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पीएम मोदी की फिर से मुसलमानों पर टिप्पणी, ओवैसी का पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर मुसलमानों पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर निशाना साधा है.
राजस्थान के टोंक में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी दलितों और पिछड़ों का आरक्षण छीनकर मुसलमानों को देना चाहती है.
इसके अलावा उन्होंने दो दिन पहले राजस्थान के बांसवाड़ा में दिया अपना वो बयान भी दोहराया, जिसे लेकर कांग्रेस का कहना है कि पीएम देश में नफरत के बीज बो रहे हैं.
इसके साथ ही एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे इस तरह के बयान देकर देश को कमजोर कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक पुराने भाषण का हवाला देते हुए मुसलमानों पर टिप्पणी की थी, जिसमें उन्हें उन्हें 'घुसपैठिए' और 'ज़्यादा बच्चे पैदा करने वाला' कहा था.
साल 2006 में दिए इस बयान में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला 'दावा' दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों का है.
जबकि प्रधानमंत्री अपने चुनावी भाषणें में बार-बार ये कह रहे हैं कि मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला 'हक़' मुसलमानों का है.
हालांकि, तत्कालीन सरकार और कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस आरोप को खारिज किया है.
फिर से मुसलमानों पर टिप्पणी
टोंक की सभा में मोदी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान के साथ किस प्रकार से खिलवाड़ करने की कोशिश की है. इस देश में जब संविधान बना था तब धर्म के आधार पर आरक्षण का घोर विरोध हुआ था ताकि हमारे एससी-एसटी, ओबीसी समुदायों को सुरक्षा मिलती रहे, लेकिन मनमोहन सिंह जी ने भाषण दिया था और उस सभा में मैं मुख्यमंत्री होने के नाते मौजूद था."
"मनमोहन सिंह ने कहा था कि मुस्लिमों का देश के संसाधनों पर पहला हक़ है, ये मनमोहन जी का बयान हैं. ये संयोग नहीं था, ये अकेला बयान नहीं था. कांग्रेस पार्टी की सोच हमेशा तुष्टीकरण की रही है, वोट बैंक की राजनीति की रही है.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “2004 में जैसे ही कांग्रेस की केंद्र में सरकार बनीं, उसके सबसे पहले किए गए कामों में था- आंध्र प्रदेश में एससी- एसटी के आरक्षण में कमी करके मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास. ये एक पायलट प्रोजेक्ट था जिसे कांग्रेस पूरे देश में आज़माना चाहती थी."
पीएम मोदी ने कहा, "2011 में कांग्रेस ने इसे देश में लागू करने की कोशिश की, एससी-एसटी और ओबीसी को मिला हुआ अधिकार छीनकर दूसरों को देने का खेल किया. कांग्रेस ने इतने प्रयास ये जानते-बूझते किए कि ये सब संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ था. लेकिन कांग्रेस ने संविधान की परवाह नहीं की, बाबा साहेब अंबेडकर की परवाह नहीं की.”
पीएम मोदी ने कहा, “जब हमें मौका मिला तो हमने पहला काम किया, उन्होंने जो एससी-एसटी से छीनकर मुस्लिम कोटा निकाला था, उसे ख़त्म किया. जिनका हित था, उसे सुरक्षित किया. मोदी संविधान को समझता है, मोदी संविधान को समर्पित है, मोदी बाबा साहेब अंबेडकर की पूजा करने वाला व्यक्ति है.”
कांग्रेस पर मुसलमानों के तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा, “ये लोग दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में सेंधमारी करके, वोट बैंक पॉलिटिक्स के लिए, अपनी ख़ास जमात को अलग से आरक्षण देना चाहते थे, जबकि संविधान इसके बिलकुल ख़िलाफ़ है. कांग्रेस और इंडी अलायंस वाले मज़हब के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण देना चाहते थे.”
कांग्रेस मेनिफेस्टो पर निशाना
पीएम मोदी चुनावी रैलियों में बार-बार कांग्रेस के घोषणापत्र पर निशाना साध रहे हैं.
