मुकेश सहनी के पिता की हत्या का मुख्य अभियुक्त गिरफ़्तार, पुलिस ने बताई हत्या की वजह

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- Author, विभाष झा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
विकासशील इंसान पार्टी के संरक्षक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता की हत्या के बारे में पुलिस ने नई जानकारी दी है.
दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बुधवार देर शाम प्रेस काॅफ्रेंस करके बताया कि इस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त गांव के ही काज़िम अंसारी हैं.
अंसारी ने पुलिस को बताया कि उसने जीतन सहनी से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसे वो चुका नहीं पा रहा था. कर्ज़ के बदले अंसारी के कुछ ज़मीन जीतन सहनी के पास गिरवी रखी हुई थी जिसे वो छुड़ाना चाहता था.
पुलिस ने बताया कि घटना की रात करीब डेढ़ बजे काज़िम अपने साथियों के साथ जीतन सहनी के घर के पीछे के दरवाजे में अंदर गया. इसके बाद जीतन माझी को उठाकर डराया-धमकाया और जमीन के कागजात मांगे.
अंसारी ने पुलिस को बताया कि जीतन में उन्हें गालियां दीं, जिसके बाद अंसारी ने जीतन सहनी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए.
हत्या करने के बाद सभी ने कागजात वाली आलमारी से जमीन के कागज़ात का बक्सा निकाला, लेकिन उन्हें चाबी नहीं मिली, इसलिए बक्से को एक गढ्ढे में फेंक दिया.
एसएसपी ने बताया कि अंसारी ने इस घटना में शामिल जिन-जिन साथियों के नाम बताए हैं, पुलिस उनकी खोजबीन कर रही है.
इसी सप्ताह सोमवार को जीतन सहनी की दरभंगा के बिरौल बाज़ार स्थित उनके घर में हत्या कर दी गई थी.
इस मामले की जांच के लिए दरभंगा (ग्रामीण) की पुलिस अधीक्षक (एसपी) काम्या मिश्रा की अगुआई में एक कमिटी गठित की गई थी.

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क्या है पूरा मामला?
इससे पहले, पुलिस से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि मुकेश सहनी के पिता ने इनमें से दो लोगों को क़रीब ढ़ाई लाख रुपये सूद पर दिए थे, जिसके बदले में उनकी बाइक उन्होंने गिरवी रखी हुई थी.
ये लोग अपनी बाइक छुड़ाने की बात करने के लिए जीतन सहनी के घर गए थे. इसको लेकर इनमें से दो के साथ पहले भी उनका विवाद हुआ था.
मुकेश सहनी के पिता ने इनको सबक सिखाने की धमकी भी दी थी.
डीआईजी ने बताया था कि पुलिस ने इनके अलावा कुछ और लोगों को भी हिरासत में लिया है. उनसे भी पूछताछ की जा रही है.

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प्रशासन पर उठ रहे हैं सवाल
वीआईपी प्रमुख के पिता की हत्या के बाद प्रदेश में बिहार सरकार पर अब सवाल उठने लगे हैं.
युवा राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष राकेश नायक ने कहा, "मुकेश सहनी के पिता की हत्या से एक बात तो साफ़ है कि इस प्रदेश में आम हो या ख़ास कोई भी सुरक्षित नहीं है."
वहीं कांग्रेस आईटी सेल के प्रदेश सचिव सुधीर पांडेय ने कहा, "इस हत्या के मामले को सुलझाने और दोषियों को जल्द गिरफ़्तार करने में सरकार और पुलिस अब तक नाकाम साबित हुई है. इससे साफ़ पता चलता है कि पुलिस पर सरकार की कोई पकड़ नहीं रह गई है."
मुकेश सहनी का सोशल मीडिया पर संदेश

पिता की हत्या के बाद पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक भावुक पोस्ट लिखी है.
उन्होंने लिखा, "मेरे पिता जी की अपराधियों ने बेहरमी से हत्या कर दी. उनको इतनी क्रूरता से मारा गया है कि इसको शब्दों में बयां करना मुश्किल है. उनका ख़ून हमारे घर की दीवारों पर लगा हुआ है. निषाद समाज के लिए यह दिन काला दिवस के रूप में जाना जाएगा. लेकिन यह हमें डरा नहीं सकता."
अंतिम संस्कार में दिखे अलग-अलग दलों के नेता

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मुकेश सहनी के पिता के अंतिम संस्कार से पहले उनके सुपौल बाज़ार स्थित आवास पर पक्ष और विपक्ष के कई नेता एक साथ दिखे.
पिता की हत्या की सूचना के बाद मंगलवार की देर शाम वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी चार्टर्ड उड़ान से मुंबई से पटना पहुंचे, जिसके बाद वो अपने पैतृक घर बिरौल बाजार पहुंचे.
नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और मुजफ़्फ़पुर से भाजपा सांसद राजकुमार निषाद सोमवार देर रात मुकेश सहनी के पैतृक आवास पहुंचे, जहां उन्होंने मुकेश सहनी से मिलकर उन्हें सांत्वना दी.
मुकेश सहनी के पिता के अंतिम दर्शन करने को लेकर बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हज़ारी, अति पिछड़ा कल्याण मंत्री हरि सहनी, भाजपा के पूर्व एमएलसी अर्जुन सहनी, राजद विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ललित यादव, मोहम्मद अली अशरफ़ फ़ातमी सहित कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के अलावा कई नेता मौजूद थे.
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