राहुल गांधी ने जाति जनगणना पर फिर दी बीजेपी को चुनौती, कहा- हम लाएंगे क़ानून

इमेज स्रोत, Getty Images
गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर कांग्रेस के दो दिवसीय अधिवेशन के दूसरे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर जाति जनगणना का मुद्दा उठाया.
उन्होंने कहा कि सभी को पता होना चाहिए कि देश में कितने दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग के लोग हैं. यह भी पता लगाना चाहिए कि देश में किसकी कितनी भागीदारी है.
इससे पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर कई आरोप लगाए. खड़गे ने देश में ईवीएम के बजाय बैलट पेपर से चुनाव कराने की अपील करते हुए कहा कि बीजेपी ने महाराष्ट्र का चुनाव फ़र्जीवाड़ा करके जीता.
खड़गे ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को बेच देंगे. देश की अर्थव्यवस्था में एकाधिकार लादा जा रहा है और सार्वजनिक संपत्ति को निजी हाथों को सौंपा जा रहा है.नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सत्ताधारी पार्टी संविधान पर लगातार चोट कर रही है."

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

राहुल गांधी ने जाति जनगणना पर क्या कहा

इमेज स्रोत, INC
कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी ने कहा कि देश में जाति जनगणना होनी ही चाहिए.
उन्होंने कहा, ''तेलंगाना में हमने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है और वो जातिगत जनगणना है. उससे पहले मैंने संसद में भी नरेंद्र मोदी से कहा था कि देश में जातिगत जनगणना होनी चाहिए. सभी को पता होना चाहिए कि देश में कितने दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग के लोग हैं. इसके अलावा, हमें यह भी पता लगाना चाहिए कि देश में किसकी कितनी भागीदारी है.''
राहुल ने कहा, ''लेकिन मोदी जी ने साफ़ कह दिया कि वे जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे. इसीलिए हमने भी कह दिया है कि अगर ये काम आप नहीं करेंगे तो हम संसद में आपके सामने जातिगत जनगणना का कानून पास करेंगे.''
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जाति आधारित जनगणना को समर्थन देने के संकेत दे चुका है.
संघ के मुताबिक़ इसका इस्तेमाल पिछड़ रहे समुदाय और जातियों के कल्याण के लिए होना चाहिए.
आरएसएस ने कहा है कि जाति जनगणना सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए मददगार हो सकती है. लेकिन चुनावी फ़ायदा लेने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
'बीजेपी ने फ़र्जीवाड़ा कर महाराष्ट्र चुनाव जीता'

इमेज स्रोत, ANI
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार को घेरते हुए उन पर कई आरोप लगाए.
खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार के नियंत्रण में है. उन्होंने ईवीएम के बजाय बैलट पेपर से चुनाव कराने की अपील करते हुए कहा कि बीजेपी ने महाराष्ट्र का चुनाव फ़र्जीवाड़ा करके जीता. उन्होंने कहा ऐसा चुनावी फ़र्जीवाड़ा इससे पहले कभी नहीं हुआ था.
पिछले साल नवंबर में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 15 सीटें मिली थीं जबकि बीजेपी ने 132 सीटें जीतकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाई थी.
खड़गे ने कहा ,'' पूरी दुनिया ईवीएम से बैलट पेपर की ओर जा रही है लेकिन हम ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं. आपने ऐसी तकनीक बनाई है जिससे सारा फ़ायदा सत्ताधारी पार्टी को होता है.''
राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में बीजेपी पर मतदाताओं की फ़र्जी सूची बनाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के लिए पांच साल में महाराष्ट्र में 32 लाख मतदाता जोड़े गए, जबकि इसके पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव के लिए 39 लाख वोटर्स जोड़े गए
उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा था कि आख़िर पांच महीने में पांच साल से ज्यादा वोटर्स कैसे जोड़े गए?
हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के दावों को ख़ारिज करते हुए कहा था, ''राहुल कवर फायरिंग कर रहे हैं. क्योंकि उन्हें मालूम है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सफाया हो रहा है.''
उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी का ये दावा बेबुनियाद और फेक नैरेटिव का हिस्सा है.
दिल्ली में 5 फरवरी को चुनाव हुए थे और इसमें कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी.
जबकि चुनाव आयोग ने कहा था कि वो राहुल के आरोपों का लिखित जवाब देंगे.
'लादा जा रहा है एकाधिकार'

इमेज स्रोत, ANI
खड़गे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में एकाधिकार लादा जा रहा है और सार्वजनिक संपत्ति को निजी हाथों को सौंपा जा रहा है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सत्ताधारी पार्टी संविधान पर लगातार चोट कर रही है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा, '' देश की अर्थव्यवस्था में मोनोपॉली स्थापित की जा रही है. सार्वजनिक संपत्तियों को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. पीएसयू को बेचकर लाखों सरकारी नौकरियों को ख़त्म कर नौकरियों को खत्म कर एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण पर चोट की जा रही है.''
कांग्रेस मोदी सरकार पर 'क्रोनी कैपिटलिज्म' का आरोप लगाती रही है. राहुल गांधी संसद में उद्योगपति गौतम अदानी और मुकेश अंबानी का नाम लेकर कहते रहे हैं कि मोदी सरकार उनकी मदद कर रही है.

