ईरान का हमला, इसराइल ने 300 ड्रोन और मिसाइल गिराने का दावा किया

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- Author, रफ़्फ़ी बर्ग
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
ईरान ने बड़े पैमाने पर इसराइल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं. सीरिया में उसके वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद इसे उसकी जवाबी कार्रवाई बताया जा रहा है.
दोनों प्रमुख विरोधी देशों के बीच सालों से छद्म युद्ध चल रहा है लेकिन ये पहली बार आमने-सामने की लड़ाई है.
वहीं इसराइली सेना का कहना है कि इसराइल और अन्य देशों ने 300 से ज्यादा क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया है, जिसमें से अधिकतर इसराइली एयरस्पेस से बाहर हैं.
इसराइल का कहना है कि इन्हें उनके देश के एयरस्पेस के बाहर ही गिरा दिया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, "हमने उनमें से लगभग सभी को मार गिराने में इसराइल की मदद की है."
जो बाइडन ने ईरानी हमले की निंदा करते हुए कहा कि ईरान और उसके समर्थित प्रॉक्सी समूहों ने यमन, सीरिया और इराक से इसराइल में उसके सैन्य ठिकानों पर एक अभूतपूर्व हवाई हमला किया है.
उन्होंने कड़ी निंदा व्यक्त करते हुए कहा, "ईरान और यमन, सीरिया और इराक से संचालित उसके प्रतिनिधियों ने इसराइल में सैन्य सुविधाओं के खिलाफ एक अभूतपूर्व हवाई हमला किया."
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि ‘ख़ास लक्ष्यों’ को निशाना बनाने के मक़सद से हमला किया गया है.
नेतन्याहू ने बुलाई वॉर कैबिनेट की बैठक

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ईरानी हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री ने वॉर कैबिनेट की बैठक बुलाई.
इसके बाद उन्होंने फोन पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात की. नेतन्याहू ने बताया कि अमेरिका ने इसराइल की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है.
ईरान के ड्रोन छोड़े जाने के बाद इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि देश के डिफ़ेंस सिस्टम्स को काम पर लगा दिया गया है.
“हम किसी भी तरह की स्थिति के लिए तैयार हैं चाहे रक्षात्मक हो या आक्रामक. इसराइल राष्ट्र मज़बूत है. आईडीएफ़ मज़बूत है. जनता मज़बूत है.”
नेतन्याहू ने कहा कि हमारा साथ देने के लिए अमेरिका के साथ-साथ वे ब्रिटेन, फ्रांस और कई अन्य देशों की सराहना करते हैं.
इस हफ्ते की शुरुआत में इसराइल के रक्षा और विदेश मंत्रियों ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने इसराइल पर हमला किया, तो वह ईरान के अंदर जवाबी हमला करेगा.
इसराइली सेना ने क्या बताया

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इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा है, “अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ हम इसराइली राष्ट्र और उसकी जनता की रक्षा करने के लिए पूरी ताक़त से लगे हुए हैं.”
उन्होंने बताया कि इसराइल में कुछ मिसाइलें आकर गिरी हैं जिससे एक मिलिट्री बेस पर मामूली नुक़सान हुआ है और कोई जान नहीं गई है.
एक अन्य ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि ईरान ने रात भर में इसराइल पर 300 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिनमें से 99 प्रतिशत को गिरा दिया गया है.
उन्होंने कहा कि कुछ हमले इराक और यमन से किए गए हैं.
डेनियल हगारी ने कहा है, “ईरान ने ईरानी ज़मीन से इसराइली राष्ट्र पर सीधे हमले शुरू किए हैं.”
“इसराइल की ओर आ रहे ईरान के किलर ड्रोन्स को हम नज़दीकी से देख रहे हैं जिन्हें ईरान भेज रहा है. ये बेहद गंभीर और ख़तरनाक बढ़ोतरी है.”
उन्होंने कहा है कि इसराइल के वायु सेना के विमान हवा में किसी भी तरह के ख़तरे का सामना करने के लिए तैयार हैं.
इसराइल की एंबुलेंस सर्विस का कहना है कि दक्षिणी अरद क्षेत्र में घुमंतू जनजाति की एक 10 साल की बच्ची मलबे से गिरी धारदार चीज़ से घायल हुई है.
इसराइल के रक्षा मंत्री ने क्या कहा

