प्रज्वल रेवन्ना केस में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई कई महिलाओं ने छोड़ा अपना घर- प्रेस रिव्यू

प्रज्वल रेवन्ना

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बीते दिनों हासन से जेडीएस के सांसद प्रज्वल रेवन्ना के कई महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न करने का वीडियो सामने आया और ये वीडियो पूरे कर्नाटक में फैल गए. इससे कई महिलाओं की पहचान भी उजागर हुई है.

इस मामले के सामने आने के बाद रेवन्ना को पार्टी से निकाल दिया गया और एसआईटी को जांच सौंप दी गई.

अब अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया है कि जिन महिलाओं की पहचान सामने आई उनके लिए अपने ही कस्बे-गांवों में रहना मुश्किल हो गया. उन्हें परिवार के साथ घर छोड़ना पड़ा.

रिपोर्ट के अनुसार, हासन से जेडीएस के सांसद प्रज्वल रेवन्ना के कथित यौन उत्पीड़न की शिकार कई महिलाओं की वीडियो क्लिप फैलने के बाद उन्होंने पिछले 10 दिनों में अपने घर छोड़ दिए हैं. ये महिलाएं हासन ज़िले की रहने वाली हैं.

हासन जेडीएस का गढ़ है और प्रज्वल रेवन्ना पार्टी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं. इस बार वो हासन सीट से ही एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं.

प्रज्वल तो 26 अप्रैल को हासन में मतदान के तुरंत बाद देश छोड़कर चले गए लेकिन उनके पिता और होलेनरासीपुर के विधायक एचडी रेवन्ना को गिरफ्तार किया गया है.

उनकी गिरफ्तारी एक महिला का अपहरण करने के मामले में हुई है, आरोप है कि उन्होंने महिला को एसआईटी के पास जाने से रोकने की कोशिश की.

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'कोई रेवन्ना परिवार के ख़िलाफ़ बात नहीं कर सकता'

हासन शहर से 20 किलोमीटर दूर हैगरे गांव में एक दुकानदार ने अख़बार से कहा, “पूरा ज़िला एचडी रेवन्ना के नियंत्रण में है. आप उनके बारे में बुरा बोलते हैं तो बहुत संभावना है कि यह उन तक पहुंच जाएगा, क्योंकि परिवार और पार्टी के पास बड़ी संख्या में फॉलोवर हैं.”

अख़बार का कहना है कि उनकी टीम तीन कस्बे और पांच गांवों में गई लेकिन कोई भी पहचान ज़ाहिर करके बात करने को तैयार नहीं हुआ.

प्रज्वल के खिलाफ पहली एफआईआर 28 अप्रैल को एक महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसका परिवार अब अपना घर छोड़ चुका है.

महिला के एक पड़ोसी ने कहा- “महिला रेवन्ना के घर पर घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी. उनके कुछ वीडियो वायरल होने लगे और फिर हमें उनके घर पर ताला लगा मिला. हमें नहीं पता कि वह कब चली गई.”

पास के ही गांव में पूर्व ज़िला पंचायत के वो सदस्य रहते हैं जिन्होंने प्रज्वल के खिलाफ़ रेप का केस दर्ज कराया.

इसी गांव में रहने वाले एक स्थानीय जेडीएस नेता का कहना है, “हमने देखा कि पार्टी की कई महिलाएं सोशल मीडिया पर प्रज्वल के साथ अपनी तस्वीरें हटा रही हैं. कुछ मामलों में, पुरुष अपनी पत्नियों से सांसद के साथ उनके संबंधों के बारे में सवाल कर रहे हैं. ये ज़िले की कई महिलाओं की ज़िदगी को तबाह कर रहा है.”

'पता नहीं वो कभी लौट सकेंगी या नहीं'

वीडियो क्लिप के फैलने के बाद से महिलाओं की पहचान उजागर होने के कारण कई परिवारों ने भी हासन छोड़ दिया है.

जब एसआईटी की टीम रेवन्ना के आवास पर पहुंची तो बाहर जमा पार्टी कार्यकर्ताओं को महिलाओं के बारे में बात करते सुना जा सकता था.

