अभिषेक शर्मा ने किया वो कमाल जिससे भारत ने इंग्लैंड को दी आसानी से मात

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

अभिषेक शर्मा ने जिस आक्रामक अंदाज़ से बल्लेबाज़ी की, उसने युवराज सिंह की याद दिला दी.

बुधवार को कोलकाता के ईडन गार्डन में शुरू हुई भारत बनाम इंग्लैंड टी 20 सीरिज़ के पहले मैच को अभिषेक शर्मा ने अपने दम पर एकतरफ़ा बना दिया

भारत ने 43 गेंदें बाकी रहते सात विकेट से विजय प्राप्त कर ली.

भारत की इस जीत में स्पिन के जादूगर वरुण चक्रवर्ती की घातक गेंदबाज़ी ने भी अहम भूमिका निभाई. वह 23 रनों पर तीन विकेट निकालकर प्लेयर ऑफ द मैच बने.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

अभिषेक शर्मा की ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी

भारतीय पारी की शुरुआत में अभिषेक एक समय दूसरे छोर पर खड़े होकर अपने ओपनिंग जोड़ीदार संजू सेमसन का विस्फोटक अंदाज़ को देख रहे थे. पर जब उन्होंने मोर्चा संभाला तो मैदान पर एकदम से छा गए.

अभिषेक ने क्लीन हिटिंग का प्रदर्शन करके कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर दर्शकों की खूब वाह-वाही लूटी. उन्होंने 34 गेंदों में पांच चौकों और आठ छक्कों के सहारे 79 रन बनाए. उन्होंने मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया.

वह जिस तरह से क्रीज़ से बाहर निकलकर सफाई के साथ छक्के लगाते हैं, उससे उनमें अपने मेंटर युवराज सिंह की झलक नजर आती है. वह जब 29 रन पर खेल रहे थे, तब आदिल रशीद ने अपने पहले ही ओवर में रिटर्न कैच छोड़ दिया. अभिषेक ने इसका जश्न उनकी आख़िरी तीन गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर मनाया. अभिषेक ने जेमी ओवर्टन की शॉर्ट गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया. अभिषेक को इससे पहले बेथल के हाथों भी जीवनदान मिला था.

अभिषेक ने दिया कोच और कप्तान को श्रेय

मैच जिताने वाली पारी खेलने के बाद अभिषेक शर्मा ने कहा, "मैं तो सिर्फ अपना खेल खेलना चाहता था. इसका श्रेय कोच और कप्तान को जाता है, क्योंकि उन्होंने मुझे खुलकर खेलने की आज़ादी दी. एक युवा खिलाड़ी के लिए कप्तान और कोच का समर्थन मिलना बहुत मायने रखता है. मैं जानता था कि वह शॉर्ट गेंदें डालकर मेरी परीक्षा लेने का प्रयास करेंगे, जिसका मैंने फायदा उठाया."

अभिषेक ने कहा कि हम 160-170 रन का लक्ष्य मिलने की उम्मीद कर रहे थे. पर हमारे गेंदबाज़ों ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करके 133 रन का लक्ष्य ही रहने दिया.

संजू का भी दिखा विस्फोटक अंदाज़

संजू सैमसन ने जोफ्रा आर्चर के पहले ओवर में सिर्फ एक रन बनाया. पर गस एटकिंसन के ओवर में चार चौकों और एक छक्के से 22 रन ठोककर दिखाया कि वह किस अंदाज़ में खेलने वाले बल्लेबाज़ हैं.

पर संजू अपनी इस ज़बरदस्त शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील करने में सफल नहीं हो सके. वह 20 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के से 26 रन बनाने के बाद जोफ्रा आर्चर की गेंद पर कैच आउट हो गए.

संजू अपनी पारी को लंबा भले ही नहीं खींच सके पर आउट होने से पहले इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर दवाब बनाने में सफल हो गए. वैसे भी भारतीय टीम विकेट निकलने पर भी आक्रामक अंदाज़ से खेलना जारी रखती है और यह अंदाज़ इस मैच में भी देखने को मिला.