उनका दावा किया कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति का सर्वे करेगी और उसे लोगों में बांट देगी.
पीएम मोदी ने कहा, “आपको पता होता कि उन्होंने मेनिफेस्टो में लिखा है कि आपकी संपत्ति का सर्वे करेंगे. हमारी माता-बहनों के पास जो स्त्री धन होता है, जो मंगलसूत्र होता है, उसका सर्वे करेंगे."
"उनके नेता ने भाषण में कहा कि एक्स-रे किया जाएगा. मतलब अगर आपके घर के अंदर बाजरे के डब्बे में भी कुछ रखा है तो वो भी एक्स-रे करके खोजा जाएगा, दीवार में कहीं रखा है उसे भी एक्स-रे करके खोजा जाएगा.”
पीएम मोदी ने कहा, “उनके नेता ने सार्वजनिक तौर पर कहा है फिर आपकी सारी संपत्ति, जरूरत से ज्यादा जो भी होगी, वो उस पर कब्जा करेगी और लोगों को बांट देंगे. अगर आपके पास दो घर है. यहां गांव में घर है और बच्चों के लिए जयपुर, जोधपुर में छोटा फ्लैट ले लिया है, तो एक्सरे करेंगे कि दो घर हैं, एक वापस सरकार को दे दो."
"बताइये आपको मंजूर है क्या. क्या स्त्री धन पर हाथ लगा सकते हैं?, मंगलसूत्र पर हाथ लगा सकते हैं क्या? पंजे की ये ताकत. राजस्थान में ऐसे एक भी पंजा बचना नहीं चाहिए.”
मोदी के राह पर बीजेपी नेता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी रैलियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का जिक्र कर रहे हैं, जिसका हवाला देकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया है.
योगी आदित्यनाथ ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “डॉक्टर मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे, उस समय उन्होंने क्या कहा था? उन्होंने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, तो हमारा दलित कहां जाएगा? पिछड़ा कहां जाएंगा? ये खड़गवंशी कहां जाएगा? पाल कहां जाएगा? गरीब, किसान कहां जाएगा? माता बहनें कहां जाएंगी? नौजवान कहां जाएंगे? देश के अंदर कांग्रेस, जाति के नाम पर, क्षेत्र के नाम पर, भाषा के नाम पर बांटती रही.”
उन्होंने कहा, “गरीब भूखा मरता रहा, किसान आत्महत्या करता रहा. नौजवान पलायन करता रहा, ये कांग्रेस और उनके सहयोगी इंडी गठबंधन के रूप में आपके पास आए हैं. ये देश के साथ गद्दारी किए हैं, फिर गद्दारी करने के लिए अपने झूठे घोषणापत्र के साथ आपके पास आए हैं.”
कांग्रेस के घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कांग्रेस अपने घोषणापत्र में कहती है कि अगर सरकार बनी तो हम शरिया कानून लागू कर देंगे. ये देश बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान से चलेगा या किसी शरिया से चलेगा. भारत संविधान से चलेगा. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के बनाए गए संविधान से देश से चलेगा.”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस कहती है कि हम व्यक्तिगत कानून को यानी शरिया कानून लागू करेंगे, क्योंकि मोदी जी ने तीन तलाक की प्रथा को रोक दिया. उसको कहते हैं कि हम फिर से व्यक्तिगत कानून को बहाल करेंगे. ये लोग शरिया कानून लागू करेंगे और कहते हैं कि हम लोग जनता की प्रॉपर्टी को हथिया कर लेकर फिर उसका बंदरबांट करेंगे."
"क्या आप कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को अपनी संपत्ति पर डकैती डालने की छूट देना चाहते हैं क्या. अरे आपके बाप-दादाओं ने कमाकर संपत्ति रखी है. इन बेशर्मों की एक तरफ आपकी संपत्ति पर कुदृष्टि है, दूसरी तरफ माफिया और अपराधियों को अपने गले का हार बनाकर कैसे उनके नाम पर फातिहा पढ़ रहे हैं, आपने देखा होगा.”
