You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
इसराइली सेना ने जीप के बोनट पर घायल फ़लस्तीनी को बांधा
- Author, रॉबर्ट प्लमर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
इसराइली सेना ने कहा है कि उसके सुरक्षा बलों ने एक घायल फ़लस्तीनी पुरुष को जीप पर बांधकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है.
वेस्ट बैंक में जेनिन शहर में एक छापे के दौरान सुरक्षा बलों ने ऐसा किया.
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) ने इसकी पुष्टि की.
एक बयान में आईडीएफ़ ने कहा कि छापे के दौरान हुई गोलीबारी में एक संदिग्ध व्यक्ति घायल हो गया था.
घायल व्यक्ति के परिवार ने कहा कि जब उन्होंने एंबुलेंस के लिए कहा, तो सेना के लोग आए और जीप के बोनट पर उसे पर बांध कर ले गए.
बाद में इस व्यक्ति को इलाज़ के लिए रेड क्रीसेंट को सौंप दिया गया.
आईडीएफ़ ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी.
प्रत्यक्षदर्शियों ने समाचार एजेंसी रायटर्स से बात करते हुए उसे स्थानीय व्यक्ति बताया जिसका नाम मुजाहेद आज़मी है.
इसराइली सेना ने क्या बताया
इसराइली सेना ने एक बयान में कहा, "सुबह (शनिवार) को वादी बुरकिन इलाक़े में वांटेड संदिग्धों को गिरफ़्तार करने के लिए चलाए गए काउंटर टेररिज़्म अभियान के दौरान आतंकियों ने इसराइली सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सैनिकों ने भी गोली चलाई."
"इस गोलीबारी के दौरान संदिग्धों में से एक घायल हो गया जिसे गिरफ़्तार कर लिया गया. आदेश और सामान्य प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए संदिग्ध को गाड़ी के ऊपर बांधकर ले जाया गया."
बयान में कहा गया है, "वीडियो में जो घटना रिकॉर्ड हुई है वो इसराइली सेना के मूल्य नहीं हैं. घटना की जांच की जाएगी और उसी के अनुसार कार्रवाई होगी."
उधर, सात अक्टूबर को दक्षिणी इसराइल पर हमास के हमले के बाद ग़ज़ा पट्टी में जब से युद्ध शुरू हुआ है वेस्ट बैंक में हिंसा बढ़ गई है.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पूर्वी यरूशलम समेत वेस्ट बैंक में हुई कई घटनाओं में अब तक 480 फ़लस्तीनी मारे गए हैं जिनमें हथियारबंद ग्रुपों के सदस्य, हमलावर और नागरिक शामिल हैं.
वेस्ट बैंक में छह सुरक्षा बल के सदस्यों समेत 10 इसराइली मारे गए हैं.
दो हवाई हमलों में 38 फ़लस्तीनियों की मौत
हमास ने कहा है कि शनिवार को ग़ज़ा सिटी की इमारतों पर दो अलग अलग इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं.
इसराइली सेना ने कहा है कि लड़ाकू विमानों ने हमास के मिलिटरी ढांचे पर हमला किया. इस बारे में और जानकारी बाद में दी जाएगी.
ग़ज़ा सिविल डिफ़ेंस के प्रवक्ता ने कहा कि ग़ज़ा के ऐतिहासिक रेफ़्यूजी कैंप अल-शाति इलाके के रिहायशी हिस्से में कई हमले हुए हैं.
हमास संचालित सरकारी मीडिया कार्यालय ने कहा है कि एक अन्य हमले में अल-तुफ़ाह इलाक़े में कई घरों को निशाना बनाया गया.
वीडियो फ़ुटेज में दिख रहा है कि धूल और मलबे से भरी सड़क पर लोग घायलों को ले जा रहे हैं और ज़िंदा बचे लोगों की तलाश हो रही है.
इससे पहले आई ख़बरों में मरने वालों की संख्या 42 बताई गई थी.
इसराइली मीडिया में छपी ख़बरों में कहा गया है कि इन हमलों में हमास के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया.
ग़ज़ा सिटी में एक सिविल डिफ़ेंस प्रवक्ता हुसैन मुहैसेन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि हमले का असर किसी भूकंप जैसा था.
उन्होंने कहा, "पूरे इलाक़े को निशाना बनाया गया, घर तबाह हो गए हैं. अभी भी मलबों के नीचे कई परिवार दबे हुए हैं."
"कुछ घायलों को बैप्टिस्ट अस्पताल भेजा गया है और मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश की जा रही है. उपकरणों और एंबुलेंस के लिए ईंधन की कमी की वजह से हालात बहुत ख़राब हैं."
हमास के शीर्ष कमाडंर थे निशाने पर
इसराइली मीडिया के मुताबिक इसराइली सेना ने ग़ज़ा में हमास के शीर्ष कमांडर राद साद को मारने का प्रयास किया है.
रिपोर्टों के मुताबिक़ वे हमास के कई अभियानों के प्रमुख भी रह चुके हैं.
वहीं इसराइल ने लेबनान के भीतर किए एक हवाई हमले में हमास के वरिष्ठ सदस्य और अल जमाल अल इस्लामिया से जुड़े सदस्य को मारने का दावा किया है.
आईडीएफ़ के मुताबिक़ हमास कमांडर अयमान घतमा हमास को हथियार उपलब्ध करवाने के लिए ज़िम्मेदार थे. घतमा को खैरा शहर के क़रीब कार में सफर करते हुए ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया.
शनिवार को इसराइली सेना ने कहा कि दक्षिणी ग़ज़ा के अल-मसावी इलाक़े में हुई गोलीबारी की शुरुआती जांच में पता चला है कि "रेड क्रॉस पर सेना की ओर से कोई सीधे हमला नहीं किया गया था."
बयान में कहा कि इस घटना की तत्काल जांच की गई और नतीजों को सामने रखा गया.
सात अक्टूबर को इसराइल पर हुए हमास के हमले में 1,200 लोग मारे मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था.
हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद ग़ज़ा पर शुरू हुए इसराइली हमलों में अब तक 37,551 लोग मारे गए हैं.
अप्रैल के अंत तक मारे गए लोगों में 14,680 बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग लोग शामिल थे.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)