गुजरात: वडोदरा में मही नदी पर बना पुल ढहा, नौ लोगों की मौत

वडोदरा में पुल ढहा

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इमेज कैप्शन, वडोदरा में पुल ढहने की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई है

बुधवार को गुजरात के वडोदरा ज़िले में मही नदी पर बना एक पुराना पुल अचानक ढह गया. हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए हैं. प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है.

वडोदरा के कलेक्टर अनिल धामेलिया ने बताया कि हादसे में नौ लोगों की जान गई है और छह घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है.

बीबीसी गुजराती के अनुसार, वडोदरा ज़िले के बाहरी हिस्से में मही नदी पर बने इस पुल का बीच का हिस्सा टूट गया. पुल का हिस्सा टूटने से कई वाहन नदी में गिर गए.

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँचीं और उन्होंने राहत अभियान शुरू किया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह पुल करीब 40 साल पुराना था. हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं.

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वडोदरा के कलेक्टर अनिल धामेलिया ने कहा, "बचाव अभियान सुबह ही शुरू कर दिया गया था. एनडीआरएफ और अन्य टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है. ज्यादातर शवों को बाहर निकाल लिया गया है. अभी तक नौ लोगों के शव बरामद हुए हैं. छह घायलों का इलाज चल रहा है."

कितने वाहन पुल से गिरे हैं, इस सवाल के जवाब में अनिल धामेलिया ने कहा, "दो ट्रक, एक पिकअप वैन, एक इको कार और एक ऑटो रिक्शा पानी में गिर गए हैं."

वहीं, गुजरात सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.

ऋषिकेश पटेल ने कहा, "1985 में बनने के बाद समय-समय पर इस पुल की मरम्मत की गई थी. इस पुल की मरम्मत की गई थी, फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना घटित हुई. मुख्यमंत्री ने अपने स्तर पर 212 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण को मंजूरी दी थी. इसके लिए टेंडर और डिज़ाइन की प्रक्रिया चल रही थी."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुल ढहने की घटना पर दुख जताया है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "गुजरात के वडोदरा ज़िले में एक पुल के ढहने की घटना बेहद दुखद है. मेरी संवेदनाएं उन लोगों के प्रति हैं जिन्होंने अपनों को खोया है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे."

नदी के अंदर गिरे वाहन

गुजरात वडोदरा में पुल ढहा

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इमेज कैप्शन, मही नदी में गिरे वाहन
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घटनास्थल से कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें एक ट्रक पुल की टूटी रेलिंग के पास लटका हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं, कुछ गाड़ियां नदी में गिरती हुई दिखाई दे रही हैं.

तस्वीरों और वीडियोज़ में पुल पर कुछ पुलिसकर्मी और गाड़ियां भी नज़र आ रही हैं.

घटनास्थल से प्राप्त वीडियो में स्वास्थ्यकर्मी घायलों को नदी से बचाकर एम्बुलेंस में ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, यह पुल आणंद ज़िले के गंभीरा से वडोदरा ज़िले के पादरा और भरूच को जोड़ने वाले रास्ते पर बना हुआ था. यह पुल आणंद और वडोदरा ज़िलों को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

आणंद के कलेक्टर प्रवीण चौधरी ने बीबीसी गुजराती को बताया कि राहत और बचाव अभियान वडोदरा की ओर से चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, "पूरा बचाव अभियान वडोदरा की तरफ से किया जा रहा है. हमने सिर्फ़ ट्रैफ़िक रोका है. यह पुल वडोदरा ज़िले में आता है. आणंद और सौराष्ट्र से वडोदरा जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है. यह पुल 1983–84 के आसपास बना था."

गुजरात सरकार के सड़क विभाग से जुड़े सीपी पटेल ने बीबीसी गुजराती से बात करते हुए कहा, "यह पुल 1985 में खोला गया था."

पुल की घटना कैसे हुई, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा. हम सभी पुलों का मानसून से पहले और मानसून के बाद निरीक्षण करते हैं. रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगा कि इस पुल की स्थिति क्या थी."

सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने मीडिया से कहा, "ऐसी सूचना मिली है कि मही नदी पर बने पुल का एक हिस्सा आज सुबह क्षतिग्रस्त हो गया. हम इसकी रिपोर्ट ले रहे हैं और विशेषज्ञों की एक टीम भेज दी गई है."

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सरकार पर लगाए आरोप

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इमेज कैप्शन, ये पुल करीब चार दशक पुराना था

गुजरात के विपक्षी दलों कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस घटना के लिए गुजरात सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.

गुजरात कांग्रेस के नेता अमित चावड़ा ने कहा है कि अगर पुल इतनी ख़तरनाक स्थिति में था, तो गुजरात सरकार ने इसकी मरम्मत क्यों नहीं की?

उन्होंने कहा, "इस पुल से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं? अगर पुल ख़तरनाक है, तो इसे बंद कर देना चाहिए या इसकी मरम्मत करनी चाहिए. यह घटना सरकार की गंभीर लापरवाही के कारण हुई है."

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने गुजरात सरकार पर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा, "यह पुल हादसा मानव-निर्मित है. एक ट्रक और एक पिकअप वाहन समेत चार वाहन नदी में गिर गए हैं. सवाल यह है कि जब जनता टैक्स देती है, तो सरकार से एक मजबूत व्यवस्था की उम्मीद करती है."

"आज किसी पुल को पार करते या उसके नीचे से गुजरते समय डर लगता है. अगर पुल जर्जर था, तो यातायात क्यों नहीं रोका गया?"

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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