यूएई के मीडिया में पीएम मोदी के दौरे और मंदिर पर क्या कहा जा रहा है?

नरेंद्र मोदी

इमेज स्रोत, X @MEAIndia

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को यूएई के सातवें दौरे पर पहुँचे हैं. पहली बार पीएम मोदी 2015 में यूएई गए थे. इसी दौरे में वह 14 फ़रवरी को अबू धाबी में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन करेंगे.

मंगलवार को पीएम मोदी अबूधाबी पहुँचे तो उनके स्वागत में यूएई के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाह्यान खड़े थे. पीएम मोदी की यूएई के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हुई.

यूएई के राष्ट्रपति को पीएम मोदी ने 'भाई' कह कर संबोधित किया.

यूएई से छपने वाले अख़बारों और वहाँ की ऑनलाइन मीडिया में उनके इस दौरे को लेकर काफ़ी कुछ छपा है. प्रेस रिव्यू में आज पढ़िए मोदी के दौरे और अबू धाबी में मंदिर के उद्घाटन को लेकर यूएई के मीडिया में क्या कुछ छपा.

मंगलवार शाम को यूएई के ज़ाएद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 'अहलन मोदी' नाम का एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें पीएम मोदी ने वहाँ रह रहे भारतीयों को संबोधित किया. मोदी को सुनने हज़ारों की भीड़ आई थी. इस सभा में शामिल होने के लिए 60 हज़ार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था.

यूएई में 35 लाख भारतीय रहते हैं. यह यूएई में रहने वाली कुल आबादी का एक तिहाई है.

अरबी भाषा में अतिथियों का स्वागत करने के लिए 'अहलन' शब्द का इस्तेमाल किया जाता है.

गल्फ़ न्यूज़ के अनुसार, इस मौक़े पर यूएई के मिनिस्टर ऑफ़ टॉलरेन्स शेख़ नाह्यान बिन मुबारक अल-नाह्यान भी शामिल हुए.

अख़बार ने लिखा है कि 2015 में दुबई में बसे भारतीयों के साथ मोदी की पहली सभा के बाद ये शायद दूसरा ऐसा मौक़ा है, जब इतनी बड़ी संख्या में भारतीय मोदी की सभा में शामिल हुए हैं.

अख़बार के अनुसार, उन्होंने कोविड महामारी के दौरान यूएई में बसे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित के लिए उनका धन्यवाद किया.

नरेंद्र मोदी

इमेज स्रोत, X @MEAIndia

'लगता है कि किसी अपने के घर आया हूँ'

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

वहीं द नेशनल न्यूज़ में छपी एक ख़बर के अनुसार, मोदी ने 40 मिनट के अपने संबोधन में भारत और यूएई के मज़बूत रिश्तों की बात की और कहा कि दोनों देश साथ मिलकर इतिहास का नया अध्याय लिख रहे हैं.

द नेशनल न्यूज़ ने 'अहलन मोदी' कार्यक्रम और वहाँ मोदी के संबोधन के बारे में विस्तार से लिखा है. अख़बार लिखता है कि मोदी शाम को सात बजे स्टेडियम पहुंचे लेकिन कुछ भारतीय वहाँ सवेरे साढ़े दस बजे से पहुँच चुके थे.

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "मुझे 2015 की अपनी वो पहली यात्रा याद है. मुझे केंद्र सरकार में आए बहुत अरसा नहीं बीता था. तीन दशक के बाद किसी भारतीय पीएम की यहां यात्रा थी. एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने के लिए तब के क्राउन प्रिंस और आज के राष्ट्रपति, अपने पाँच भाइयों के साथ आए थे. वो गर्मजोशी, उनकी आंखों में वो चमक, मैं कभी भूल नहीं सकता. उस पहली मुलाक़ात में ही मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपने किसी क़रीबी के घर आया हूँ."

पीएम मोदी से पहले इंदिरा गांधी 1981 में यूएई गई थीं.

मोदी ने कहा, "10 साल में ये यूएई का मेरा 7वां दौरा है. भाई शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद आज भी मुझे एयरपोर्ट पर रिसीव करने आए थे. उनकी गर्मजोशी वही थी, उनका अपनापन वही था. यही बात उन्हें बहुत ख़ास बना देती है."

उन्होंने कहा, "मेरे भाई शेख़ मोहम्मद चार बार भारत आए हैं, जब वो यहां आए, यहां के लोगों ने उनका दिल से स्वागत किया. मैं जब भी उनसे मिला उन्होंने यूएई की अर्थव्यवस्था में वहाँ बसे भारतीयों के योगदान की तारीफ़ की."

खलीज टाइम्स के अनुसार, दो दिन के दौरे पर यूएई गए मोदी ने वहाँ राष्ट्रपति से मुलाक़ात की और इस दौरान कई समझौतों और ख़ासकर द्विपक्षीय निवेश से जुड़े एक समझौते की घोषणा की.

राष्ट्रपति से मुलाक़ात करते हुए उन्होंने दोनों मुल्कों के बीच गहरे और मज़बूत संबंधों ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा, "जब भी मैं यहाँ आता हूं और आपके लोगों के बीच होता हूँ मुझे हमेशा लगता है कि मैं अपने घर, अपने लोगों के बीच आया हूँ. हमारे बीच क़रीबी रिश्तों का एक सबूत यही है कि बीते सात महीनों में पांच बार हमारी मुल़ाक़ात हुई है, जो शायद असाधारण है."

मोदी

यूएई में यूपीआई पेमेंट लॉन्च और दूसरे समझौते

विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच इस दौरान 10 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं.

यूएई के साथ भारत ने 2022 मई में यूएई-भारत व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (कॉम्प्रीहेन्सिव इकॉनोमिक पार्टनरशिप अग्रीमेन्ट) किया था.

इसके अलावा अब भारत ने यूएई के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौता किया है जो आने वाले वक़्त में दोनों में निवेश बढ़ाने में मदद करेगा.

अब भारत और यूएई के बीच हुए समझौते के बाद बिना किसी रुकावट के दोनों देशों के बीच पैसे का ट्रांजैक्शन हो सकेगा. इसके लिए भारत की यूपीआई को यूएई की एएएनआई से इंटरलिंक कर दिया गया है.

दोनों के बीच उर्जा सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में संबंधों को मज़बूत करने को लेकर सहमति हुई है. इसमें ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सतत उर्जा और उर्जा स्टोरेज को प्राथमिकता दी जाएगी.

जी20 के वक्त इंडिया मिडल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर बनी सहमति के बाद इस पर बात आगे बढ़ाई गई. इससे कच्चे के तेल के साथ अन्य वस्तुओं के सप्लाई चेन को मज़बूती मिलेगी.

दोनों देशों के नेशनल आर्काइव के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत पुराने महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों के पुनरुद्धार और उनके रखरखाव का काम किया जाएगा.

गुजरात के लोथल में मैरिटाइम हेरिटेज म्यूज़ियम पर मिलकर काम करने पर सहमति बनी है.

यूएई में बसे भारतीय छात्रों की शिक्षा के लिए हाल में अबु धाबी में नया आईआईटी खोला गया है. इस साल जनवरी में पहला अकादमिक प्रोग्राम चालू किया गया है.

दुबई में सीबीएसई का नया दफ्तर भी बनाया जा रहा है.

यूएई

मंदिर के लिए राष्ट्रपति ने उपहार दी ज़मीन

गल्फ़ न्यूज़ के अनुसार, शेख़ मकतूम बिन राशिद रोड पर बने जिस मंदिर के उद्घाटन के लिए मोदी यूएई गए हैं, उसका निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी बीएपीएस ने करवाया है. ये मंदिर दुनिया भर में इस संस्था के बनाए एक हज़ार मंदिरों और 3,850 केंद्रों में से एक है.

मंदिर के उद्घाटन के दौरान होने वाली पूजा परंपरा के अनुसार हो, ये सुनिश्चित करने के लिए भारत से सात वरिष्ठ पुजारी अबूधाबी गए थे.

27 एकड़ पर बने इस मंदिर के लिए ख़ुद राष्ट्रपति अल-नाह्यान ने ज़मीन उपहार के तौर पर दी थी. इस मंदिर में सात टावर हैं, जो यूएई में मौजूद सात अमीरात को दर्शाती हैं.

इसमें 30 हज़ार नक्काशी वाले पत्थर लगाए गए हैं, जो राजस्थान के क़रीब 25 हज़ार कलाकारों ने तैयार किए हैं. इनमें हाथी, मोर, गाय जैसी तस्वीरें उकेरी कई हैं जो भारतीय धर्मग्रंथों से जुड़ी कहानियां कहती हैं. वहीं इनमें अरब संस्कृति से जुड़े संकेत भी उकेरे गए हैं, जैसे ओरिक्स और गज़ेल (एक तरह के हिरण), ऊंट और बाज़.

मंदिर में तीन जलकुंड हैं जो भारत की तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती को दर्शाती हैं. इस मंदिर में एक 'वॉल ऑफ़ हार्मोनी' (सद्भावना की दीवार) भी बनाई गई है जो वहाँ के वोहरा समुदाय ने दान में दिया है.

यूएई

इमेज स्रोत, @narendramodi

भारत और यूएई में व्यापारिक संबंध

भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है.

1970 के दशक में दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार महज़ 18 करोड़ डॉलर का था जो आज की तारीख़ 85 अरब डॉलर पहुँच गया है.

2021-22 में यूएई भारत का चीन और अमेरिका के बाद तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर था.

2022-23 में भारत ने अमेरिका के बाद सबसे ज़्यादा निर्यात यूएई को किया था. 2022-23 में भारत ने यूएई में 31.61 अरब डॉलर का निर्यात किया था.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, एफ़डीआई के मामले में यूएई भारत में सातवाँ बड़ा निवेशक है.

भारत यूएई को मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पाद, महंगे मेटल्स, पत्थर, जूलरी, खनीज, खाद्य सामग्री, कपड़े, इंजीनियरिंग और मशीनरी उत्पाद निर्यात करता है.

यूएई भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश है. इसके साथ ही यूएई में भारत एलपीजी और एलएनजी का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है.

यूएई में 35 लाख भारतीय रहते हैं और इन्होंने 2022 में 20 अरब डॉलर कमाकर भारत भेजे थे.

यूएई से आने वाला रेमिटेंस साल दर साल बढ़ रहा है. 1970 और 80 के दशक में यूएई में काम करने वाले 80 से 90 फ़ीसदी भारतीय मज़दूरी करते थे लेकिन अब स्थिति बदल गई है. अब 35 फ़ीसदी भारतीय वाइट कॉलर जॉब में हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

वीडियो कैप्शन, अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर तैयार, क्या है उसमें ख़ास?