गदर 2: सनी देओल की फ़िल्म की बॉक्स ऑफ़िस पर 'सुनामी', क्या रचेगी सबसे ज़्यादा कमाई का रिकॉर्ड?

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- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
सनी देओल की फ़िल्म गदर-2 का बॉक्स ऑफ़िस पर धमाल जारी है. बीते शुक्रवार को रिलीज़ हुई ये फ़िल्म शुरुआती नौ दिन में देश में 336 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है.
फ़िल्म देखने के लिए जिस संख्या में लोग थिएटर का रुख कर रहे हैं, उसे देखते हुए फ़िल्म समीक्षक इसे ‘बॉक्स ऑफ़िस मॉन्स्टर’ (यानी ज़बरदस्त कमाई करने वाली फ़िल्म) और ‘बॉक्स ऑफ़िस सुनामी’ बता रहे हैं.
फ़िल्म समीक्षकों के मुताबिक रिलीज़ के दूसरे शनिवार को गदर-2 ने 31.07 करोड़ की कमाई की और अब तक कुल कारोबार 336.2 करोड़ का किया है.
इस दौरान, ये फ़िल्म बजरंगी भाई जान के लाइफ़ टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ चुकी है. फ़िल्म समीक्षक तरण आदर्श का अनुमान है कि गदर-2 रविवार को पीके और संजू जैसी कामयाब फ़िल्मों के लाइफ़ टाइम बिजनेस को पीछे छोड़ सकती है और जल्दी ही ये केजीएफ़-2 के हिंदी वर्जन की कमाई को पीछे छोड़ सकती है.
केजीएफ़-2 कमाई के लिहाज से तीसरी सबसे कामयाब फ़िल्म है.

400 करोड़ का आंकड़ा दूर नहीं!
11 अगस्त, 2023 को ग़दर- 2 की रिलीज़ के पांचवें दिन भारत का स्वतंत्रता दिवस था. उस दिन ग़दर- 2 ने रिकॉर्ड कमाई की. उसने कमाई के पिछले सभी आंकड़े पीछे छोड़ दिए.
इस एक दिन ग़दर- 2 ने 55.40 करोड़ रुपये की कमाई की.
फ़िल्म समीक्षक तरण आदर्श ने ट्वीट किया, "15 अगस्त के दिन इस फ़िल्म ने कमाई के पुराने सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया. 11 अगस्त को 40.10 करोड़ रुपये, 12 अगस्त को 43.08 करोड़ रुपये, 13 अगस्त को 51.70 रुपये, 14 अगस्त को 38.70 करोड़ रुपये और 15 अगस्त को 55.40 करोड़ रुपये की कमाई की."
उन्होंने लिखा, "15 अगस्त को आलम ये था कि न केवल सिंगल स्क्रीन बल्कि मल्टीप्लेक्स में भी टिकटें उपलब्ध नहीं थीं. स्पष्ट है कि सप्लाई (आपूर्ति) की तुलना में डिमांड (मांग) कहीं अधिक है."
अब इसने एक और बड़ा रिकॉर्ड बना डाला है. शनिवार को फ़िल्म की कमाई का आंकड़ा 300 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है और इसके साथ ही यह सबसे तेज़ 300 करोड़ रुपये कमाने वाली फ़िल्म बन गई है.
फ़िल्म समीक्षकों ने अनुमान जताया है कि इस हफ़्ते के अंत तक इसका कारोबार 400 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा.

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रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन की वजह
अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी ये फ़िल्म साल 2001 की ब्लॉकबस्टर 'गदर: एक प्रेम कथा' की सीक्वेल है.
ऐसा बहुत कम ही देखने को मिला है कि कोई सीक्वेल दो दशक बाद भी अपना पुराना करिश्मा बरकरार रखती है.
फ़िल्म समीक्षक तरण आदर्श ने ग़दर- 2 की रिलीज़ के दिन इसे साढ़े चार रेटिंग दी और एक शब्द में ब्लॉकबस्टर तक बता दिया था.
फ़िल्म आशिक़ी का सीक्वेल भी 23 साल बाद रुपहले पर्दे पर आया था और 2013 में उसने 100 करोड़ रुपये की कमाई की थी.
ग़दर- 2 के फ़िल्म निर्माताओं की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि पंजाब जैसे प्रांत में किसी हिंदी फ़िल्म के लिहाज से इसका कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
महिला फ़िल्म समीक्षक भारती दुबे बीबीसी की सहयोगी मधु पाल से सनी देओल की ग़दर- 2 की सफलता की एक बड़ी वजह राष्ट्रवाद को बताती हैं.
वे कहती हैं, "हम जिस जमाने में रह रहे हैं वो राष्ट्रवाद का है. सनी ने इस फ़िल्म का प्रमोशन भी जबरदस्त किया है."
"स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले इसे रिलीज़ किया जाना इसके हिट होने की एक बड़ी वजह है. यह फ़िल्म राष्ट्रवाद को जगाती है. ऐसा नहीं है कि इसकी कहानी में दम है लेकिन दर्शकों के बीच 'ग़दर एक प्रेम कथा' को लेकर जो क्रेज था उसका सीधा फ़ायदा 'ग़दर- 2' को मिला है. फ़िल्म की टाइमिंग इसके गाने सभी सटीक बैठे हैं."
वे कहती हैं कि सनी ने वापसी की हैं, "सनी देओल की उम्र 66 साल की है वो सीनियर सिटीजन हैं और ऐसा कह सकते हैं कि उन्होंने एक बड़ी वापसी की है."

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वहीं फ़िल्म समीक्षक गिरीश वानखेड़े बीबीसी की सहयोगी मधु पाल से कहते हैं, "15 अगस्त के दिन लोग राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहते हैं. इस फ़िल्म में मां-बाप और पाकिस्तान वो सभी मसाला है जो लोगों के बीच एक हिट फॉर्मूला भी है. लोगों को यह फ़िल्म जम गई है."
वे कहते हैं, "इसका इमोशनल कनेक्ट भारतीय दर्शकों के साथ जबरदस्त है. यह भारत की फ़िल्म है जिसे हिंदुस्तान की फ़िल्म बोल रहे हैं. तो कहीं न कहीं ये भाव भी है कि हमारा हिंदू हीरो बहुत बड़ा है. लेकिन वो बहुत छोटी मात्रा में है. बड़ी मात्रा में ये बात है कि हर भारतीय का दिल फ़िल्म से जुड़ गया, चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान. सनी देओल की इमेज धर्म से परे है. ये बड़ी बात है. उस परिधि में कोई दूसरा एक्टर नहीं आता."
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ओएमजी-2 और जेलर से कड़ा मुक़ाबला
ग़दर- 2 के लिए बॉक्स ऑफ़िस की कसौटी आसान नहीं थी. 11 अगस्त को ही अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी की ओएमजी- ओह माइ गॉड- 2 भी रिलीज़ हुई.
बॉक्सऑफ़िस पर नज़र रखने वाली वेबसाइट सैकनिक के आंकड़ों के मुताबिक़ ओएमजी- 2 अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है.
11 अगस्त को ही दक्षिण के सुपरस्टार चिरंजीवी, तमन्ना भाटिया और कीर्ति सुरेश जैसे स्टारकास्ट वाली फ़िल्म 'भोला शंकर' भी रिलीज़ हुई लेकिन बॉक्स ऑफ़िस पर वो औंधे मुंह गिर गई.
वहीं सुपरस्टार रजनीकांत की फ़िल्म 'जेलर' भी उसी दिन रिलीज़ हुई और लगातार नए कीर्तिमान गढ़ रही है.
'जेलर' ने कमाई के के मामले में ढाई सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. 'जेलर' की ओवरसीज़ कमाई को भी जोड़े तो यह एक बड़ा ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है. जेलर की पूरी दुनिया में कमाई का आंकड़ा साढ़े चार सौ करोड़ के क़रीब पहुंच गया है. वर्ल्ड वाइड कमाई के मामले में 'जेलर' ने 'ग़दर- 2' को भी पीछे छोड़ दिया है. 'ग़दर- 2' की ओवरसीज़ ग्रॉस कमाई अब तक 35 करोड़ रुपये के क़रीब हुई है.

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फ़िल्म समीक्षकों के मुताबिक़ इसके मुख्य दर्शक उत्तर भारतीय दर्शक हैं और यही उसकी कम ओवरसीज़ कमाई में भी दिख रही है.
उनके मुताबिक़ इसकी उत्तर भारतीय सिनेमाघरों में ऑक्यूपेंसी 88 प्रतिशत रही है. हालांकि इसके साथ ही रिलीज़ हुई ओह माइ गॉड- 2 ने दर्शकों का एक वर्ग अपनी ओर खींच लिया है. अगर यह फ़िल्म अकेले रिलीज़ होती तो इसकी कमाई इससे भी अधिक होती.
फ़िल्म समीक्षक गिरीश वानखेड़े कहते हैं, "यह ओह माई गॉड जैसी फ़िल्म के साथ रिलीज़ हुई. ओपनहाइमर, बार्बी ने बॉक्स ऑफ़िस ने पहले से ही माहौल बना रखा था. रॉकी और रानी की प्रेम कहानी अब भी अच्छा कर ही रही है. तो इसकी रिलीज़ का समय बहुत अच्छा रहा. फ़िल्म में कर्नल को दिखाते हैं तभी वंदे मातरम का ट्यून आता है. बैकग्राउंड म्यूज़िक है. उसका एक भावनात्मक हिस्सा है. बाप-बेटे के बीच का प्यार है. कुछ हद तक पाकिस्तान विरोधी मनोभाव भी है."