पीएम मोदी को प्रियंका का जवाब
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के महिलाओं के मंगलसूत्र से जुड़े बयान पर तीखा जवाब दिया है.
रविवार को, राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस महिलाओं के गहने और मंगलसूत्र लेकर पैसा ऐसे लोगों में बांट देगी जिनके अधिक बच्चे हैं, जो घुसपैठिए हैं.
प्रियंका गांधी ने कहा, “कैसी-कैसी बहकी-बहकी बातें की जा रही हैं. पिछले दो दिनों से कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी आपका मंगलसूत्र, आपका सोना छीनना चाहती हैं. 70 सालों से ये देश स्वतंत्र हैं, 55 साल कांग्रेस की सरकार रही है, क्या किसी ने आपका सोना छीना, आपके मंगलसूत्र छीने. इंदिरा गांधी ने जब जंग हुई, अपना सोना इस देश को दिया. मेरी मां का मंगलसूत्र इस देश के लिए क़ुर्बान हुआ है.”
उन्होंने कहा, “मंगलसूत्र का महत्व समझते तो वो ऐसी अनैतिक बातें ना करते. किसान पर क़र्ज़ चढ़ता है तो उसकी पत्नी अपनी मंगलसूत्र को गिरवी रखती है. बच्चों की शादी होती है या दवाई की ज़रूरत होती है तो महिलाएं अपने गहने गिरवी रखती हैं.”
प्रियंका गांधी ने कहा, “ये बात ये लोग नहीं समझते और इसका प्रमाण ये है कि जब नोटबंदी हुई और जब महिलाएं की बचत इन्होंने ली और कहा कि बैंकों में पहुंचाओ, तब मोदी जी कहां थे. वो आपसे आपकी बचत का पैसा ले रहे थे.”
प्रियंका ने कहा, “जब देश में उन्होंने लॉकडाउन किया और सारे मज़दूर देश भर से, बेंगलुरु से, यूपी-बिहार और अलग-अलग स्थानों के लिए पैदल निकले, जब कोई सहारा नहीं मिल रहा था, तब महिलाओं ने अपने गहने गिरवी रखें, तब मोदी जी कहां थे? किसान आंदोलन हुआ, 600 किसान शहीद हुए, उनकी विधवाओं के मंगलसूत्र के बारे में सोचा मोदी जी ने.”
मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान महिलाओं को नग्न करके घुमाने और इस घटना पर प्रधानमंत्री के कोई प्रतिक्रिया ना देने पर सवाल करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “मणिपुर में एक जवान की बीवी का वस्त्रहरण करके पूरे देश के सामने घुमाया, मोदी जी चुप थे, उसके मंगलसूत्र के बारे में नहीं सोचा उन्होंने.”
प्रियंका ने कहा कि मोदी महिलाओं को डराकर उनका वोट हासिल करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, “पलक नहीं झपकाई उन्होंने, आज वो चुनाव के लिए, वोटों के लिए, ऐसी बातें कर रहे हैं, डरा रहें हैं महिलाओं को ताकि वो डरकर वोट करें, शर्म आनी चाहिए उन्हें.”
अखिलेश ने कहा- हार का डर
पीएम मोदी के बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पलटवार किया है.
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये हार का रुझान है. चुनाव खत्म होने के बाद चुनावी परिणाम के रुझान आते हैं लेकिन ये तो चुनाव का पहला चरण खत्म हुआ है. उसी में रुझान आने लगे हैं.”
अखिलेश ने कहा, “ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना, इस तरह की बात करना, हमारे लोकतंत्र को कमजोर करता है. जो संविधान है, जो चुनाव आयोग है इन चीजों पर रोक लगाता है…लेकिन जनता जानती है कि किसान बर्बाद हुआ है, सोचो दस साल में नौजवान का एक तिहाई जीवन बर्बाद हो गया.”
उन्होंने कहा, “जो बयान आ रहे हैं, वो बताते हैं कि वो हार नहीं रहे हैं बल्कि हार चुके हैं.”
