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शुभमन गिल को इंडियन टीम का उप कप्तान बनाया जाना किस बात का संकेत है?
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत ने पाकिस्तान और दुबई में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए चुने दल में तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी की वापसी और मोहम्मद सिराज की अनुपस्थिति दो प्रमुख बातें हैं.
साथ ही शुभमन गिल को टीम का उप कप्तान बनाकर चयन समिति ने कहीं ना कहीं अपनी भविष्य की योजना की तरफ़ इशारा किया है.
चयनकर्ताओं ने पिछले साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीकी दौरे में टीम से बाहर होने के बाद श्रेयस अय्यर पर फिर से भरोसा जताया है.
सही मायनों में उन्हें घरेलू सीज़न में रनों का अंबार लगाने का इनाम मिला है.
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शमी की वापसी उत्साहजनक
मोहम्मद शमी साल 2023 में हुए आईसीसी वनडे विश्व कप में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ थे.
इस विश्व कप में वह लगातार एड़ी की तकलीफ़ का सामना कर रहे थे. उन्हें लगातार दर्द निवारक इंजेक्शन लेकर खेलना पड़ा था.
मोहम्मद शमी पिछले साल फ़रवरी माह में अकिलीज़ टेंडन की सर्जरी कराने के बाद से टीम से बाहर थे.
भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के तीसरे टेस्ट में शमी की टीम में वापसी की उम्मीद की जा रही थी. इसकी वजह उनकी घरेलू क्रिकेट में सफल वापसी होना था.
शमी को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ की टीम में चुने जाने से स्पष्ट हो गया था कि वो चैंपियंस ट्रॉफ़ी टीम में चुने जाएंगे.
हम सभी इस बात को अच्छे से जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जसप्रीत बुमराह को अच्छा जोड़ीदार तेज़ गेंदबाज़ नहीं मिलने की वजह से भारत के प्रदर्शन पर असर पड़ा.
गिल को उप कप्तानी देना भविष्य के लिए संकेत
ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टीम के लिए नए कप्तान की बात की जा रही थी.
शुभमन गिल को पहले इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ और अब चैंपियंस ट्रॉफी के लिए उप कप्तान बनाए जाने से यह संकेत ज़रूर मिलता है कि चयनकर्ता उनमें भविष्य का कप्तान देख रहे हैं.
वहीं यशस्वी जायसवाल ने पिछले कुछ समय में अपनी बल्लेबाज़ी की धाक जमा दी है.
वो आक्रामक अंदाज़ में खेलने में विश्वास रखते हैं और ज़रूरत पड़ने पर उनका डिफ़ेंस भी बेहद मज़बूत है.
यशस्वी जायसवाल 19 टेस्ट में 1798 रन और 23 टी-20 मैचों में 723 रन बनाने की वजह से ही वनडे टीम में जगह हासिल कर पाए हैं.
वैसे तो उम्मीद है कि कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल भारतीय पारी की शुरुआत करेंगे, लेकिन जायसवाल की मौजूदगी गिल पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव बनाए रखेगी.
बुमराह खेले तो भारतीय गेंदबाज़ी में आएगी जान
जसप्रीत बुमराह को टीम में तो चुना गया है, पर उनके फ़िट होने के लिए फ़रवरी के पहले हफ़्ते तक इंतज़ार किया जाएगा. अगर बुमराह फ़िट हो जाते हैं तो भारतीय अटैक को चार चांद लग जाएंगे.
चयन समिति ने वैसे तो बुमराह के लिए किसी वैकल्पिक गेंदबाज़ का चयन नहीं किया है.
क्योंकि भारत को 19 फ़रवरी को अपना अभियान शुरू करना है और तब तक बुमराह के पीठ की तकलीफ़ से उबर जाने की उम्मीद है.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में बुमराह के विकल्प के तौर पर हर्षित राणा का चयन किया गया है. इससे लगता है कि बुमराह अगर समय पर फिट नहीं हो पाए तो हर्षित राणा टीम में शामिल होने के लिए तैयार होंगे.
टीम में ऑलराउंडरों पर ज़ोर
भारतीय टीम के चयन को देखकर लगता है कि इसमें ऑलराउंडरों को चुनने पर ज़ोर दिया गया है. टीम में ऑलराउंडरों के तौर पर हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, रविंद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर को चुना गया.