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सनी देओल का दम
सनी देओल पहले भी ब्लॉकबस्टर देते रहे हैं लेकिन उनकी फ़िल्मों के लिए मुक़ाबले भी उतने ही मुश्किल रहे हैं.
यह पहली बार नहीं है जब सनी देओल की फ़िल्म के साथ-साथ अपने जमाने की एक और बड़ी फ़िल्म रिलीज़ हुई हो.
'ग़दर- एक प्रेम कथा' जब पर्दे पर आई थी तो उसी दिन आमिर ख़ान की 'लगान' भी रिलीज़ हुई थी. 15 जून 2001 को रिलीज़ हुई दोनों ही फ़िल्में राष्ट्रवाद पर आधारित थीं.
'लगान' ने जहां क़रीब 60 करोड़ रुपये की कमाई की वहीं 'ग़दर- एक प्रेम कथा' ने 130 करोड़ से अधिक कमाए थे.
22 जून 1990 को सनी देओल की फ़िल्म 'घायल' आई थी, उसी दिन आमिर ख़ान की 'दिल' भी रिलीज़ हुई थी.
तब 'घायल' ने 20 करोड़ रुपये की कमाई की थी तो दिल ने भी 17 करोड़ की कमाए थे. फ़िल्म समीक्षकों ने दोनों ही फ़िल्मों को ब्लॉकबस्टर बताया था.
हालांकि इन आंकड़ों से एक बात तो साफ़ ज़ाहिर है कि सामने चाहे जो भी हो कमाई के नज़रिए से सनी देओल की फ़िल्में बीस ही साबित होती रही हैं.
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पिछले 10 साल से नहीं चली थीं सनी की फ़िल्में
ऐसा नहीं है कि सनी देओल ने 'ग़दर- एक प्रेम कथा' के बाद से जो भी फ़िल्में कीं वो बॉक्स ऑफ़िस पर कामयाब रही हों.
ग़दर एक प्रेम कथा के बाद सनी देओल की 'यमला पगला दीवाना' 2011 में आई. उसने लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की और हिट हुई लेकिन इसके बाद से सनी देओल के सितारे कमोबेश गर्दिश में रहे हैं.
उनकी सीक्वेल 'यमला पगला दीवाना- 2' जब 2013 में आई तो क़रीब 50 करोड़ रुपये की कमाई कर औसत रही.
वहीं 2018 में इसकी तीसरी कड़ी 'यमला पगला रिटर्न्स' केवल 17 करोड़ रुपये की कमाई की और फ़्लॉप साबित हुई.
2022 में उनकी साइकोलॉजिकल थ्रिलर 'चुप' 19 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फ़्लॉप साबित हुई तो 2019 में आई 'ब्लैंक' ने तो केवल आठ करोड़ रुपये ही कमाए.

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ग़दर- 2 की ताक़त
फ़िल्म समीक्षक गिरीश वानखेड़े कहते हैं कि 'ग़दर- 2' सबसे तेज़ 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली 'पठान' और 'आदिपुरुष' के बाद तीसरी फ़िल्म बनी है.
वे कहते हैं, "ये फ़िल्म बहुत बेहतर नहीं है. इसके रिव्यू बहुत जबरदस्त नहीं हैं. 15 अगस्त के ठीक पहले इसकी रिलीज़ हुई. राष्ट्र प्रेम की भावना काम कर गया है. सनी देओल की स्वीकार्यता, उनकी विनम्रता, लोगों का उनके प्रति प्यार ये सभी इस फ़िल्म की सफलता के कई कारण गिनाए जा सकते हैं."
गिरीश वानखेड़े कहते हैं, "ग़दर एक पहेली की तरह रही है, इसकी वही ताक़त दिखी है, इसे लेकर उत्साह रहा है और वो गाने और ड्रामा जिसे लोगों ने 22 साल बाद भी पर्दे पर बहुत सराहा है. लोग उसे भावुकता के साथ देख रहे हैं. लोग ट्रैक्टर लेकर पंजाब में इस फ़िल्म को देखने जा रहे हैं. लोग थियेटर में जाकर उन गानों पर नाच रहे हैं."
क्या फ़िल्म रिलीज़ से पहले ऐसा धमाल करेगी इसका अनुमान था?
इस पर गिरीश वानखेड़े कहते हैं, "फ़िल्में बन जाती हैं, बनाई नहीं जाती. अनिल शर्मा ने भी नहीं सोचा होगा कि ऐसी हिट हो जाएगी. हमने ट्रेलर देखा था, हमें भी ऐसा नहीं लगा था. यह फ़िल्म क़रीब 60 करोड़ रुपये में बनाई गई है और इसकी कमाई साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये पहुंच रही है."
वे कहते हैं कि हर फ़िल्म अपना मुकद्दर लेकर आती है और ग़दर- 2 की तुलना पठान या अन्य फ़िल्मों से करना उचित नहीं है.
इस फ़िल्म के साथ सकारात्मक बात क्या है यह पूछने पर गिरीश वानखेड़े कहते हैं, "देशभक्ति की भावना, पाकिस्तान विरोधी मनोभाव से अधिक मनोरंजन का भाव, दूसरों की आलोचना करने से पहले हम अपने देश की बात करें वो है और एक्शन है और सनी पाजी हैं."
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