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यूक्रेन मॉस्को में घुसकर रूसी जनरल को मारने में कैसे सफल रहा
- Author, ज़ना बेज़पिअतचुक, इल्या बराबनोव, टॉम सैनतोरेली
- पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस
यूक्रेन सिक्यॉरिटी और ख़ुफ़िया सर्विस के सूत्रों ने बीबीसी यूक्रेन न्यूज़ से पुष्टि की है कि उनके एजेंट रूसी सेना और उसके शीर्ष अधिकारियों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं.
इनका कहना है कि इस तरह के ऑपरेशन यूक्रेन के दुश्मनों के ख़िलाफ़ हर जगह किए जा रहे हैं. यूक्रेन के सूत्रों ने बताया कि ऐसे ऑपरेशन रूस ने यूक्रेन के जिन इलाक़ों पर क़ब़्जा किया है, वहाँ तो चलाए ही जा रहे हैं, इसके अलावा रूस के भीतर और विदेशों में भी इस तरह के अभियानों को अंजाम दिया जा रहा है.
सैन्य विशेषज्ञ और सिक्यॉरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन (एसबीयू) के पूर्व अधिकारी ईवान स्तूपक के अनुसार, रूस के शीर्ष के जनरल लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव को जिस तरह से मारा गया, उसकी तुलना इसराइली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने इसी साल लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ जो पेजर हमला किया था, उससे की जा रही है.
ऐसा माना जा रहा है कि जनरल किरिलोव को स्कूटर में छुपाकर रखे गए विस्फोटक से मारा गया.
ईवान स्तूपक ने कहा कि यूक्रेन की सीक्रेट सर्विस को फ़ैसला करना था कि या तो शूट किया जाए, या उड़ा दिया जाए या ज़हर दिया जाए. हालांकि यूक्रेन के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. स्तूपक ने कहा कि रूसी आक्रामकता के ख़िलाफ़ किसी भी ऑपरेशन, तैयारी और समर्थन को एसबीयू तवज्जो दे रहा है.
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किन पर निशाना
यूक्रेन की ख़ुफ़िया सर्विस जीयूआर ने टारगेट की लिस्ट प्रकाशित की है, उसमें रूसी जनरल और रूसी एयरफ़ोर्स के अन्य कमांडर हैं, जिन्होंने यूक्रेन के शहरों में एनर्जी ग्रिड पर हमला किया था.
लेकिन जब सीक्रेट सर्विस कोई ऑपरेशन का फ़ैसला करता है तो इस बात का मूल्यांकन किया जाता है कि वह व्यक्ति कितना अहम है और वहाँ तक पहुँचना कितना आसान है.
एसबीयू के पूर्व अधिकारी ईवान स्तूपक ने बीबीसी से कहा, ''यह ऑपरेशन एक उच्चस्तरीय पेशेवर काम था. ऐसे ऑपरेशन को लोगों का एक समूह अंजाम देता है. इसमें पहले देखा गया होगा कि उस जनरल के पास कोई हथियार तो नहीं है. कोई साथ में तो नहीं है.''
''ऑपरेशन को अंजाम देने वाले अगर विस्फोटक के साथ मॉस्को की सड़कों पर पकड़े जाते या वीडियो सर्विलांस में पकड़े जाते तो ख़तरे में पड़ जाते. इसके लिए एक सुरक्षित रणनीति बनानी होती है ताकि ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकला जा सके.''
स्तूपक ने कहा, ''इसी तरह के ऑपरेशन की योजना बनाने वाले एक ऑपरेटिव ने मुझसे कहा था कि जब वह ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अपने लोगों को भेजता है तो 20 मिनट का वक़्त भी तीन दिन की तरह लगता है. इसमें जो भी शामिल होते हैं, उनके लिए यह काफ़ी ख़तरनाक और भयावह होता है.''
ख़ुफ़िया और ग़लत सूचना
रूसी केमिकल वॉर्फेर डिफेंस के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव यूक्रेनी सीक्रेट सर्विस के निशाने पर थे.
54 साल के किरिलोव पर एसबीयू ने आरोप लगाया था कि वह प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए ज़िम्मेदार थे.
