाव करना पड़ा.

ओपनिंग बैट्समैन के रूप में उतरे अभिषेक शर्मा ने भारतीय पारी का आगाज़ छक्के के साथ किया था और तूफ़ानी बल्लेबाज़ी करते हुए 39 गेंद में 74 रन की पारी खेली.

इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 5 छक्के लगाए थे.

मैच के बाद भारतीय बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने कहा था, "जिस तरह से वे बिना कारण (पाकिस्तानी खिलाड़ी) हमारी ओर आ रहे थे, मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं आया. यही वजह रही कि मैंने ऐसी बल्लेबाज़ी की."

पिता हुए थे भावुक

एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अभिषेक शर्मा के पिता राजकुमार शर्मा से बीबीसी संवाददाता भरत शर्मा ने बात की थी.

तब राज कुमार शर्मा ने कहा था, ''मैं फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट खेला हूं. मैं अपनी मां से कहा करता था कि मेरे सभी साथी इंडिया खेल गए, लेकिन मैं नहीं खेल पाया, पता नहीं क्यों नहीं खेल पाया, शायद भगवान की मर्ज़ी है. और मेरी मां जवाब में कहा करती थी कि बेटा कोई बात नहीं, तू नहीं खेला, लेकिन तेरा बेटा ज़रूर इंडिया खेलेगा.''

राज कुमार शर्मा उन दिनों का ज़िक्र करते हुए भावुक हो जाते हैं.

वो आगे कहते हैं, ''ये बहुत अच्छा वक़्त है, मेरे लिए गर्व का क्षण है. हर मां-बाप की इच्छा होती है कि बेटा हो या बेटी, वो अपने पैरों पर खड़े हों और जिस भी फील्ड में जाएं, उसमें अच्छा करें."

"हमारे बेटे ने कई साल पहले बल्ला उठाया था, संघर्ष किया, ख़ूब मेहनत की. आज वो ना सिर्फ़ इंडिया के लिए खेल रहा है, बल्कि मैच भी जिता रहा है. ये देखकर दिल खुश हो जाता है.''

युवराज और सहवाग का स्टाइल

क्रिकेट के जानकार उनमें वीरेंद्र सहवाग का एग्रेशन और युवराज सिंह का एलीगेंट स्टाइल देख रहे हैं.

अभिषेक शर्मा युवराज सिंह से ख़ासे प्रभावित हैं. दोनों की मुलाकात रणजी ट्रॉफ़ी की वजह से हुई.

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन चाहता था कि अभिषेक और शुभमन को रणजी में चांस दिया जाए. ये वो समय था, जब युवराज सिंह अपनी बीमारी को हराकर दोबारा भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों में जुटे थे और बीसीसीआई के निर्देश पर रणजी खेलने लौटे थे.

युवराज सिंह को बताया गया कि अंडर 19 से दो लड़के आ रहे हैं. उन्हें बताया गया कि एक सलामी बल्लेबाज़ है और दूसरा लेफ़्ट आर्म स्पिनर है.

राज कुमार शर्मा याद करते हैं, ''युवराज बोले मुझे बल्लेबाज़ चाहिए क्योंकि बॉलर मेरे पास हैं. सेलेक्टर्स ने बोला कि नहीं दोनों को चांस देना चाहिए. एक मैच में तीन-चार प्लेयर जल्दी आउट हो गए. युवराज बैटिंग कर रहे थे. उन्होंने बोला कि अभिषेक को पैड करवाकर भेजो. फिर वो आए और युवराज देखते रह गए. वो 40 पर खेल रहे थे, अभिषेक आए और तेज़-तर्रार 100 रन बना गए.''

शर्मा ने बताया कि युवराज सिंह ने अंदर मैदान पर ही बोला कि क्या अभिषेक उनके पास ट्रेनिंग करेंगे, इस पर अभिषेक ने जवाब दिया कि वो युवराज को अपना आइडल, अपना भगवान मानते हैं, और उन्हें ही देख-देखकर खेलना सीखे हैं. तब से वही आज तक अभिषेक को ट्रेनिंग करवा रहे हैं.

दोनों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. ऐसे एक वीडियो में इसमें युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा से कहते हैं, ''तू ना सुधरी, बस छक्के मारी जाईं, थल्ले ना खेलीं.' हिंदी में बोलें तो तुम सिर्फ़ छक्के ही मारते रहना, ज़मीनी शॉट भी खेल लिया करो.

उनके पिता बताते हैं, ''युवराज ही उन्हें ट्रेनिंग करवा रहे हैं. वो मेरे बेटे का पूरा ख़्याल रखते हैं. उसे मेंटली, फिजिकली स्ट्रॉन्ग बना दिया है. अपनी पूरी टीम लगा दी उसके पीछे कि ये एक भी दिन खाली नहीं रहना चाहिए. अगर वर्ल्ड क्लास ऑलराउंडर बंदा ट्रेनिंग करवाएगा तो सोच लीजिए कि प्लेयर कहां तक जा सकता है. अभी तो बस शुरुआत है!''

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.