एक ने कहा, “मैं इस महिला को जानता हूं, वह हमारे घर के करीब रहती थी और जेडीएस का काम करने में काफ़ी सक्रिय थीं. उनके घर पर ताला लगा हुआ है. उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं ”

एक अन्य ने कहा- “वह मेरे पड़ोसी की रिश्तेदार है और हमारे पारिवारिक समारोह में भी शामिल हुई थी. ”

एक दुकानदार ने कहा, “महिलाओं की पहचान उजागर करना वाकई गलत था. मैं उनमें से कुछ को जानता हूं वो लोग छिप गए हैं. पता नहीं वो लोग वापस लौट सकेंगे या नहीं. ये परिवार केस भी नहीं करना चाहते थे लेकिन रेवन्ना परिवार के साथ केस लड़ते हुए हासन में रह पाना असंभव है. ''

मुसलमान वोटर

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गुजरात में मुसलमान को टिकट देने वाली अकेली नेशनल पार्टी बीएसपी

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अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में बीएसपी अकेली ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है जिसने मुसलमान उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में उतारा है. कांग्रेस ने भी एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा है.

कुल मिलाकर राज्य में कुल 266 उम्मीदवारों में से 32 मुस्लिम उम्मीदवार हैं, यहां मतदान 7 मई को होना है.

ज़्यादातर मुस्लिम उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं कुछ छोटे दलों जैसे भारतीय जन नायक पार्टी और राइट टू रिकॉल पार्टी ने खेड़ा से और लोग पार्टी ने नवसारी से मुस्लिम उम्मीदवार खड़े किए हैं. सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने पाटन और नवसारी से मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है.

सबसे ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवार गांधीनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. यहां सात उम्मीदवार मुसलमान हैं. इस सीट से बीजेपी के उम्मीदवार अमित शाह हैं और कांग्रेस की उम्मीदवार सोनल पटेल हैं.

एक अनुमान के मुताबिक़ गुजरात की आबादी में मुसलमान लगभग 10% हैं. कम से कम 15 सीटों पर उनकी अच्छी खासी संख्या है, जिनमें- कच्छ, जामनगर, जूनागढ़, भरूच, भावनगर, सुरेंद्रनगर, पाटन, बनासकांठा, साबरकांठा, अहमदाबाद पश्चिम, अहमदाबाद पूर्व, गांधीनगर, नवसारी, पंचमहल और आनंद शामिल हैं.

2019, 2009 और 2004 में कांग्रेस ने भरूच से मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा था – भरूच पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का गढ़ हुआ करता था.

इस बार आम आदमी पार्टी भरूच सीट पर इंडिया ब्लॉक गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रही है और पार्टी ने अपने विधायक चैतर वसावा को मैदान में उतारा है.

जम्मू-कश्मीर

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अबू-हमज़ा समूह पूंछ चरमपंथी हमले के पीछे हो सकता है

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारतीय वायु सेना के एक काफ़िले पर हुए चरमपंथी हमले के बाद रविवार को सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिल कर पुंछ के पहाड़ी जंगली इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया.

शनिवार हुए हमले में एयरफ़ोर्स के एक जवान की मौत हुई है और चार अन्य जवान घायल हुए हैं. मारे गए जवान का नाम विक्की पहाड़े था वो मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के रहने वाले थे और सात मई को अपने घर अपने बेटे के जन्मदिन में शामिल होने के लिए जाने वाले थे.

अख़बार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े एक विदेशी नागरिक अबू हमज़ा के नेतृत्व वाले चरमपंथी समूह का हाथ होने की आशंका है. हमज़ा पर 22 अप्रैल को राजौरी में सरकारी कर्मचारी मोहम्मद रजाक़ की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है.

पुलिस ने उसके बारे में जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है. माना जाता है कि वह पुंछ और राजौरी के जंगलों में सक्रिय हैं.

पुलिस

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मध्य प्रदेश: ट्रैक्टर ने एएसआई को कुचला

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के शहडोल में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या कर दी, वह अवैध रेत खनन के लिए इस्तेमाल की जा रहे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश कर रहे थे.

शहडोल के पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के अनुसार, घटना रविवार सुबह की है जब ब्योहारी पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई महेंद्र बागरी दो सहयोगियों के साथ एक मामले में वारंट लेकर पास के एक गांव जा रहे थे.

अख़बार को प्रतीक कुमार ने बताया, “रास्ते में उन्हें एक ओवरलोडेड ट्रॉली दिखी. जिसे उन्होंने रोकने की कोशिश की लेकिन ड्राइवर ने रुकने से इनकार कर दिया और आगे खड़े एएसआई पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. ”

पुलिस ने ड्राइवर और ट्रैक्टर पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है. उनकी पहचान राज रावत और आशुतोष सिंह के रूप में की गई. पुलिस ट्रैक्टर के मालिक सुरेंद्र सिंह अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

ये केस भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 379 (चोरी के लिए सजा), 414 (चोरी की संपत्ति को छिपाने में मदद करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें अवैध खनन की धारा 4/21 भी लगाई गई है.

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