इससे बल्लेबाज़ी तो ज़रूर मज़बूत होगी और ज़रूरत पड़ने पर निचले क्रम से भी रनों की ज़रूरत पूरी हो सकती है, पर दिक्कत यह है कि इन ऑलराउंडरों में स्पिनरों की भरमार है.
लेकिन ऑलराउंडरों पर ज़ोर देने की वजह से टीम में तीन ही तेज़ गेंदबाज़ चुने जा सके हैं. हम सभी जानते हैं कि भारत को अपने मैच दुबई में खेलने हैं और वहां का विकेट हमेशा ही तेज़ गेंदबाज़ों के अनुकूल रहा है.
इस कारण चार स्पिनर और तीन तेज़ गेंदबाज़ों का चयन टीम को संतुलित नहीं दिखाता है.
यह सही है कि टीम में चौथे तेज़ गेंदबाज़ का काम करने के लिए हार्दिक पांड्या हैं. पर टीम में बुमराह, शमी और अर्शदीप सिंह का साथ देने के लिए एक और तेज़ गेंदबाज चुना जाता तो कहीं बेहतर होता.
असल में भारतीय पेस अटैक को दिक्कत तब हो सकती है, जब बुमराह फ़िट नहीं हो सके. ऐसी स्थिति में पेस में धार की कमी दिख सकती है.
बुमराह के फ़िट हो जाने पर उनके साथ मोहम्मद शमी और हार्दिक पांड्या की तिकड़ी साल 2023 के आईसीसी विश्व कप के बाद पहली बार साथ खेलती नज़र आएगी.
सिराज की कमी खल सकती है
मोहम्मद सिराज ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत में लय में नहीं थे पर वह आख़िर में किसी हद तक लय में आ गए थे. उनका नाम टीम में नहीं देखकर थोड़ी हैरानी ज़रूर हुई है.
सही मायनों में टीम में चार स्पिनर चुने जाने की वजह से ही सिराज टीम में जगह नहीं पा सके हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने एक टीवी चैनल पर कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं यदि टीम चुनता तो तीन स्पिनर और चार पेस गेंदबाज़ चुनता और टीम में मोहम्मद सिराज का नाम ज़रूर होता. इसकी वजह शारजाह और दुबई के विकेट पर स्पिनर कुछ खास नहीं कर पाते हैं."
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और कोच गौतम गंभीर दोनों ही आईसीसी वनडे विश्व कप की तरह स्पिनरों के इस्तेमाल के पक्षधर हैं और इस कारण ही टीम में एक तेज़ गेंदबाज़ कम नज़र आता है.
भारत को दुबई में जिस विकेट पर खेलना है, वहां आजकल आईएलटी-20 के मैच खेले जा रहे हैं.
इस विकेट पर खेले गए चार मैचों में तेज़ गेंदबाज़ों ने 41 विकेट लिए हैं और स्पिनरों को केवल आठ विकेट मिले हैं.
श्रेयस अय्यर और कुलदीप से टीम को मज़बूती
श्रेयस साल 2023 के वनडे विश्व कप में 530 रन बनाकर अपनी चमक बिखेरने में सफल रहे थे. लेकिन दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर ख़राब प्रदर्शन के बाद उन्हें एकदम से भुला दिया गया.
वो पिछले साल अगस्त में श्रीलंका के ख़िलाफ़ मौके को भुना नहीं सके.
श्रेयस ने पिछले दिनों विजय हजारे ट्रॉफ़ी में दो शतक लगाकर अपनी चमक को फिर से पा लिया था. श्रेयस के आने से भारतीय मध्यक्रम में मज़बूती आएगी.
वैसे भी श्रेयस हमेशा बिना किसी दबाव के बल्लेबाज़ी करने में विश्वास रखते हैं.
कुलदीप यादव ने पिछले कुछ समय में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन पिछले साल अक्तूबर में पीठ की तकलीफ़ की वजह से उन्हें टीम से दूर रहना पड़ा था.
उन्होंने दो महीने पहले अपनी सर्जरी कराई है और अब फिर से अच्छे टच में दिख रहे हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित