मध्य प्रदेशः बीजेपी नेता के बेटे पर रेप का आरोप, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की चुप्पी पर सवाल

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- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से
मध्य प्रदेश के दतिया में बीजेपी के एक नेता के बेटे को रेप के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. इस मामले में मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
दतिया नरोत्तम मिश्रा का गृह ज़िला है. चुनावी साल में अपने ज़िले के पार्टी नेता के बेटे पर लगे आरोप के बाद से गृह मंत्री का कोई बयान न आने पर कई लोग हैरान हैं. विपक्षी दल कांग्रेस इसे लेकर गृह मंत्री से सवाल पूछ रही है.
कांग्रेस के नेता पूछ रहे हैं कि हर मुद्दे पर बयान देने वाले 'नरोत्तम मिश्रा अब चुप क्यों हैं?'
पीड़िता के आत्महत्या का प्रयास करने के बाद ये मामला सामने आया और अब ये केस पूरे प्रदेश में चर्चा का मामला बन गया है.
पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया है और बीजेपी नेता के बेटे समेत चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है लेकिन पीड़ित परिवार पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठा रहा है.

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क्या है मामला?
मध्य प्रदेश पुलिस के मुताबिक बीते शुक्रवार को दतिया में बीजेपी से जुड़े एक नेता के बेटे ने तीन अन्य लड़कों के साथ मिलकर स्कूल से लौटती दो बहनों को बंधक बना लिया.
पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने बड़ी बहन के साथ सामूहिक बलात्कार किया और छोटी बहन के साथ छेड़छाड़ की.
घर वापस लौटने पर बड़ी बहन ने आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया.
पुलिस ने चारों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है. इनमें तीन अभियुक्त नाबालिग हैं.
अभियुक्तों पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, ग़लत तरीक़े से क़ैद करने, छेड़छाड़ और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया है.
पुलिस ने यह मामला 17 वर्षीय छोटी बहन के बयान के आधार पर दर्ज किया है.
दतिया के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बीबीसी हिंदी को बताया, "इस मामले में चारों अभियुक्तों को बड़ी बहन के साथ बलात्कार और छोटी बहन के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है."
गिरफ़्तार किए गए एक अभियुक्त के पिता दतिया में भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं.
डरा हुआ है परिवार
लड़कियों का परिवार इस पूरे हादसे से सहमा हुआ है और इस वक़्त डर के साये में जी रहा है.
पीड़ित के रिश्ते के भाई ने बीबीसी हिंदी को बताया, "इस वक़्त हम डर में जी रहे हैं. भाजपा मंडल अध्यक्ष शहर की राजनीति में दख़ल रखते हैं और वे कई बार घटना के बाद इस क्षेत्र में भी घूमते हुए दिखे हैं. हम चाहते हैं कि हमारी बहनों को इंसाफ़ मिले."
घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "जब दोनों बहनें स्कूल से लौट रही थीं तो उन्हें चारों अभियुक्तों ने रोक लिया और पास के एक मकान में ले गए. बड़ी बहन को वो एक कमरे में ले गए जबकि छोटी बहन को दूसरे कमरे में रखा जहां उनके साथ छेड़छाड़ की गई."
उनके मुताबिक, "उन लोगों ने जब बड़ी बहन को आधे घंटे बाद छोड़ा तो उसने अपनी छोटी बहन को सारी बात बताई. इसके बाद दोनों घर आ गईं. जब बड़ी बहन ने आत्महत्या करने का प्रयास किया तो उसके बाद छोटी बहन ने पूरी घटना के बारे में बताया."
परिवार के लोग बड़ी बहन को तत्काल अस्तपताल ले गए. जहां से उन्हें झांसी के अस्पताल में रेफ़र कर दिया गया. अभी वे वहीं आईसीयू में भर्ती हैं.
परिवार वालों ने पुलिस पर मामले को दर्ज़ करने में देरी का आरोप भी लगाया. हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने तत्काल प्रभाव से क़दम उठाए.
लड़कियों के भाई का दावा है कि यह घटना दोपहर दो बजे के क़रीब हुई जबकि पुलिस ने मामला रात 10 बजे के बाद तब दर्ज़ किया जब परिवार और अन्य गांव वालों ने थाने का घेराव किया.
पुलिस अभी तक अस्पताल में भर्ती बड़ी बहन का बयान नहीं दर्ज़ कर सकी है. उनका कहना है कि उनकी हालत में सुधार होने के बाद ही उनका बयान दर्ज़ हो सकेगा.
उधर लड़कियों के पिता ने बीबीसी हिंदी से कहा कि वो अभियुक्तों को सख़्त से सख़्त सज़ा देने की मांग करते हैं.
गृह मंत्री की चुप्पी पर सवाल
इस मामले में राजनीति भी तेज़ हो गई है.
प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपने गृह ज़िले में हुई इस घटना पर अब तक कुछ भी नहीं कहा है.
कई लोगों का कहना है कि गृह मंत्री मिश्रा की 'चुप्पी हैरान करने वाली है. वो लगभग हर मामले में ही बयान देते हैं फिर इस केस में चुप क्यों हैं?'
उधर कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष केके मिश्रा ने बीबीसी हिंदी से कहा, "गृह मंत्री को इस मामले में ज़रूर बोलना चाहिए. यह उनके क्षेत्र का मामला है. यह बताता है कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की स्थिति कितनी ख़राब है. गृह मंत्री के क्षेत्र में इस तरह के काम हो रहे हैं और भाजपा के नेता का बेटा उसमें शामिल है."
इस मामले में बीबीसी ने नरोत्तम मिश्रा से बात करने की कोशिश भी की लेकिन उनके स्टाफ़ की ओर से कोई जवाब नहीं मिला.
वही बीजेपी के मंडल अध्यक्ष के जिस नाबालिग बेटे को अभियुक्त बनाया गया है उनकी सोशल मीडिया पर कई जगह बंदूक पकड़े तस्वीर नज़र आती है.
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विदिशा में अब भी इंसाफ़ का इंतज़ार
दो महीने पहले राज्य के ही विदिशा ज़िले में छेड़छाड़ से परेशान होकर एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी.
उन्हें इंसाफ़ दिलाने के लिए उनके पिता संघर्ष कर रहे थे लेकिन जब उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो बीते हफ़्ते पिता ने भी आत्महत्या कर ली.
इसके बाद परिवार ने चक्काजाम किया तब जाकर राज्य सरकार ने दो पुलिसवालों पर कार्रवाई की.
एनसीआरबी की रिपोर्ट में 2021 में देशभर में नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के 33,036 मामले दर्ज हुए थे.
राज्यों के बीच नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश सबसे ऊपर था.
यहां किसी भी राज्य की तुलना में सर्वाधिक 3,515 मामले हुए थे.
वहीं देश भर में में ज़्यादतियों के कुल 65,015 मामले दर्ज़ हुए थे जिनमें से सर्वाधिक 6,462 मध्य प्रदेश के थे.
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