बीबीसी और जियो की पार्टनरशिप, पूरे भारत में अब ऑडियंस को मिलेगा बीबीसी का भरोसेमंद कंटेंट

बीबीसी ने जियो टीवी और जियो प्लस टीवी के मालिकाना हक़ वाली कंपनी जियो मीडिया लिमिटेड के साथ एक करार किया है.
बीबीसी और जियो मीडिया लिमिटेड ने इस समझौते की पुष्टि की है. इसके तहत बीबीसी न्यूज़ हिन्दी, बीबीसी न्यूज़ मराठी और बीबीसी न्यूज़ गुजराती को जियो के कनेक्शन वाले टीवी और मोबाइल ऐप पर देखा जा सकता है.
इससे ऑडियंस बीबीसी के कार्यक्रम को जियो के डिजिटल स्ट्रीम और फ़ास्ट चैनल (फ़्री एड-सपोर्टेड स्ट्रीमिंग टीवी) के ज़रिए देख और सुन सकते हैं. इससे पूरे भारत के लोगों के लिए बीबीसी की पत्रकारिता और कंटेंट तक पहुंच बनाने का एक नया रास्ता बनेगा.
स्ट्रीम और फ़ास्ट चैनल हर रोज़ 18 मिनट का लाइव हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन मुहैया कराएगा. इसके साथ ही यहां पूरे सप्ताह चौबीसों घंटे बीबीसी के कंटेंट मौजूद रहेंगे.
इस मौक़े पर बीबीसी न्यूज़ साउथ एशिया के रीज़नल डॉयरेक्टर टिम ऑफ़र्ड ने कहा, "बीबीसी की पहुंच दुनिया के किसी देश के मुक़ाबले भारत में ज़्यादा लोगों तक है. यह समझौता हमारी मौजूदगी को आगे बढ़ाएगा और इससे भारत के ऑडियंस तक सर्विस पहुंचाने की हमारी क्षमता बढ़ेगी.
"हम बीबीसी की स्वतंत्र पत्रकारिता को पूरे भारत के लोगों तक पहुंचाने के लिए जियो के साझेदार बनकर काफ़ी खुशी महसूस कर रहे हैं. इससे हमारी सटीक और निष्पक्ष ख़बरों तक लोगों की पहुंच बढ़ेगी."
बीबीसी हिन्दी फ़ास्ट (एफ़एएसटी) चैनल 16 मार्च को जियो टीवी और जियो टीवी प्लस दोनों पर लॉन्च हुआ.
बीबीसी न्यूज़ मराठी और बीबीसी न्यूज़ गुजराती भी जल्द ही लॉन्च होने वाले हैं.
इस मौक़े पर कलेक्टिव न्यूज़ रूम की को-फ़ाउंडर और एडिटर-इन-चीफ़ रूपा झा ने कहा, "जियो के साथ साझेदारी के ज़रिए हमारा मक़सद बीबीसी की सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता को कलेक्टिव न्यूज़रूम की डिजिटल स्टोरीटेलिंग के साथ मिलाकर भारत में व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है."
उन्होंने कहा, "लोगों की सेवा की भावना के लिहाज से हमारा लक्ष्य यह है कि पूरे भारत में लोगों तक भरोसेमंद, इंगेजिंग और प्रभावशाली ख़बरें पहुंचे."
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस क्या है?

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस दुनिया भर में अंग्रेज़ी सहित 43 भाषाओं में समाचार और समसामयिक घटनाओं की जानकारी देती है. यह वीडियो, ऑडियो और ऑनलाइन माध्यमों के ज़रिए अपनी सेवाएँ देती है.
मूल रूप से बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के ज़रिए, बीबीसी हर हफ़्ते 45 करोड़ 30 लाख लोगों तक पहुँचती है और अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों के बीच वैश्विक दर्शकों ने इसे भरोसे, विश्वसनीयता और निष्पक्षता के मामले में पहला स्थान दिया है.
कलेक्टिव न्यूज़रूम के बारे में

इमेज स्रोत, Collective Newsroom
अप्रैल 2024 में, बीबीसी के भारत में ज़्यादातर कामकाज कलेक्टिव न्यूज़रूम को सौंप दिए गए हैं.
यह पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना बीबीसी के पूर्व कर्मचारियों ने की थी.
कलेक्टिव न्यूज़रूम बीबीसी के कंटेंट को छह भारतीय भाषाओं-हिन्दी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, तमिल और तेलुगु के साथ-साथ अंग्रेज़ी में भी यूट्यूब पर प्रोड्यूस करता है और पब्लिश करता है.

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हाल ही में, इसने बीबीसी बांग्ला और बीबीसी उर्दू के लिए बांग्ला और उर्दू में भी कंटेंट बनाना शुरू कर दिया है. बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर, बीबीसी की एक प्रमुख पहल है, जिसका मक़सद महिला खिलाड़ियों और पैरा एथलीट को सम्मान देना है.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर का प्रोडक्शन और इसे मैनेज भी बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम ही करता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















