बहराइच सांप्रदायिक हिंसा: यूपी पुलिस ने कहा- दो अभियुक्त एनकाउंटर में गोली लगने से ज़ख़्मी

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इमेज कैप्शन, पुलिस ने कहा है कि दो अभियुक्तों को एनकाउंटर के दौरान गोली लगी

उत्तर प्रदेश पुलिस बहराइच सांप्रदायिक हिंसा में जिन अभियुक्तों की तलाश कर रही थी, उनमें सरफ़राज़ और तालिब को एनकाउंटर में गोली लगी है.

पुलिस का कहना है कि दो अभियुक्तों को एनकाउंटर में गोली लगने के बाद ज़ख़्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुल मिलाकर बहराइच मामले में पांच अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ये पाँचों अभियुक्त कथित रूप से नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क़ानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने कहा कि पाँचों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

अमिताभ यश ने कहा, ''मुझे सूचना मिली है कि गोलीबारी में दो लोग ज़ख़्मी हुए हैं.''

बहराइच में 13 अक्तूबर को 22 साल के गोपाल मिश्रा की देवी दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बहराइच के चीफ़ मेडिकल ऑफिसर संजय कुमार ने कहा था कि गोपाल मिश्रा की गोली लगने से मौत हुई थी.

मिश्रा की हत्या के बाद बहराइच में दंगा भड़क गया था और दुकानों के साथ कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. पूरे मामले में 55 लोगों की अब तक गिरफ़्तारी हुई है और अलग-अलग 11 मुक़दमे दर्ज किए गए हैं.''

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इमेज कैप्शन, बहराइच में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान कई घरों और दुकानों में आग लगा दी गई थी

पुलिस ने किया आगाह

राम गोपाल मिश्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और हिंसा को लेकर फैलाई जा रही अफ़वाह को लेकर बहराइच पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है.

सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों को लेकर बहराइच पुलिस ने एक्स पर बयान जारी किया है.

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बयान में बहराइच पुलिस ने कहा है, "सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़े हुए भ्रामक और झूठे तथ्य कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ग़लत तरीक़े से प्रसारित किए जा रहे हैं. ऐसे सभी अकाउंट्स के विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी."

पुलिस ने ये भी स्पष्ट किया है कि राम गोपाल मिश्रा की मौत गोली लगने से हुई है और इसे लेकर अन्य दावे पूरी तरह ग़लत हैं. जिस इलाक़े में हिंसा हुई है, वो क़स्बा महसी तहसील के अंतर्गत आता है और बहराइच से क़रीब 30 किलोमीटर दूर है.

आरोप है कि पूरा विवाद दुर्गा विसर्जन के दौरान डीजे पर भड़काऊ गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ, जिस पर मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जताई थी.

घटना वाले दिन वहाँ मौजूद पुलिसवालों ने बताया कि विवाद तब बढ़ गया, जब दूसरा पक्ष डीजे बंद करने के लिए तैयार नहीं हुआ तो मुस्लिम पक्ष की ओर से डीजे का तार निकाल दिया गया.

इसके बाद भीड़ ने हंगामा करना शुरू कर दिया.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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