'एक मक़सद ने दुश्मनों को एक साथ ला दिया': श्रीलंका में पाकिस्तानी और भारतीय सेना के बचाव कार्यों की चर्चा

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"पाकिस्तानी और भारतीय हेलीकॉप्टर श्रीलंका में बचाव कार्यों में व्यस्त हैं. एक साझा मक़सद ने पुराने दुश्मनों को एक साथ ला दिया है, शुक्रिया भाइयों."
यह संदेश श्रीलंका की शेन प्रिया विक्रमा का है, जो अपने देश में आए चक्रवात दित्वाह के बाद दोनों देशों की सेनाओं की बचाव सेवाओं का हवाला देते हुए आभार व्यक्त करने वालों में से एक हैं.
उनका इशारा निश्चित रूप से पाकिस्तान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के साथ-साथ मई में हुए सैन्य संघर्ष की ओर था, जिसकी गूंज अभी भी सुनाई दे रही है.
गौरतलब है कि श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह ने भीषण तबाही मचाई है. इसमें 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लापता हैं, देश में आपातकाल लागू कर दिया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
इस प्राकृतिक आपदा के दौरान श्रीलंका में राहत कार्यों में दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वी देशों भारत और पाकिस्तान की भागीदारी को 'स्वागत योग्य' बताया जा रहा है.
भारत पहुंचा रहा लगातार मदद

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भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय वायु सेना और नौसेना भी श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों में भाग ले रही हैं.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, "भारतीय वायु सेना का एक सी-17 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट कोलंबो में उतरा है. विमान में एक पूरी तरह तैयार, मॉड्यूलर फ़ील्ड हॉस्पिटल, 70 से ज़्यादा मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ़ और कई वाहन शामिल हैं.भारत श्रीलंका में बाढ़ राहत कार्यों में लगातार मदद भेज रहा है."
भारतीय सेना ने भी जानकारी दी है कि वह श्रीलंका में मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए एक विशेष टास्क फ़ोर्स तैनात कर रही है.
भारतीय सेना के एडिशनल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ पब्लिक इन्फ़ॉर्मेशन ने एक्स पर पोस्ट किया, "नेबरहुड फ़र्स्ट की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तहत भारतीय सेना शत्रुजीत ब्रिगेड की एक टास्क फ़ोर्स को तैनात कर रही है ताकि चक्रवाती तूफ़ान दित्वाह से प्रभावित श्रीलंका में ज़रूरी राहत पहुंचाई जा सके, ज़रूरी सेवाएं फिर से शुरू की जा सकें और परिवारों की मदद की जा सके."
"यह मिशन 'वसुधैव कुटुम्बकम - दुनिया एक परिवार है' के हमारी संस्कृति के संकल्प को दिखाता है, भारतीय सेना ज़रूरत के समय में श्रीलंका के साथ मज़बूती से खड़ी है."
श्रीलंका में बीते दिनों चक्रवाती तूफ़ान दित्वाह के कारण हुई भारी बारिश से भयानक बाढ़ आई थी. यहां इस आपदा में मरने वालों की संख्या 460 हो गई है, वहीं सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं.
पाकिस्तान का दावा, भारत का इनकार

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उधर, पाकिस्तानी सेना का कहना है कि श्रीलंका में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टरों की मदद से निकाला जा रहा है और पाकिस्तान ने भी प्रभावित लोगों के लिए सहायता भेजी है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक मंगलवार को पाकिस्तानी विदेश कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि "भारत लगातार पाकिस्तान द्वारा श्रीलंका को भेजी जाने वाली मानवीय सहायता में बाधा डाल रहा है. श्रीलंका के लिए पाकिस्तानी सहायता ले जाने वाला विशेष विमान इस ऑपरेशन में भाग लेने और उड़ान भरने के लिए भारत से मंज़ूरी मिलने के इंतज़ार में 60 घंटे से अधिक समय तक रुका रहा."
विदेश कार्यालय ने अपने बयान में कहा, "भारत द्वारा कल रात 48 घंटे बाद दी गई आंशिक उड़ान की मंज़ूरी अव्यावहारिक थी. यह केवल कुछ घंटों के लिए थी और वापसी की उड़ान के लिए कोई मंज़ूरी नहीं दी गई, जिससे श्रीलंका में फंसे लोगों के लिए इस आपातकालीन राहत मिशन में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई."
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के उस बयान को 'बेतुका' बताया है, जिसमें पाकिस्तान ने भारत पर श्रीलंका के लिए भेजी गई मानवीय मदद रोकने का आरोप लगाया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के उस बेतुके बयान को ख़ारिज करते हैं जो भारत के ख़िलाफ़ ग़लत जानकारी फैलाने की एक और कोशिश है."
"श्रीलंका के लिए मानवीय सहायता ले जा रहे पाकिस्तानी विमान के लिए ओवरफ़्लाइट क्लीयरेंस का अनुरोध इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन को 01 दिसंबर, 2025 को दोपहर लगभग 1 बजे मिला."
"मानवीय सहायता की ज़रूरत को देखते हुए, भारत सरकार ने उसी दिन उस अनुरोध को तेज़ी से प्रोसेस किया और 1 दिसंबर, 2025 को साढ़े पांच बजे बताए गए ओवरफ़्लाइट की मंज़ूरी दे दी थी."
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत इस मुश्किल समय में सभी मौजूदा तरीकों से श्रीलंका के लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है."
'भारतीय हेलीकॉप्टरों ने पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाया'

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भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत ने राहत सामग्री से भरे जहाज और तीन राहत उड़ानें श्रीलंका भेजी हैं, जबकि एक चिकित्सा दल और खोज एवं बचाव विशेषज्ञों का एक दल श्रीलंका भेजा गया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, भारत के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत से भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के मिशन में भाग ले रहे हैं.
बयान में कहा गया है कि स्थानीय श्रीलंकाई लोगों के अलावा ब्रिटेन, जर्मनी, ईरान, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों के लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बचाया गया है.
सोशल मीडिया पर चर्चा

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श्रीलंका में राहत अभियान में दोनों देशों की सेनाओं की भागीदारी को भी कई लोगों ने सकारात्मक बताया है.
एक्स पर एक यूजर सेहान मधु ने कहा, "पाकिस्तान और भारत इस कठिन समय में श्रीलंका की मदद कर रहे हैं. मैं दोनों देशों को उनकी मानवीय सहायता के लिए तहे दिल से धन्यवाद देता हूं."
इसी तरह, श्रीलंका के विदेश मंत्री विजीथा हेराथ ने पाकिस्तान को उसकी मदद के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पाकिस्तान की मदद दोनों देशों के बीच मज़बूत रिश्तों को दर्शाती है. हम इस दोस्ती और सहयोग को महत्व देते हैं."
सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक यूजर शेन प्रियाक करमा ने लिखा, "भारत ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वह क्षेत्र में सभी की मदद करने की क्षमता रखता है."
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान और भारत के बीच ऐतिहासिक तनाव के बावजूद, भारत ने मानवीय आधार पर एक पाकिस्तानी राहत विमान को श्रीलंका जाने की अनुमति दी है. यह हम श्रीलंकाई लोगों के लिए बहुत बड़ी बात है."
एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने कहा, "भारत और पाकिस्तान, आपने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुश्किल समय में आप सबसे अच्छे मददगार हैं जिन पर भरोसा किया जा सकता है."
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