एसबीयू ने दावा किया है कि रूस ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल जनरल किरिलोव के नेतृत्व में 48,000 बार किया था.
अक्टूबर में ब्रिटेन ने किरिलोव पर प्रतिबंध लगाया था. ब्रिटेन ने भी कहा था कि जनरल किरिलोव ने यूक्रेन में रासायनिक हथियार का इस्तेमाल किया है. ब्रिटेन जनरल किरिलोव पर रूस के प्रॉपेगैंडा के तहत ग़लत सूचनाएं भी फैलाईं. हालांकि मॉस्को ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
जनरल किरिलोव को यूक्रेन में रूसी हमले के बाद ग़लत सूचनाओं के कैंपेन चलाने का मुख्य कर्ता-धर्ता माना जाता था. उनपर ये आरोप भी था कि उन्होंने पश्चिम के देशों के ख़िलाफ़ जैविक हथियारों के इस्तेमाल की कोशिशें की हैं.
किरिलोव ने दावा किया था कि अमेरिका रूस में एचआईवी और हेपटाइटिस बी से पीड़ित जानवरों को छोड़ने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका रूस में मच्छरों के वैसे झुंड को छोड़ना चाह रहा है जो कई विषाणुओं से संक्रमण फैला सकते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिका नई महामारी के लिए वायरस छोड़ने की तैयारी कर रहा है. जनरल किरिलोव ने यह भी कहा था कि अमेरिका यूक्रेन में ऐसा माहौल तैयार कर रहा है कि जहरीली चीज़ों का इस्तेमाल हो सके और पूरा आरोप रूस पर लगे.
उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका सोवियत संघ से अलग हुए कई देशों में जैविक प्रयोगशाला बना रहा है.
जनरल किरिलोव आरोप लगाने के मामले में काफ़ी सक्रिय थे. रूसी सेना का कोई भी अधिकारी पत्रकारों से इतनी बातें नहीं करता था जितनी जनरल किरिलोव किया करते थे. जिस दिन उनकी हत्या हुई, उस दिन भी उनकी किसी प्रेस ब्रीफ़िग की योजना थी.
पुतिन के लिए झटका
कहा जा रहा है कि किरिलोव के ख़िलाफ़ ऑपरेशन सिक्यॉरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन ने किया है.
रूस की राजधानी मॉस्को में घुसकर सफल ऑपरेशन को अंजाम देना बताता है कि यूक्रेन के एजेंट कितने आश्वस्त हैं.
सामान्य तौर पर सीक्रेट सर्विस इस तरह के ऑपरेशन के बाद उसकी ज़िम्मेदारी लेने की जल्दबाज़ी नहीं दिखाती है क्योंकि वे अपने एजेंट को ख़तरे में नहीं डालना चाहती है.
एक दिन पहले ही रूस के रक्षा मंत्रालय की बैठक हुई थी. इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रक्षा मंत्री एंद्रेई बेलौसोव ने यूक्रेन में युद्ध की रणनीतियों पर बात की थी कि कैसे इसे जीत की ओर बढ़ाया जाए. इस बैठक के एक दिन बाद ही रूसी जनरल की मॉस्को में हत्या कर दी गई.
पुतिन का वार्षिक टीवी संबोधन होने वाला है और उसके पहले जनरल किरिलोव की हत्या हुई है. इस संबोधन में पुतिन रूस के लोगों को आश्वस्त कर सकते हैं कि सब कुछ ठीक चल रहा और पश्चिम के प्रतिबंधों से रूस में विकास की प्रक्रिया तेज़ी से बढ़ी है.
पूर्व खुफ़िया अधिकारी स्तूपक कहते हैं, ''इस हत्या का असर पोर्कोवस्क के पास फ़्रंटलाइन पर नहीं पड़ेगा, जहाँ रूसी बलों ने बढ़त हासिल कर रखी है लेकिन पुतिन यूक्रेन से बदला लेने की बात करेंगे. यह रूस के लिए गंभीर मसला है. मैं कल्पना कर सकता हूँ कि रूसी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों के लिए यह नींद उड़ाने वाला ऑपरेशन था. इन अधिकारियों के बॉस लगातार यह सवाल पूछ रहे होंगे कि यह मॉस्को में कैसे संभव हुआ?''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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