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फ्रांस में भड़की हिंसा की आग बेल्जियम तक पहुंची, 2300 से ज्यादा लोग गिरफ़्तार
फ़्रांस में अल्जीरियाई मूल के 17 वर्षीय किशोर की पुलिस की गोली से हुई मौत के बाद पूरे देश में भड़की हिंसा की आग थमी नहीं है. हिंसा चौथी रात भी जारी रही.
यहां के शहर नानतेरे में मंगलवार को नाहेल नाम के एक युवक को पुलिस ने गोली मार दी थी. इसके बाद नानतेरे समेत लगभग पूरे देश में हिंसा भड़क उठी थी.
शनिवार को नाहेल की अंत्येष्टि की गई. इस मौक़े पर नानतेरे की इब्न बदिस मस्जिद में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. स्थानीय अख़बारों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग इसके लिए मस्जिद आए.
इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जर्मनी का अपना दौरा फिलहाल के लिए टाल दिया है.
23 साल में पहली बार फ्रांस के राष्ट्रपति जर्मनी का आधिकारिक दौरा करने वाले थे. दौरे के लिए अगली तारीख का अब तक एलान नहीं किया गया है.
फ्रांस में हिंसा की चौथी रात स्थिति पर काबू करने के लिए सरकार ने क़रीब 45 हज़ार पुलिस अफ़सरों को तैनात किया है.
फ्रांस के गृह मंत्री जेराल्ड दारमेनिन ने कहा कि देश में चौथी रात हिंसा में थोड़ी कमी देखी गई और 471 लोगों को गिरफ़्तार किया. जबकि तीसरी रात की हिंसा के दौरान 917 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.
अब तक देश में 2,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए 45,000 पुलिसकर्मी सड़कों पर हैं.
फ्रेंच मीडिया की ख़बरों में कहा गया है कि हिंसा के आरोप में ब्रसेल्स में 100 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. ब्रिटेन ने अपने नागरिकों से कहा है वो फ्रांस की यात्रा न करें.
फुटबॉल स्टार एमबापे ने की शांति की अपील
सरकार ने लोगों से अपने बच्चों को हिंसा से दूर रखने को कहा है.
दारमेनिन ने बताया है कि हिंसा भड़काने के आरोप में 13 साल तक के बच्चों को गिरफ़्तार किया गया है.
इस बीच, फ्रांस के फुटबॉल स्टार किलियान एमबापे ने शांति की अपील करते हुए कहा है कि हिंसा से कोई समाधान नहीं निकल सकता.
उन्होंने लोगों से मृतक का शोक मनाने, आपस में बातचीत कर मसला सुलझाने और हिंसा में नष्ट हुई चीजों को दोबारा खड़ा करने की अपील की है.
नानतरे के मेयर जेरी ने कहा, ''शहर के माहौल में गम और गुस्सा है. आज का दिन इंसाफ की मांग का दिन है."
"वामपंथी और फ्रांस की कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व सदस्य जेरी ने कहा, "हम बेहद कठिन क्षणों को जी रहे हैं. हमें नाहेल की मां के इर्द-गिर्द ही रहना होगा.''
गुरुवार को नाहेल की मां के आह्वान पर नानतेरे में 6000 से अधिक लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.
हालात काबू करने के लिए उतारे गए 45 हजार पुलिसकर्मी
मंगलवार को पुलिस ने नानतेरे में 17 साल के युवक को ट्रैफ़िक चेक के लिए न रुकने पर गोली मार दी थी.
पिछली चार रातों से फ़्रांस में अलग-अलग शहरों में प्रदर्शनकारियों की ओर से भारी आगजनी, आतिशबाज़ी की घटनाएं हुई हैं, जिसमें कई कारें, सरकारी इमारतें नष्ट हो गई हैं.
पेरिस से बीबीसी संवाददाता सोफ़िया बेट्ज़ का कहना है कि 'शहर पर सड़कों का हाल किसी युद्ध के मैदान जैसा हो गया है.'
हालात काबू करने के लिए फ्रांस की सड़कों पर 45 हजार पुलिसकर्मी उतारे गए हैं.
गोली मारने वाले पुलिस अफसर ने मांगी माफी
गोली मारने वाले पुलिस अधिकारी पर हत्या का आरोप दर्ज कर लिया गया है. हालांकि नानतेरे को गोली मारने वाले पुलिस अफसर ने उनके परिवार से माफी मांग ली है.
लेकिन 17 वर्षीय इस अल्जीरियाई मूल के इस किशोर की मौत के बाद लोग, पुलिसिंग और फ्रांस के उपनगरों की पुलिस में नस्लीय प्रोफाइलिंग का सवाल उठा रहे हैं.
कौन था नाहेल
पुलिस ने जिस 17 वर्षीय नाहेल को गोली मारी, वो अपनी मां की इकलौती संतान था.
वो डिलीवरी ब्वॉय का काम करता था और रग्बी का लीग प्लेयर था.
उसकी पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से नहीं हुई थी. उसे अपने शहर के नजदीक सरेसनेस के कॉलेज में भर्ती कराया गया था.
वहां इसे इलेक्ट्रिशियन के तौर पर ट्रेनिंग लेने के लिए भेजा गया.
हालांकि कॉलेज में वो कम ही मौजूद रहता था.
नानतेरे में उसके घर के आसपास रहने वाले उसे अच्छे स्वभाव का किशोर बताया है.
वो अपनी मां मॉनिया के साथ रहता. उसके पिता के बारे में किसी को जानकारी नहीं है.
नाहेल का आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है. लेकिन पुलिस उसे जानती थी.
जिस दिन उसे गोली मारी गई उस दिन उसने अपनी मां को ड्यूटी पर जाते वक्त बड़़े प्यार से विदा किया था.
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