बीबीसी का भारत में बदला स्वरूप, कलेक्टिव न्यूज़रूम ने काम शुरू किया

कलेक्टिव न्यूज़रूम

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भारत में बीबीसी का स्वरूप बदल रहा है, आज से स्वतंत्र मीडिया कंपनी के रूप में 'कलेक्टिव न्यूज़रूम' ने कामकाज शुरू कर दिया है.

यह पूरी तरह से एक भारतीय कंपनी है. बीबीसी के चार वरिष्ठ पत्रकारों ने इस्तीफ़ा देकर कलेक्टिव न्यूज़रूम की स्थापना की है.

डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में विदेशी निवेश के नियमों के अनुरूप यह व्यवस्था की गई है.

नई व्यवस्था के तहत कलेक्टिव न्यूज़रूम भारत में बीबीसी के लिए कंटेंट बनाएगा और प्रकाशित करेगा.

प्रभावशाली पत्रकारिता के ज़रिए भारतीय ऑडियंस तक ख़बरें पहुँचाना इसका मकसद है.

संपादकीय आउटपुट को लेकर कलेक्टिव न्यूज़रूम महत्वाकांक्षी है और भारत में पत्रकारिता के उच्च मानक को स्थापित करना चाहता है.

नई कंपनी फ़िलहाल बीबीसी के लिए कंटेंट बनाएगी और प्रकाशित करेगी लेकिन एक स्वतंत्र मीडिया कंपनी के तौर पर भविष्य में दूसरे क्लाइंटों के लिए भी उच्च स्तरीय कंटेंट बनाने का इरादा रखती है.

कलेक्टिव न्यूज़रूम में रूपा झा, सीईओ (बाएं से दूसरी) के साथ उनके साथी डायरेक्टर मुकेश शर्मा (सबसे दाएं), संजॉय मजूमदार (सबसे बाएं) और सारा हसन (दाएं से दूसरी) शामिल हैं.

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इमेज कैप्शन, कलेक्टिव न्यूज़रूम का नेतृत्व रूपा झा, सीईओ (बाएं से दूसरी) के साथ उनके साथी डायरेक्टर मुकेश शर्मा (सबसे दाएं), संजॉय मजूमदार (सबसे बाएं) और सारा हसन (दाएं से दूसरी) कर रहे हैं.
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कलेक्टिव न्यूज़रूम की सीईओ रूपा झा कहती हैं, "मैं रोमांचित हूँ कि कलेक्टिव न्यूज़रूम एक महत्वाकांक्षी मिशन को लेकर भरोसेमंद, रचनात्मक और साहसिक पत्रकारिता करने के लिए व्यापक अनुभव और प्रतिभा वाली अपनी शानदार टीम के साथ आधिकारिक तौर पर लॉन्च हुआ है."

"दर्शक-पाठक जल्दी ही कलेक्टिव न्यूज़रूम को एक स्वतंत्र समाचार संस्था के रूप में जानने लगेंगे, जो तथ्यों के साथ बात करता है, सार्वजनिक हित में काम करता है और विविध आवाज़ों और नज़रियों को लोगों तक पहुँचाता है."

रूपा झा के साथ उनके साथी डायरेक्टर मुकेश शर्मा, संजॉय मजूमदार और सारा हसन शामिल हैं. इन सबके पास संपादकीय और प्रोग्राम बनाने का व्यापक अनुभव है.

कलेक्टिव न्यूज़रूम के पहले क्लाइंट बीबीसी के पास ऑडियंस के लिहाज से बीबीसी की सबसे बड़ी भाषा सेवा 'बीबीसी न्यूज़ हिंदी' का कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है.

दर्शकों और पाठकों की संख्या के लिहाज से बीबीसी के लिए भारत नंबर वन देश है, बीबीसी की सामग्री भारत में आठ करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँचती है.

बीबीसी न्यूज़ हिंदी, बीबीसी न्यूज़ मराठी, बीबीसी न्यूज़ गुजराती, बीबीसी न्यूज़ पंजाबी, बीबीसी न्यूज़ तमिल, बीबीसी न्यूज़ तेलुगू के साथ अंग्रेज़ी में यू-ट्यूब के लिए वीडियो कंटेंट बनाने और प्रकाशित करने का काम क्लेक्टिव न्यूज़रूम करेगा.

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)

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