You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
इसराइल पर ईरानी कार्रवाई का ख़तरा, भारत समेत कई देशों ने जारी की ट्रैवल एडवाइज़री
- Author, क्रिस्टी कूनी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले के बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई की आशंकाओं को देखते हुए भारत, अमेरिका और कई अन्य यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.
भारत ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे अगली सूचना जारी होने तक ईरान या इसराइल की यात्रा न करें.
इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है, "इस क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक ईरान या इसराइल की यात्रा पर न जाएं."
"जो लोग पहले से ईरान या इसराइल में रह रहे हैं, उनसे निवेदन है कि वे वहां भारतीय दूतावासों से संपर्क करें और अपना पंजीकरण करवाएं. इन दोनों देशों में रहने वालों से ये भी आग्रह है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और कम से कम बाहर निकलें."
इसराइल स्थित भारतीय दूतावास ने भी वहां रहे भारतीय लोगों के लिए जारी की गई एडवाइज़री में लोगों से ग़ैरज़रूरी यात्रा न करने की सलाह दी है.
अमेरिका ने क्या कहा
अमेरिका ने भी इसराइल में मौजूद अपने राजनयिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि उसने इसराइल में अपने राजनयिक कर्मचारियों को यरूशलम, तेल अवीव या बीरशेबा के इलाके के बाहर एहतियातन यात्रा न करने के लिए कहा है.
अप्रैल की पहली तारीख़ को ईरान ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में अपने दूतावास पर हुए हमले के लिए इसराइल को जिम्मेदार ठहराया था और जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी.
इस हमले में एक वरिष्ठ ईरानी कमांडर समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी. दो अमेरिकी अधिकारियों ने सीबीएस न्यूज़ को बताया है कि ईरान की ओर से जल्द ही संभावित हमला हो सकता है.
एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि उनके पास जो खुफिया जानकारी है, उसके अनुसार संभावित ईरानी हमले में 100 से अधिक ड्रोन, दर्जनों क्रूज मिसाइलें और संभवतः बैलिस्टिक मिसाइलें भी इस्तेमाल की जा सकती हैं.
अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल इसराइल में सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.
हमास और हिज़बुल्लाह
इसराइल ने दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर पहली अप्रैल को हुए हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि इस हमले के पीछे इसराइल का हाथ बताया जा रहा है.
ईरान को ग़ज़ा में इसराइल से लड़ने वाले सशस्त्र फ़लस्तीनी समूह हमास का समर्थक माना जाता है.
ग़ज़ा में हमास और लेबनान में हिज़बुल्लाह की तर्ज पर पूरे क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न सशस्त्र गुट इसराइली ठिकानों पर अक्सर हमले करते रहते हैं.
दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में मारे गए लोगों में सीरिया और लेबनान में ईरान के विशिष्ट कुद्स बल के एक वरिष्ठ कमांडर के साथ-साथ अन्य सैन्य हस्तियां भी शामिल थीं.
ये हमला ऐसे समय में हुआ, जब ग़ज़ा में जारी युद्ध को पूरे क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए वैश्विक राजनयिक प्रयास चल रहे थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को चेतावनी दी कि ईरान एक 'बड़े हमले' की धमकी दे रहा है. साथ ही उन्होंने किसी भी तरह से इसराइल के साथ खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.
अमेरिकी अधिकारी का इसराइल दौरा
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि उनकी सरकार किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
नेतन्याहू ने ये भी चेतावनी दी है कि इसराइल को चोट पहुंचाने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसराइल की सभी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है.
मध्य पूर्व में अमेरिकी अभियानों के प्रभारी कमांडर एरिक करेला ने हाल ही में सुरक्षा खतरों पर चर्चा करने के लिए इसराइल का दौरा किया था.
पेंटागन ने कहा कि कमांडर एरिक की यात्रा पहले से निर्धारित थी, लेकिन 'हालिया घटनाक्रम के कारण' इसे पुनर्निर्धारित किया गया और तय समय से पहले आगे बढ़ा दिया गया.
ब्रिटेन ने किया फोन
उधर, ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड कैमरन ने ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीर अब्दुल्लाहियन के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर क्षेत्र में तनाव कम करने पर जोर दिया है.
डेविड कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन ने 'स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को मध्य पूर्व को व्यापक संघर्ष में धकेलने से बचना चाहिए.' उन्होंने कहा कि स्थिति का सही विश्लेषण नहीं करने से अधिक हिंसा हो सकती है.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने चीन, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों से बात की है और कहा है कि आगे तनाव किसी के हित में नहीं है.
अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ फोन पर बातचीत के बाद चीन ने अमेरिका से मध्य पूर्व में 'रचनात्मक भूमिका' निभाने का आग्रह किया.
दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले की चीन ने भी खुलकर निंदा की है.
फ्रांस ने लगाई रोक
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर अपने नागरिकों को ईरान, लेबनान, इसराइल और फलस्तीनी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में यात्रा करने की कड़ी सलाह दी है.
ईरान में काम कर रहे राजनयिकों के रिश्तेदारों को फ्रांस लौटने के लिए कहा गया है.
साथ ही इन देशों में फ्रांसीसी राजनयिकों के यात्रा करने पर रोक लगा दी गई है.
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)