टाइटैनिक का मलबा दिखाने गई टाइटन पनडुब्बी के मामले में अब आगे क्या होगा?
कैथरीन आर्मस्ट्रांग और जोनाथन अमोस, विज्ञान संवाददाता
बीबीसी न्यूज़

अमेरिकी अधिकारियों ने टाइटैनिक जहाज़ का मलबा देखने गई पनडुब्बी टाइटन सबमर्सिबल के नष्ट हो जाने की पुष्टि की है.
एक सप्ताह पहले समंदर की सतह पर पड़े टाइटैनिक जहाज़ का मलबा देखने जाते समय ये पनडुब्बी लापता हो गई थी.
अधिकारियों का कहना है कि टाइटन में सवार सभी पांच लोग ‘एक धमाके’ के बाद तुरंत मारे गए.
इसे 'कैटेस्ट्रोफिक एक्सप्लोसन' या समंदर के अंदर दबाव में पनडुब्बी के अंदर विस्फोट हो जाना कहा जा रहा है.
पनडुब्बी के साथ क्या हुआ इसे लेकर कई सवाल हैं और जांच की मांग उठ रही है.
पनडुब्बी में सवार ब्रितानी अरबपति हाशिम हार्डिंग की गॉड डॉटर (गोद ली हुई बेटी) लूसी कॉसनेट ने इस हादसे को लेकर चिंताएं ज़ाहिर की हैं.
बीबीसी से बात करते हुए लूसी ने कहा, “सुरक्षा के लिए अधिक क़दम उठाये जाने चाहिए थे. कंपनी ओशनगेट को इसके लिए और काम करना चाहिए था.”
उन्होंने कहा, “इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि पता चल सके कि क्या ग़लत हुआ, ऐसा क्यों हुआ और उनकी जान क्यों नहीं बच सकी.”
क्या शव मिल सकेंगे?
अमेरिकी कोस्टगार्ड के रियर एडमिरल जॉन मॉगर ने गुरुवार को कहा था कि वो इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि मारे गए लोगों के शवों को खोजा जा सकेगा या नहीं.
“ये बहुत ही ज़्यादा मुश्किल वातावरण है.”
इस पनडुब्बी में अरबपति ब्रितानी कारोबारी हामिश हार्डिंग, शहज़ाद दाऊद, उनके बेटे सुलेमान भी सवार थे.
ओशनगेट के सीईओ स्टॉक्टन रश और फ्रांसीसी नेवी के पूर्व गोताखोर पॉल हेनरी नार्जियोले भी पनडुब्बी में सवार थे.
अब खोज अभियान का क्या होगा?
अभी ये स्पष्ट नहीं है कि इसकी जांच का ज़िम्मा कौन सी एजेंसी संभालेगी क्योंकि इस तरह की सबमर्सिबल के लिए नियम स्पष्ट नहीं हैं.
रियर एडमिरल मॉगर ने कहा कि ये बहुत ही जटिल परिस्थिति है क्योंकि हादसा समंदर के दूरस्थ इलाक़े में हुआ है और हादसे में अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल थे.
लेकिन अभी तक इस खोज अभियान में अमेरिकी कोस्टगार्ड की अहम भूमिक रही है, ऐसे में ये माना जा रहा है कि वो आगे भी अहम भूमिका में रहेगी.
कोस्टगार्ड ने कहा है कि वो हादसा स्थल के पास जहां मलबा फैला है उस इलाक़े में जांच जारी रखेगा. अभी भी इलाक़े में खोजी जहाज़ और टेक्नीशियन मौजूद हैं. शुक्रवार से बाकी दलों ने घटनास्थल से हटना शुरू कर दिया था, हालांकि वो उन्हीं साज़ो सामान को ले जा रहे हैं, जिनकी अभी वहां ज़रूरत नहीं है.
टाइटैनिक के आसपास भेजे गए रिमोट ऑपरेटिंग व्हिकल (आरओवी) भी अभी मलबे के आसपास ही बने रहेंगे.
