वर्ल्ड कप में भारत की हार का जश्न मनाने का आरोप, यूएपीए के तहत केस दर्ज, सात कश्मीरी छात्र गिरफ़्तार- प्रेस रिव्यू

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क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में टीम इंडिया की हार का जश्न मनाने के आरोप में कश्मीर के कृषि विश्वविद्यालय के सात छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है.

इन छात्रों पर यूएपीए यानी अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, ये केस यूनिवर्सिटी के ही एक छात्र की शिकायत पर दर्ज हुआ है.

छात्र का आरोप है कि क्रिकेट वर्ल्ड कप फ़ाइनल में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम जीती तो ये कश्मीरी छात्र पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगा रहे थे और शिकायत करने वाले छात्र को धमका रहे थे.

इस बात को लेकर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में कई छात्रों की एक-दूसरे से तनातनी हो गई थी.

ऑस्ट्रेलिया

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हॉस्टल में स्टूडेंट्स के बीच तनाव

यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स वेलफेयर के डीन डॉ मोहम्मद अबुबकर अहमद सिद्दीक़ी ने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार से छात्रों को गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि की है.

वो कहते हैं, ''इस मामले में सात स्टूडेंट्स को गिरफ़्तार किया गया है. मेरे पास इस केस की ताज़ा जानकारी नहीं है. छात्रों ने हमसे कोई शिकायत नहीं की.''

यूनिवर्सिटी से जुड़े एक अधिकारी ने अख़बार से बताया कि 19 नवंबर को भारत के मैच हारने के बाद अंडरग्रैजुएट छात्रों के बीच हॉस्टल में तकरार हो गई थी.

अधिकारी ने बताया कि इस हॉस्टल में 300 स्टूडेंट्स रहते हैं. इनमें से 30-40 स्टूडेंट्स पंजाब, राजस्थान और दूसरे राज्यों के हैं. 19 नवंबर की रात इन स्टूडेंट्स के बीच भिड़ंत हुई थी.

अधिकारी कहते हैं कि दूसरे राज्यों से आने वाले छात्रों का आरोप है कि भारत की हार के बाद कश्मीरी छात्रों ने जश्न मनाया और बाहरी छात्रों को प्रताड़ित किया गया.

यूनिवर्सिटी के ये अधिकारी कहते हैं, ''दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि छात्रों ने वॉर्डन या यूनिवर्सिटी प्रशासन से कोई शिकायत नहीं की. ये छात्र सीधा पुलिस के पास गए. इन छात्रों ने कोई सबूत दिया या नहीं, ये पुलिस को ही पता होगा.''

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार लिखता है कि ये शिकायत 20 साल के एक छात्र की शिकायत दर्ज हुई और पुलिस ने यूएपीए, आईपीसी सेक्शन 505 और 506 के कहत ये गिरफ़्तारियां की.

वर्ल्डकप फाइनल

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छात्र की शिकायत में क्या?

शिकायतकर्ता छात्र ने अपनी शिकायत में लिखा, ''सात स्टूडेंट्स मैच के बाद आए और मुझे गाली देने लगे. फिर अपने देश का समर्थक होने के कारण मुझे निशाना बनाने लगे.''

छात्र का दावा है कि इन कश्मीरी छात्रों ने गोली मारने की धमकी भी दी थी.

शिकायत में लिखा है कि कश्मीरी छात्रों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए, जिससे बाहरी राज्यों के छात्र ख़ौफ़ से भर गए.

यूनिवर्सिटी के अधिकारी ने कहा कि पुलिस हॉस्टल में आई और वॉर्डन से सात छात्रों को पुलिस को सौंपने को कहा.

वो कहते हैं- ये छात्र फ़िलहाल गांदरबल पुलिस थाने में हैं. पुलिस से यूनिवर्सिटी संपर्क में है और इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस ने पुलिस से संपर्क करना चाहा, मगर कोई जवाब नहीं मिल सका है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़, जम्मू कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन ने गृह मंत्री अमित शाह और एलजी मनोज सिन्हा से यूएपीए हटाने की अपील की है.

भारतीय संसद

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विधानसभा चुनाव नतीजों से एक दिन पहले सभी दलों की बैठक

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने दो दिसंबर को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है.

चार दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होना है. इसे ही ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये बैठक बुलाई है.

आमतौर पर संसद के सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ये बैठक बुलाई जाती है, मगर तीन दिसंबर को विधानसभा राज्यों के चुनावी नतीजे आने हैं.

इसी कारण ये सत्र दो दिसंबर को रखा गया है.

इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि शीतकालीन सत्र चार से 22 दिसंबर के बीच होगा. ये सत्र क़रीब 19 दिनों का होगा.

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले संसद का ये पूर्णकालीन सत्र होगा.

तरनजीत सिंह संधू

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अमेरिका: खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय राजदूत को घेरा

द टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, न्यूयॉर्क में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू के साथ गुरुद्वारे में धक्का-मुक्की हुई है.

ये धक्का-मुक्की खालिस्तान समर्थकों की ओर से की गई है. मामला रविवार का है.

अखबार लिखता है कि जब खालिस्तान समर्थकों ने ज़्यादा हंगामा किया तो भारतीय राजदूत को गुरुद्वारे से जाना पड़ा.

हालांकि गुरुद्वारे में मौजूद सिखों ने तरनजीत का स्वागत भी किया था.

बाद में तरनजीत सिंह संधू ने गुरुद्वारे जाने की तस्वीर को भी साझा किया और बताया कि वो स्थानीय संगत में शामिल हुए.

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अमित शाह

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कोलकाता में बीजेपी 2024 मिशन में जुटी

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कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

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द टेलीग्राफ की ख़बर के मुताबिक़, बीजेपी के वरिष्ठ नेता पश्चिम बंगाल में बीते कई दिनों से एक अहम काम में जुटे हुए हैं.

ये काम है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में भारी भीड़ जुटाना.

2024 चुनावों के मद्देनज़र बुधवार को कोलकाता में अमित शाह की रैली होनी है. इस रैली में कोलकाता के बाहर से भी लोगों को जुटाया जा रहा है.

अखबार लिखता है कि पार्टी ने बीजेपी के हर ज़िलाध्यक्ष को ये लक्ष्य दिया है कि बड़ी संख्या में पार्टी समर्थकों को कोलकाता रैली के लिए लाया जाए.

बीजेपी की कोशिश है कि इस रैली में कम से कम एक लाख लोग जुटाए जाएं.

2014 के लोकसभा चुनावों में महज 17 फ़ीसदी वोट के साथ दो सीटें जीतने वाली बीजेपी के वोटों का आंकड़ा 2019 में 40 फ़ीसदी पहुंच गया था.

बीजेपी ने 2019 में पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 18 सीटें जीती थीं.

वहीं 2021 विधानसभा चुनावों की बात करें तो बीजेपी का वोट शेयर 38.1 फ़ीसदी रहा जबकि ममता बनर्जी का 47.94 फ़ीसदी.

ममता बनर्जी को 294 में से 213 और बीजेपी को 77 सीटों पर जीत मिली थी.

ममता बनर्जी को बीजेपी से क़रीब 10 फ़ीसदी वोट ज़्यादा मिले हैं और यह कोई छोटा फ़ासला नहीं था.

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