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रूस की सीमा के भीतर घुसकर यूक्रेन कर रहा हमले, अब रूस ने उठाया ये क़दम
- Author, जारोस्लाव लूकीव
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, लंदन
यूक्रेन की सेना के अचानक रूस की सीमा के भीतर घुसकर हमले के बाद रूस ने तीन क्षेत्रों में 'आतंकवाद विरोधी कार्यक्रम' लागू कर दिया है.
सीमा से सटे कुर्स्क, बेलगोरोद और ब्रियांस्क क्षेत्र में प्रशासन अब लोगों की आवाजाही पर रोकटोक लगा सकता है और फ़ोन टैप कर सकता है.
कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन की आक्रामक कार्रवाई को अब पांच दिन हो गए हैं. हालांकि यूक्रेन ने अभी तक अपनी इस सैन्य कार्रवाई को सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया है.
रिपोर्टों के मुताबिक़ यूक्रेनी सैनिक रूस के दस किलोमीटर भीतर तक घुस चुके हैं और एक क़स्बे पर क़ब्ज़ा करने की ओर बढ़ रहे हैं. फ़रवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर अचानक हमला करने के बाद से रूस के भीतर ये यूक्रेन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है.
इसके मद्देनज़र शुक्रवार को रूस की नेशनल काउंटर टेरेरिज़्म समिति ने नए क़दमों की घोषणा की है.
समिति का कहना है कि ये कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुश्मन की आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है.
इन इल़ाकों में अब प्रशासन के पास लोगों के घरों में घुसने, लोगों की आवाजाही को सीमित करने, अस्थाई रूप से लोगों से कहीं और जाने के लिए कहने और इलेक्ट्रानिक रूप में भेजी जा रही सूचनाओं पर नज़र रखने का अधिकार होगा.
ये कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब रूस यूक्रेन के हमले से निबटने में संघर्ष कर रहा है.
रूस का कहना है कि टैंकों और तोपखानों से लैस क़रीब एक हज़ार यूक्रेनी सैनिक मंगलवार को कुर्स्क क्षेत्र में दाख़िल हुए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक़, रूस के भीतर घुसने के बाद से यूक्रेन के सैन्य बलों ने कई गांवों पर क़ब्ज़ा कर लिया है और स्थानीय शहर सुद्ज़ा पर ख़तरा मंडरा रहा है.
शुक्रवार को, एक वीडियो सामने आया है जिसमें यूक्रेन के सैन्यबल शहर में दिखाई दे रहे हैं. इन सैनिकों ने शहर और पास ही स्थित रूसी कंपनी गैज़प्रोम के एक गैस फैसिलिटी पर क़ब्ज़े का दावा किया है.
बीबीसी वेरीफ़ाई ने इस वीडियो के गैज़प्रोम के प्रतिष्ठान के होने की पुष्टि की है. ये सुद्ज़ा शहर के उत्तर-पश्चिम में यूक्रेन की सीमा से क़रीब सात किलोमीटर दूर स्थित है.
हालांकि, सिर्फ़ इस वीडियो से ये पुष्टि नहीं की जा सकती कि यूक्रेन के सैन्यबलों ने पूरे शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
हालांकि, रूस की सेना पर नज़र रखने वाले ब्लॉगर्स ने दावा किया है कि ये शहर अभी भी रूस के नियंत्रण में ही है.
इससे पहले, बीबीसी वेरीफ़ाई ने शुक्रवार सुबह पोस्ट किए गए एक वीडियो की पुष्टि की है. इस वीडियो में पंद्रह वाहनों का एक रूसी काफ़िला यूक्रेन की सीमा से क़रीब 38 किलोमीटर दूर ओक्त्याब्रस्कोए क़स्बे के बीच से गुज़रने वाली सड़क पर बर्बाद स्थिति में दिख रहा है.
इस वीडियो में वाहनों के काफिले के साथ कुछ घायल रूसी सैनिक भी दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से संभवतः कई की मौत हो गई है.
रूस ने टैंक और मिसाइल लांच सिस्टम सहित सैन्य साज़ोसामान कुर्स्क क्षेत्र की तरफ़ भेजा है ताकि वहां सेना की स्थिति को मज़बूत किया जा सके.
शनिवार सुबह जारी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में रूस की सेना ने कहा है कि उसके सैन्य बल यूक्रेन के हमलों को नाकाम करने में जुटे हुए हैं.
रूस की सेना ने दावा किया है कि रूस के क्षेत्र में भीतर घुस जाने की यूक्रेन की कोशिश नाकाम हो गई है.
रूस के इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने रूस और यूक्रेन दोनों से ही हरसंभव सब्र बरतने की अपील की थी.
जिस क्षेत्र में लड़ाई चल रही है वह कुर्स्क परमाणु संयंत्र के नज़दीक है. ये पावर प्लांट रूस के सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में से एक है.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफ़ेल ग्रॉसी ने कहा है कि परमाणु हादसे को रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए. परमाणु हादसा होने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
ये पावर प्लांट सुद्ज़ा शहर से क़रीब 60 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में स्थित है.
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