एडमिरल मॉगर ने कहा, “मैं अभी ये नहीं बता सकता हूं कि समंदर की सतह से आरओवी को कब हटाया जाएगा.”
पेलागिक रिसर्च सर्विसेज़ ने कहा है कि वो अपने आरओवी को क्षेत्र का अध्ययन करने और मलबा बाहर लाने के लिए फिर से सतह पर भेज रहा है. शुक्रवार को इसी कंपनी के आरओवी ने मलबे की खोज की थी.
कंपनी के एक प्रवक्ता ने सीएनएन से कहा है कि उनकी आरओवी अगले एक सप्ताह तक और तैनात रह सकते हैं.

इमेज स्रोत, Reuters
पनडुब्बी के मलबे का क्या होगा?
जांच के लिए अधिक से अधिक मलबे को हासिल करना ज़रूरी होगा, इसमें कार्बन फ़ाइबर के टुकड़े भी शामिल हैं जिनसे पनडुब्बी बनी थी. इससे अधिकारियों को घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी.
जिस इलाक़े में टाइटन के हिस्से मिले हैं, उसका नक़्शा बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
समंदर के विशेषज्ञ पॉल हैंकिन ने बताया है कि अब तक सबमर्सिबल के हल के पांच अहम हिस्से अब तक मिले मलबे में शामिल हैं, इनमें नोज़ कोन भी है.
अभी ये भी स्पष्ट नहीं है कि बाकी मलबा किस हालत में होगा.
इस घटना की जांच आगे कैसे होगी?
शुक्रवार को अमेरिका और कनाडा की संघीय यातायात एजेंसियों ने कहा है कि वो इस घटना की जांच करेंगी.
अमेरिका में नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ़्टी बोर्ड (एनटीएसबी) और कोस्टगार्ड इसकी जांच करेंगे.
टाइटन को कनाडा में पंजीकृत जहाज़ पोलर प्रिंस से लांच किया गया था. कनाडा ने संघीय यातायात एजेंसी की एक टीम को न्यू फ़ाउंडलैंड भेजा है जहां ये दल इस अभियान से जुड़े लोगों के साक्षात्कार लेगा. एक बयान में कहा गया है कि कनाडा की एजेंसी अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करेगी.
अमेरिकी कोस्टगार्ड के रियर एडमिरल मॉगर ने गुरुवार को बताया था कि इस घटना में शामिल देशों की सरकारें आगे की जांच पर चर्चा करने के लिए बैठकें कर रही हैं.
जांच में शामिल लोग इस बात की पुष्टि करने की कोशिश करेंगे कि धमाका कैसे हुआ और पनडुब्बी पर सवार लोगों की मौत कैसे हुई, अगर ऐसा हुआ तो ये कब और कैसे हुआ.
एडमिरल ने कहा कि हालांकि ये कहना उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है, लेकिन भविष्य में ऐसे अंडरवॉटर मिशन से जुड़े नियमों और मानकों को लेकर भी चर्चा होगी ताकि भविष्य के लिए समीक्षा की जा सके.
टाइटन के साथ क्या हुआ इसकी अहम जानकारी हाइड्रोफ़ोन से मिल सकती हैं- ये पानी के भीतर लगे माइक होते हैं जिनका काम परमाणु परीक्षणों के दौरान आवाज़ को पकड़ना होता है. ये जांचा जाएगा कि हाइड्रोफ़ोन ने कोई आवाज़ रिकॉर्ड की हैं या नहीं.
समंदर के भीतर लगे हाइड्रोफ़ोन से ही ये पता चला था कि 2017 में डूबी अर्जेंटीना की पनडुब्बी सेन ह्वान भी धमाके के साथ फट गई थी.
बहुत संभव है कि हाड्रोफ़ोन ने टाइटन से जुड़ा धमाका भी सुन लिया हो और इससे घटना के सटीक समय का पता चल सकेगा.
अमेरिकी नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि टाइटन के लापता होने के कुछ देर बाद ही अमेरिकी नौसेना ने धमाके जैसे आवाज़ सुनी थी.
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