अर्शदीप के नाम सबसे ज्यादा विकेट

अर्शदीप सिंह इस मैच में दो विकेट निकालकर टी-20 क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए हैं. उन्होंने बेन डकेट का विकेट निकालकर युजवेंद्र चहल के 96 विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. अब उनके नाम 97 विकेट हो गए हैं.

कमेंटेटर सुरेश रैना ने जब अर्शदीप सिंह से पूछा कि क्या वह चेन्नई में खेले जाने वाले दूसरे टी-20 मैच में अपना विकेट का शतक पूरा करने जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि चेन्नई का विकेट देखकर सही स्थिति पता चलेगी.

अर्शदीप ने एक बार फिर दिखाया कि वह शुरुआती ओवरों में ही टीम को सफलता दिलाने का माद्दा रखते हैं. अर्शदीप ने इंग्लैंड का स्कोर 17 रनों तक पहुंचते फिल सॉल्ट और बेन डकेट के विकेट निकालकर इंग्लैंड को बैकफुट पर ला दिया और इस दवाब से मेहमान टीम पूरे मैच में बाहर नहीं निकल सकी.

वरुण की फिरकी से इंग्लैंड की हालत खस्ता

इंग्लैंड को दो झटके जल्दी लग जाने पर कप्तान जोस बटलर और हैरी ब्रुक पारी को संभालने का प्रयास कर रहे थे. वह 48 रन की साझेदारी बनाकर अपने इरादों में सफल होते भी नज़र आ रहे थे.

लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने अटैक पर आते ही हैरी ब्रुक और लियम लिविंगस्टोन के विकेट निकालकर इंग्लैंड की पारी को पटरी से उतार दिया.

जोस बटलर का विकेट वरुण चक्रवर्ती ने ऐसे समय में निकाला,जब इंग्लैंड पारी को गति देकर 160-170 रन तक पहुंच सकती थी.

प्लेयर ऑफ द मैच बने वरुण ने कहा, "मैं आईपीएल में इन विकेट पर खेल चुका हूं. इसलिए मुझे मालूम था कि इस विकेट पर पेस गेंदबाज़ों को ज्यादा मदद मिलेगी. इसलिए मैंने गेंद को बल्लेबाज़ों के पाले से दूर रखने का प्रयास किया. एक गेंदबाज़ के तौर पर मैं अभी भी अपने को 10 में से सात ही अंक दूंगा."

जोस बटलर को नहीं मिला साथ

जोस बटलर को कोलकाता का यह मैदान बहुत भाता है और वह यहां पर शतक भी लगा चुके हैं. उन्होंने हार्दिक पांड्या द्वारा फेंके दूसरे ओवर में चार चौके लगाकर अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए थे.

जोस बटलर एक तरफ़ अच्छी बल्लेबाज़ी करके लगातार स्कोर बढ़ा रहे थे, वहीं दूसरे छोर से लगातार विकेट निकलने से उनके ऊपर दवाब बनता रहा. अगर एक-दो बल्लेबाज़ों का भी उन्हें ढंग से साथ मिल जाता, तो स्कोर लड़ने लायक स्थिति में पहुंच सकता था.

बटलर ने 44 गेंदों में आठ चौकों और दो चक्कों से 68 रन बनाए. उन्होंने 150 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए. पर वह ऐसे समय आउट हो गए, जब चौके-छक्के लगाकर टीम को मज़बूती की तरफ ले जाना था.

मोहम्मद शमी नहीं दिखे एक्शन में

इस मैच में लंबे समय बाद मोहम्मद शमी के वापसी करने की उम्मीद की जा रही थी.

वह 2023 में आईसीसी वनडे विश्व कप के फ़ाइनल में खेलने के बाद से पहली बार एक्शन में दिखने वाले थे. पर भारतीय कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अर्शदीप के रूप में ही स्ट्राइक गेंदबाज़ के साथ खेलने का फैसला किया.

मोहम्मद शमी को अब चेन्नई में वापसी का इंतजार करना पड़ेगा.

वैसे तो विकेट की स्थिति देखकर ही प्लेइंग इलेवन का फैसला होता है. पर आमतौर पर विजयी एकादश में कम ही फेरबदल होता है, इसे देखते हुए शमी को एक्शन में दिखने के लिए और इंतज़ार करना पड़ सकता है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)