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शर्लिन चोपड़ा ने कहा- मैंने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटा दिए, जानिए ये कैसे होता है और कितना सुरक्षित
- Author, डिंकल पोपली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
"मेरे सीने से भारी बोझ उतर गया. एक (इम्प्लांट) का वज़न 825 ग्राम था. मैं तितली की तरह महसूस कर रही हूँ. मैं युवा पीढ़ी से अनुरोध करती हूँ कि सोशल मीडिया के बहकावे में आकर अपने शरीर से खिलवाड़ ना करें."
मॉडल रहीं शर्लिन चोपड़ा ने रविवार रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अपने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटवा लिए हैं.
इस वीडियो में उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे समाज के दबाव में आकर अपने शरीर के बारे में कोई निर्णय न लें और अपनी प्राकृतिक शारीरिक बनावट से खिलवाड़ न करें.
इससे पहले एक पोस्ट में उन्होंने कहा था, "मैं आज अपने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटवा रही हूं ताकि मैं बिना किसी अतिरिक्त बोझ के जीवन जी सकूं."
सोशल मीडिया पर लोग उनके इस क़दम की ख़ूब सराहना कर रहे हैं. शर्लिन चोपड़ा मॉडल रही हैं.
वह हिंदी और तेलुगु फिल्मों में अपने काम के लिए जानी जाती हैं. 38 वर्षीय शर्लिन ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में एक हिंदी फ़िल्म से की थी.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ब्रेस्ट इम्प्लांट में किन चीज़ों का इस्तेमाल होता है और ये शरीर में कैसे फिट होते हैं?
ब्रेस्ट इम्प्लांट क्या है?
ब्रेस्ट इम्प्लांट एक कॉस्मेटिक सर्जरी है, जिसमें स्तन का आकार बढ़ाने या बदलने लिए इम्प्लांट किया जाता है.
आजकल इस्तेमाल होने वाले ज़्यादातर इम्प्लांट सिलिकॉन से बने होते हैं. ये एक गोल गेंद की तरह होते हैं, जिसे स्तन के नीचे एक छोटा सा चीरा लगाकर लगाया जाता है.
लुधियाना में प्रोफाइल फोर्ट नामक क्लीनिक के मालिक और प्लास्टिक सर्जन डॉ. विकास गुप्ता कहते हैं, "मैं पिछले 15 सालों से ब्रेस्ट इम्प्लांट कर रहा हूँ. पहले सलाइन वाटर इम्प्लांट का भी इस्तेमाल होता था, लेकिन अब इन्हें बंद कर दिया गया है क्योंकि इनके फटने का ख़तरा था."
"आजकल इम्प्लांट सिलिकॉन से बने होते हैं, जिन्हें लगाना इतना आसान हो गया है कि इम्प्लांट कराने वाले व्यक्ति और इसे करने वाले डॉक्टर के अलावा किसी को भी पता नहीं चलता है."
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि एक बार ब्रेस्ट इम्प्लांट हो जाने के बाद, उसे दोबारा बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती.
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) एवं अस्पताल, लुधियाना में प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख और प्रोफेसर डॉ. पिंकी परगाल का कहना है कि सोशल मीडिया के कारण पिछले दशक में ब्रेस्ट इम्प्लांट का चलन तेजी से बढ़ा है.
डॉ. पिंकी कहती हैं, "ऐसी कॉस्मेटिक सर्जरी नई नहीं हैं लेकिन सोशल मीडिया के आने से इनका चलन काफ़ी बढ़ गया है. ये अब आम लोगों की पहुंच में आ गई हैं. ये पहले के मुक़ाबले काफ़ी सस्ती हो गई हैं, जिसकी वजह से कई लोग इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं."
ब्रेस्ट इम्प्लांट से फ़र्क़
एक्टर शर्लिन चोपड़ा ने दावा किया है कि उनके एक ब्रेस्ट इम्प्लांट का वज़न 825 ग्राम था. लेकिन बीबीसी से बातचीत में विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सिर्फ़ 350 से 400 मिलीलीटर के इम्प्लांट की ही सिफ़ारिश की जाती है.
डॉ. विकास बताते हैं, "सिलिकॉन इम्प्लांट्स को ग्राम में नहीं, बल्कि मिलीलीटर में मापा जाता है. भारत में महिलाओं की सामान्य शारीरिक बनावट के आधार पर, हम अधिकतम 350 से 400 मिलीलीटर के इम्प्लांट की सलाह देते हैं.""
डॉ. विकास गुप्ता बताते हैं कि ब्रेस्ट इम्प्लांट की सलाह कंधों के आकार, त्वचा के प्रकार, ऊंचाई, वजन और अन्य प्राकृतिक बनावट देखकर दी जाती है.
डॉ. पिंकी परगाल भी इस बात से सहमत हैं, लेकिन वह बताती हैं कि भारत में कई अनधिकृत लोग भी ऐसी कॉस्मेटिक सर्जरी कर रहे हैं, जिससे नियमों का काफ़ी हद तक पालन नहीं हो पाता.
डॉ. पिंकी कहती हैं, "कोई भी सर्जन ज़िद के बाद भी किसी भी साइज का इम्प्लांट नहीं लगा सकता. डॉ पहले जांच करेंगे और उसके बाद ही सलाह देंगे कि उनके लिए किस आकार का इम्प्लांट सही रहेगा."
"लेकिन ऐसे अनधिकृत डॉ भी हैं जो पैसे के लिए किसी भी आकार का इम्प्लांट करने को तैयार हो जाते हैं."
इम्प्लांट किसे मिलता है?
डॉ. पिंकी बताती हैं, "कई लोग इसे महज एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया के रूप में देखते हैं लेकिन यह उन महिलाओं के लिए बहुत प्रभावी है, जिनके स्तन प्राकृतिक रूप से पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं."
लेकिन डॉ. पिंकी कहती हैं कि अगर कोई महिला सिर्फ़ सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर यह प्रक्रिया करवाने की सोच रही है, तो उसे ख़ुद से यह सवाल ज़रूर पूछना चाहिए: क्या यह ज़रूरी है?
ब्रेस्ट इम्प्लांट की लागत कितनी है और इसमें कितना समय लगता है?
डॉ. पिंकी कहती हैं कि इसकी क़ीमत 50,000 रुपये से लेकर 1,50,000 रुपये तक हो सकती है. क़ीमत इम्प्लांट के आकार और गुणवत्ता पर निर्भर करती है.
इसके अलावा, इम्प्लांट करने वाले डॉक्टर की फीस भी शामिल होती है.
इसे करवाने में केवल एक दिन लगता है और आपको एक महीने तक डॉक्टर द्वारा सुझाए गए खानपान का पालन करना होता है.
डॉ. विकास बताते हैं, "एक बार इम्प्लांट हो जाने के बाद ये जीवन भर ऐसे ही रहते हैं. ये नुकसानदेह नहीं होते, लेकिन अगर कोई इन्हें हटवाना चाहे तो आसानी से हटवाए जा सकते हैं."
क्या इसमें कोई ख़तरा है?
डॉ. विकास का कहना है कि इसमें भी अन्य सर्जरी की तरह ही संक्रमण का ख़तरा रहता है.
वह कहते हैं, "कई लोगों को चिंता होती है कि इससे कैंसर हो सकता है या महिलाओं को स्तनपान कराने में परेशानी होगी, लेकिन ऐसा नहीं है. ब्रेस्ट इम्प्लांट से न तो कैंसर का ख़तरा बढ़ता है और न ही इससे बच्चे को दूध पिलाने में कोई दिक्क़त होती है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.