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इसराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलांट ने कहा, ‘’अमेरिका और बाकी सहयोगियों के साथ मिलकर हम इसराइल के क्षेत्र को सुरक्षित रखने में कामयाब रहे हैं. बेहद ही मामूली नुकसान हुआ है.’’
उन्होंने कहा, ‘’लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है. हम अलर्ट पर बने हुए हैं. आईडीएफ(इसराइली सेना) की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं. हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा. हमने हमले को असफल कर दिया है और हम ऐसा करने में कामयाब रहे हैं.’’
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने हवाई हमलों को रोकने के लिए आरएएफ जेट को इराक और सीरिया में किया है.
हमले के बाद इसराइल में सायरन की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं और यरूशलम में भारी धमाके की आवाज़ सुनने को मिली है, क्योंकि शहर में इसराइल के एयर डिफ़ेंस सिस्टम्स ने कई चीज़ों को गिराया है.
लेबनान और इराक़ ने भी बंद किया अपना एयरस्पेस

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ईरान इसराइल से 1,800 किलोमीटर दूर है. वहीं अमेरिका ने नहीं बताया है कि उसने ड्रोन कहां गिराए हैं.
इसराइल, लेबनान और इराक़ ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है और सीरिया और जॉर्डन ने अपने एयर डिफ़ेंस सिस्टम को अलर्ट पर रख दिया है.
1 अप्रैल को सीरिया में वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद ईरान ने बदला लेने की बात कही थी. इस हमले में एक टॉप कमांडर समेत सात सैन्य अफ़सरों की मौत हुई थी.
ईरान ने इस हमले के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया था वहीं इसराइल ने इस हमले की न ही पुष्टि की थी और न ही इसे ख़ारिज किया था.
क्या कर रहा है अमेरिका?

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है.
इसराइल के पीएम नेतन्याहू के प्रवक्ता की ओर से फोन पर बात करने का फोटो जारी किया गया है.
राष्ट्रपति जो बाइडन ने ईरानी हमले के आलोचना करते हुए कहा है कि उनका देश इसराइल के लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
उन्होंने दावा किया कि इसराइल ने अमेरिका की मदद से ईरान की ओर से दागे गए सभी मिसाइल और ड्रोन मार गिराए हैं.
बाइडन ने कहा, “इसराइल के नेताओं के साथ मेरी टीम लगातार संपर्क में बनी हुई है. हम अपने लोगों को बचाने के लिए हर एक ज़रूरी कदम उठाएंगे.”
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि ईरानी हमले को देखते हुए वे रविवार, 14 अप्रैल को जी7 नेताओं की बैठक बुलाएंगे.
इसके अलावा अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी ईरानी हमले की निंदा की है. उन्होंने ईरान और उससे समर्थित प्रॉक्सी समूहों को तुरंत हमले रोकने के लिए कहा है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन वे अपने सैनिकों की रक्षा करने और इसराइल की सुरक्षा करने के मामले में एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे.
ईरानी हमले की खबर आने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने भी कहा कि राष्ट्रपति बाइडन इसराइल की सुरक्षा करने के लिए दृढ़ हैं.
उन्होंने कहा, “अमेरिका इसराइल के लोगों के साथ खड़ा रहेगा और ईरान के इन खतरों के खिलाफ उनकी रक्षा करेगा.”
ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने ईरान के हमलों की निंदा की है और वादा किया है कि वह इसराइल और सभी अपने सभी क्षेत्रीय भागीदारों की सुरक्षा के लिए खड़ा रहेगा.
ईरानी सेना की सबसे शक्तिशाली ब्रांच आईआरसीजी का कहना है कि उसने यह हमला इसराइल के बार-बार किए गए अपराधों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया है, जिसमें सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरान के वाणिज्य दूतावास पर हमला भी शामिल है.
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)
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