पीएम मोदी ने गौतम अदानी पर लगे आरोपों पर सीधे कोई जवाब नहीं दिया है. हाल में अपने अमेरिका दौरे पर गौतम अदानी के ख़िलाफ़ रिश्वतखोरी के आरोपों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा था कि इस संबंध में उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कोई बात नहीं हुई. उन्होंने कहा कि दो देशों के दो प्रमुख नेता कभी व्यक्तिगत मुद्दों पर चर्चा नहीं करते.
'संविधान पर हमले कर रही है सरकार'

इमेज स्रोत, ANI
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कहा कि पिछले 11 साल से सत्ताधारी पार्टी संविधान पर हमले कर रही है. संवैधानिक संस्थाओं और सिद्धांतों पर हमला किया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संसद के बजट सत्र को अपनी मर्जी से चलाया. अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता का नाम लिया लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया.
उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र में यह शर्मनाक है. अगर आप विपक्ष के नेता को बोलने नहीं देंगे तो आप लोगों को अपनी आवाज़ कैसे उठाने देंगे?''
उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों के मुद्दों पर बहस करने के बजाय सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के अपने एजेंडे के लिए देर रात तक संसद में बहस की. खड़गे वक़्फ कानून के लिए लाए गए बिल पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही की ओर इशारा कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि मणिपुर पर बहस सुबह चार बजे हुई. उन्होंने निवेदन किया कि इसे अगले दिन आयोजित किया जाए, लेकिन सरकार सहमत नहीं हुई.
खड़गे ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार कुछ छिपाना चाहती है.
ख़ड़गे ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस लगातार सांप्रदायकिता को हवा दे रही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजेपी 500 साल पुराने मुद्दे उठा रही है.
उन्होंने कहा, ''आरएसएस प्रमुख ने अपने लोगों से मस्जिदों के नीचे 'शिवलिंग' न खोजने को कहा है, लेकिन वे ऐसा करना जारी रखे हुए हैं और लोगों को बांटने का काम करते हैं.''
इस बीच, बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा था कि कांग्रेस ख़ुद दलित विरोधी है.
उन्होंने लिखा, "मल्लिकार्जुन खड़गे का सम्मान करना चाहिए वो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वो बुजुर्ग हैं. इसके बावजूद उनकी कुर्सी किनारे लगाई. कांग्रेस दलित विरोधी है."
मालवीय ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें सोनिया गांधी बीच में बैठी हैं. उनके बगल में राहुल गांधी और दूसरी ओर अंबिका सोनी बैठी हैं. मल्लिकार्जुन सबसे दाहिनी ओर बैठे हैं.
'ज़िम्मेदारियां पूरी न करने वाले लोग पार्टी से रिटायर हो जाएं'

इमेज स्रोत, ANI
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि जो लोग पार्टी की मदद नहीं कर सकते उन्हें अब आराम करने की जरूरत है. जो लोग अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करते उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की भूमिका अब काफी बढ़ाई जाएगी. उनकी नियुक्ति एआईसीसी के निर्देश पर पूरी निष्पक्षता और कड़े मानकों पर की जाएगी.
पिछले महीने राहुल गांधी ने भी कहा था, '' गुजरात कांग्रेस में दो तरह के लोग हैं. एक वे लोग हैं, जो दिल और ईमानदारी से कांग्रेस के लिए लड़ते हैं और जनता से जुड़े हुए हैं. दूसरे वे हैं, जिनका जनता से संपर्क टूट चुका है और बीजेपी के साथ मिले हुए हैं. अगर ज़रूरत पड़े तो ऐसे पांच से 25 नेताओं को कांग्रेस से निकाल देना चाहिए."
इससे पहले, राहुल गांधी ने संसद में बीजेपी पर हमला करते हुए कहा था, "हमने आपको अयोध्या में हराया है और हम आपको 2027 में गुजरात में हराकर दिखाएंगे."
लोकसभा चुनाव के बाद से राहुल गांधी दो बार गुजरात का दौरा कर चुके हैं और अब कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन यहां हो रहा है.
गुजरात में 64 साल बाद कांग्रेस का अधिवेशन हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि कांग्रेस एक परिवार आधारित पार्टी है और इसमें गांधी परिवार का वर्चस्व है. उनके हित पार्टी के लिए प्राथमिकता बने रहेंगे.'
शशि थरूर के भाषण की चर्चा

इमेज स्रोत, ANI
कांग्रेस के अधिवेशन में पार्टी के सीनियर लीडर और केरल से सांसद शशि थरूर के भाषण की काफी चर्चा है.
उन्होंने अधिवेशन में अपने भाषण के दौरान कहा कि कांग्रेस को नाराजगी और नकारात्मकता की नहीं बल्कि लोगों की उम्मीदों की पार्टी बनना होगा. इसे अतीत की नहीं भविष्य की पार्टी बनना होगा.
उन्होंने कहा कि बीजेपी देश के उत्तरी हिस्से को दक्षिण से अलग करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि भारत का विचार यही है कि एक ही समय में कोई व्यक्ति मुस्लिम, गुजराती और एक अच्छा भारतीय तीनों हो सकता है. उनका इशारा केंद्र सरकार की ओर से तीन भाषा फॉर्मूले को लागू करने की ओर था. तमिलनाडु सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार इस फॉर्मूले के आधार पर उनके यहां हिंदी थोपना चाहती है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















