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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के साथ जनसुनवाई के दौरान क्या हुआ था, अब तक क्या-क्या पता है?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर आज सुबह उनके आवास पर जनसुनवाई के दौरान एक शख़्स ने हमला करने की कोशिश की.
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पत्रकारों को बताया, "जनसुनवाई के दौरान एक शख़्स उनके पास आया, कुछ कागज़ उनके आगे रखे और फिर उनका हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की. उस दौरान थोड़ी धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया."
सचदेवा ने कहा कि पुलिस हमले की कोशिश करने वाले शख़्स से पूछताछ कर रही है.
उस शख़्स को गिरफ्तार कर सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन ले जाया गया. उसका नाम राजेश खिमजी बताया जा रहा है.
जनसुनवाई के दौरान हुई घटना के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, "जो लोग पत्थर या थप्पड़ की बात कर रहे हैं, वह मनगढ़ंत है. लेकिन संभव है कि किसी मेज का कोना उनके सिर पर लगा हो. उस शख़्स ने हाथ पकड़कर सीएम को खींचने की कोशिश की थी."
सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हमलावर को काबू में किया और मुख्यमंत्री को अस्पताल ले जाया गया.
सचदेवा ने कहा, "डॉक्टरों ने उनकी जांच की है. मैं उनसे मिला हूं. वो एक मज़बूत महिला हैं. ऐसा लगता है कि उनके सिर पर हल्की चोट लगी है. राजनीति में इस तरह की घटनाओं का होना निंदनीय है. जनसुनवाई जारी रहेगी."
'बहुत देर तक ज़मीन पर गिरा कर रखा'
दिल्ली बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पत्रकारों को बताया कि उस शख़्स को पता था कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनसुनवाई करती हैं.
उन्होंने कहा, "उसने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को बहुत देर तक जमीन पर गिराकर रखा. वो शख़्स अकेले उन पर हमला करने के इरादे से आया था. यह साफ़ है कि वो हमला करने के इरादे से आया था. उसके हाथ में जनसुनवाई का कोई कागज़ नहीं था. उसके फोन से शालीमार बाग का एक वीडियो मिला है. रेखा गुप्ता जी अब ठीक हैं. जनसुनवाई जारी रहेगी."
सिरसा ने कहा, "मुख्यमंत्री जी हजारों लोगों से मिलती हैं. बगैर सुरक्षा के मिलती हैं. इसी का हमलावर ने लाभ उठाया. लेकिन मुख्यमंत्री जी अभी ठीक हैं. वो दिल्ली के लोगों की सेवा करती रहेंगी."
चश्मदीदों ने क्या बताया
घटना के दौरान मौजूद रहने का दावा करने वाले शैलेंद्र कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "मैं उत्तम नगर से सीवर की शिकायत लेकर आया था. जब मैं गेट पर पहुंचा तो सीएम को थप्पड़ मारे जाने की बात से अफरा-तफरी मच गई. यह गलत है."
बीजेपी नेताओं ने सीएम को थप्पड़ लगने की बात को मनगढ़ंत बताया है.
घटना की चश्मदीद होने का दावा करने वाली अंजलि जमेजा ने कहा, "जनसुनवाई का अधिकार सभी को है. अगर कोई धोखेबाज़ उन्हें मारने की कोशिश कर सकता है, तो यह बहुत बड़ी बात है. मैं वहां मौजूद थी. वह व्यक्ति कुछ बोल रहा था और उसने अचानक हमला कर दिया. उसके बाद पुलिस उसे ले गई."
हमले के आरोप में गिरफ़्तार शख्स की मां ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने की कोशिश करने वाले शख़्स की मां भानुबेन ने पत्रकारों को बताया कि उनका बेटा पशु प्रेमी था.
उन्होंने गुजराती में कहा, "पहले तो मैं उसे (बेटे को) फोन कर रही थी लेकिन यह लग नहीं रहा था. बाद में पता चला कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. मेरा बेटा पशु प्रेमी था. वो डॉग लवर था. वो पशु प्रेमी था."
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और आसपास के शहरों में आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने के आदेश दिए थे.
कई पशु प्रेमी सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का विरोध कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं.
दिल्ली की सीएम पर हमले पर किसने क्या कहा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी नेता रेखा गुप्ता पर हमले की निंदा की है.
उन्होंने कहा, "रेखा गुप्ता पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों का मतभेद और विरोध स्वीकार्य है, लेकिन हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता. मुझे विश्वास है कि दिल्ली पुलिस उचित कार्रवाई करेगी और आशा है कि रेखा गुप्ता पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हों."
आप नेता आतिशी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "बीजेपी नेता रेखा गुप्ता पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है. लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है, लेकिन हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है. उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी."
हमले पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. रेखा गुप्ता बीजेपी की वरिष्ठ नेता हैं और मुझे लगता है कि ऐसी घटनाओं की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है. लेकिन यह घटना महिला सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है. अगर राजधानी में एक महिला नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिला कैसे सुरक्षित रह सकती है?"
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "हमने पहले भी ऐसी घटनाएं देखी हैं जिनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हमलों का सामना करना पड़ा था. उस समय बीजेपी उन हमलों का जश्न मनाती थी. अब दिल्ली में एक महिला नेता पर हमला हुआ है. यह बेहद चिंताजनक है और गृह मंत्रालय से सवाल पूछे जाने चाहिए, क्योंकि दिल्ली पुलिस और कानून-व्यवस्था उनके अधीन आती है. अगर नेता ही असुरक्षित हैं तो दिल्ली के नागरिक कैसे सुरक्षित रह सकते हैं? मुझे उम्मीद है कि गृह मंत्रालय दिल्ली के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी लेगा."
दिल्ली की सीएम को मिली है जेड कैटेगरी की सुरक्षा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को दिल्ली पुलिस की ज़ेड-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. 'येलो बुक' में दर्ज केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर उन्हें यह सुरक्षा दी गई है.
इस 'येलो बुक' में वीआईपी और वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा प्रोटोकॉल का ब्योरा दर्ज होता है.
भारत में ज़ेड-श्रेणी की सुरक्षा खतरे के आकलन के आधार पर दी जाती है. यह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक जैसे विशिष्ट लोगों को दी जाती है. ज़ेड-श्रेणी के कवर में लगभग 22–25 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें पीएसओ, एस्कॉर्ट्स, वॉचर्स और लगभग आठ हथियारबंद गार्ड शामिल रहते हैं.
इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और शीला दीक्षित को भी सुरक्षा के लिए ज़ेड-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित