अहमदाबाद प्लेन क्रैश: मैथिली पाटिल मुश्किल आर्थिक हालात में पढ़ाई पूरी कर बनी थीं एयर होस्टेस

    • Author, अल्पेश करकरे
    • पदनाम, बीबीसी मराठी के लिए

"हमारी बेटी मुश्किल हालात में पढ़ाई कर एयर होस्टेस बनी थी. इस हादसे ने हमें झकझोर दिया है.''

मैथिली पाटिल के एक क़रीबी ने बीबीसी मराठी से ये बात कही.

मैथिली अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान की क्रू मेंबर थीं. गुरुवार को हुए विमान हादसे में वो भी मारी गई थीं.

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में 241 लोगों की मौत हुई थी. एयर इंडिया ने बताया था कि विमान में यात्री और चालक दल के सदस्य मिलाकर 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई. सिर्फ़ एक शख़्स बच सका था.

इस हादसे में ज़मीन पर विमान की चपेट में भी कुछ लोग आए और कुल मिलाकर कम से कम 270 लोगों की मौतें हुई हैं.

विमान में 12 क्रू मेंबर थे. फ़्लाइट में दो पायलट और दस कर्मचारी थे.

डीजीसीए के मुताबिक़, इस फ़्लाइट को कैप्टन सुमित सभरवाल और फ़र्स्ट ऑफ़िसर क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे.

बचपन से ही एयर होस्टेस बनने का था सपना

मैथिली महाराष्ट्र में रायगढ़ ज़िले की पनवेल तालुका के न्हावा गांव की रहने वाली थीं.

गुरुवार (12 जून) को मैथिली की ड्यूटी अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ़्लाइट संख्या एआई-171 में थी. इसलिए वो मुंबई से अहमदाबाद पहुंचकर 11 जून को ड्यूटी पर आ गई थीं.

दोपहर को जैसे ही विमान हादसे की ख़बर आई मैथिली के परिवार वाले परेशान हो गए. जब मैथिली की कोई ख़बर नहीं मिली तो वो अहमदाबाद रवाना हो गए.

मैथिली के परिवार में माता-पिता, दो बहनें और एक भाई है. मैथिली बड़ी बेटी थीं.

न्हावा गांव के टी.एस. रहमान स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई करने वाली मैथिली का बचपन से ही एयर होस्टेस बनने का सपना था.

उनके घर की माली हालत कोई बहुत अच्छी नहीं थी. साधारण परिस्थितियों में पढ़ाई पूरी की और फिर एयर इंडिया में नौकरी शुरू की.

दुर्घटना के बाद मैथिली के बारे में बीबीसी मराठी से बात करते हुए उनके रिश्तेदार और न्हावा गांव के पूर्व सरपंच जीतेंद्र म्हात्रे ने कहा, "मैथिली ने बहुत ही कम संसाधनों में अपनी शिक्षा पूरी की और एयर होस्टेस बनीं. इस घटना ने हमें झकझोर दिया. हमारे परिवार के कुछ सदस्य अहमदाबाद गए हैं. हम सरकार और प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि मैथिली वापस नहीं आएगी लेकिन परिवार को सहारा मिलना चाहिए.''

मैथिली पाटिल के पिता पनवेल के पास ओएनजीसी में श्रमिक हैं.

मैथिली के स्कूल की प्रिंसिपल डेज़ी पॉल ने मैथिली पाटिल को याद करते हुए कहा कि वह बहुत ही शांत, अनुशासित, बुद्धिमान और ख़ुश रहने वाली छात्रा थीं.

पॉल ने बताया कि दो महीने पहले स्कूल ने पूर्व छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया था, तब वह आई थीं.

उन्होंने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उन्हें इस क्षेत्र में करियर के अवसरों के बारे में बताया.

विमान उड़ने के तुरंत बाद हादसा

गुरुवार को एयर इंडिया की फ़्लाइट एआई 171 अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रही थी. लेकिन उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान हादसे का शिकार हो गया.

विमान एक हॉस्टल पर जा गिरा. बीबीसी से बात करते हुए एक अस्पताल कर्मचारी ने बताया, "घटना के बाद हर जगह काला धुआँ फैल गया. वहां लोगों के शव पड़े थे. इस घटना ने मुझे 2001 में आए भूकंप की याद दिला दी."

टाटा समूह ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी कंपनी दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद देगी.

टाटा समूह ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह घायलों के इलाज का ख़र्च उठाएगा.

चंद्रशेखरन ने यह भी कहा है कि वह बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास भवन के पुनर्निर्माण में मदद करेगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित