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ब्रिटेन के चुनावों में जीत का परचम लहराने वाले ये हैं भारतीय मूल के नेता
ब्रिटेन में हुए आम चुनावों में लेबर पार्टी को बड़ी जीत मिली है. लेबर पार्टी 14 साल के बाद सत्ता में वापस आ गई है. इस जीत के साथ ही लेबर पार्टी ने कंज़र्वेटिव पार्टी और ऋषि सुनक को सत्ता से बाहर कर दिया है.
इन चुनावों में भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है. जानते हैं कौन हैं भारतीय मूल के वो प्रमुख नेता जिनको ब्रिटेन की जनता ने जीत दिलाई है.
ऋषि सुनकः
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता ऋषि सुनक अपनी पार्टी की करारी हार को रोक नहीं पाए. हालाँकि वो ख़ुद उत्तरी इंग्लैंड की रिचमंड जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं.
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शिवानी राजाः
कंज़र्वेटिव पार्टी की शिवानी राजा ने लेस्टर पूर्व की सीट से जीत दर्ज की है. लेस्टर में जन्मी राजा ने डि मॉन्टफ़ोर्ट यूनिवर्सिटी से कॉस्मेटिक साइंस की पढ़ाई की है. राजा को इस सीट पर क़रीब 31% वोट मिले, जबकि लेबर पार्टी के राजेश अग्रवाल दूसरे नंबर पर रहे जिन्हें क़रीब 21% वोट मिले. इस सीट पर लिबरल डेमोक्रेट के ज़ुफ़्फ़ार हक़ तीसरे नंबर पर रहे हैं.
शौकत एडम पटेल:
शौकत एडम पटेल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लेस्टर साउथ सीट से जीत दर्ज की है. चुनाव जीतने के बाद पटेल ने अपनी जीत को ग़ज़ा के नाम समर्पित किया है.
सुएला ब्रेवरमैन:
कंज़र्वेटिव पार्टी की नेता हैं. भारतीय मूल की सुएला ऋषि सुनक की सरकार में गृह मंत्री थीं. सुनक सरकार में ही उनकी जगह पर जेम्स क्लेवरी को गृह मंत्री बनाया गया था. भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ‘फेयरहैम- वाटरलूविल’ सीट से जीती हैं.
सुएला ने अपनी पार्टी की हार के लिए माफ़ी भी मांगी है. उनके पिता मूल रूप से गोवा के निवासी थे.
उनकी मां भी भारतीय मूल की थीं.
कनिष्क नारायणः
कनिष्क नारायण लेबर पार्टी के नेता हैं और वेल्स वेल ऑफ़ ग्लेमॉर्गन से जीत हासिल की है. वो नस्लीय अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले वेल्स के पहले सांसद हैं. नारायण कार्डिफ़ में पले बढ़े हैं और अब बैरी में रहते हैं.
अपनी जीत के बाद कनिष्क ने कहा है कि उन्हें लोगों को अच्छी सेवा देनी है. कनिष्क का कहना है कि उन्हें अपने इलाक़े के लिए बेहतर रोज़गार और खुशहाली लाना है.
प्रीत कौर गिलः
लेबर पार्टी की उम्मीदवार प्रीत कौर गिल ने बर्मिंघम एजबेस्टन सीट से जीत हासिल की है. उन्हें क़रीब 44 फ़ीसदी वोट मिले हैं. साल 2017 में चुनाव जीतने के बाद गिल ब्रिटेन की पहली महिला सिख सांसद बनी थीं.
गगन मोहिंद्राः
कंज़र्वेटिव पार्टी के गगन महिंद्रा ने साउथ वेस्ट हर्ट्स सीट से जीत हासिल की है. गगन को इस बार साल 2019 के मुक़ाबले और बड़ी जीत मिली है.
नवेंदु मिश्राः
लेबर पार्टी के नेता नवेंदु मिश्रा को स्टॉकपोर्ट सीट से जीत मिली है. नवेंदु मिश्रा ने फिर से अपनी जीत के बाद ट्वीट कर स्टॉकपोर्ट का शुक्रिया अदा किया है. नवेंदु मिश्रा के माता पिता भारत के उत्तर प्रदेश राज्य से ताल्लुक रखते हैं.
लीसा नंदी:
लेबर पार्टी की सदस्य लीसा नंदी ने 2014 से विगन सीट पर अपना कब्ज़ा बरक़रार रखा है. नंदी का जन्म 1979 में मैनचेस्टर मे हुआ था. वो भारतीय मूल के दीपक नंदी की बेटी हैं. लीसा अपने पिता को ब्रिटेन के गिने चुने मार्क्सवादियों में बताती हैं.
तनमनजीत सिंह ढेसी:
लेबर पार्टी के नेता सिख नेता तनमनजीत सिंह ढेसी स्लॉ से सांसद बने हैं. तनमनजीत सिंह ढेसी ने अपनी और लेबर पार्टी की जीत पर ट्वीट कर कहा है कि लोगों ने बदलाव, एकता और खुशहाली के लिए वोट दिया है.
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