अखिलेश ने कहा, “हारने वाला पहलवान क्या नहीं करता. कभी कान काट लेता है, कभी नोचता है, कभी कपड़े फाड़ देता है. ये हारने वाले लोग हैं, जो हार चुके हैं.”
वहीं मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी जीतू पटवारी ने कहा, “दस साल के बाद भी हमारे देश के प्रधानमंत्री को नफरत और घृणा की बातें करनी पड़ रही हैं. हमारे प्रधानमंत्री को देश की आजादी के किस्से याद आ रहे हैं. देश की आजादी के नेताओं ने क्या-क्या, कैसे-कैसे किया. अपने दस साल का हिसाब याद नहीं है, पचास साल पहले का हिसाब चाहिए उनको.”
ओवैसी ने किया पीएम मोदी के बयान का ‘पोस्टमार्टम’
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वे उनके बयान का पोस्टमार्टम करने की बात कह रहे हैं.
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी ने कोई नई बात नहीं कही, हमेशा कहते हैं. आज भी कह दिया. उन्होंने कहा कि मुसलमान बच्चे बहुत पैदा करते हैं. अब हम आपके लिए मोदी जी के इस भाषण का पोस्टमार्टम करते हैं."
ओवैसी ने कहा, “मोदी के बयान की सच्चाई यह है कि भारत में मुस्लिम मां और बहनों का फर्टिलिटी रेट 2.36 है, यह कम हुआ है. यानी मुसलमान जो बच्चे पैदा कर रहे हैं, वो कम हुआ है. हमारे हिंदू भाई बहनों का जरूर उससे कम है लेकिन हमारा कम हुआ है. मगर मोदी जी क्या बोलते कि बच्चे बहुत ज्यादा पैदा कर रहे हैं."
"मोदी जी आप कितने भाई हैं? छह. अमित शाह की कितनी बहने हैं? छह. रविशंकर के कितने भाई-बहन? सात. मगर इन सबको नजर आता है कि मुसलमान बहुत बच्चे पैदा कर रहे हैं."
ओवैसी ने कहा, “दूसरा उन्होंने कहा कि घुसपैठिए हैं. 15 जुलाई 2014 को सरकार ने संसद में इस तरह का कोई जवाब नहीं दिया. कोई एस्टिमेट नहीं है. 25 नवंबर 2014 को सरकार ने कहा कि कोई डेटा नहीं है. 6 दिसंबर 2016 को सरकार ने कहा कि कोई कंफर्म डेटा नहीं है कि बांग्लादेश से कितने लोग आ रहे हैं.”
“22 दिसंबर 2015 को लोकसभा में संसद में सरकार ने कहा कि हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है. 21 मार्च 2017 को मोदी सरकार ने कहा कि डेटा उपलब्ध नहीं है. 11 अप्रैल 2017 को सरकार ने कहा कि डेटा नहीं है कि बांग्लादेश से कितने लोग आ रहे हैं. 1 अगस्त, 2017 को, 20 मार्च 2018 को, 2 जुलाई, 2019 और 3 मार्च 2020 को वही जवाब दिया कि हमारे पास डेटा नहीं है.”
उन्होंने कहा, “मोदी जी आप किस बुनियाद पर हमको घुसपैठिए कह दिए. मोदी जी का जवाब सुनो. हम उनको जवाब दे रहे हैं कि अगर हमारे दक्षिण भारत के जो प्रदेश हैं, वहां पर बच्चे भी कम पैदा हो रहे हैं. सबसे ज्यादा पैसा भारत सरकार को मुंबई और दक्षिण भारत से मिलता है."
"मोदी जी आप देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं. आप देश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं. अगर दक्षिण भारत के लोग बोलना शुरू कर दें कि हमारे पास संसद की सीटें कम हैं, हम बच्चे भी कम पैदा कर रहे हैं, पैसे भी ज्यादा दे रहे हैं, तो तुम क्या जवाब दोगे?”
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