ये 5 देश तकनीक को सबसे आसान बना रहे हैं

टेक्नोलॉजी

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    • Author, लिंडसे गैलोवे
    • पदनाम, बीबीसी ट्रैवल

संचार के नये साधन दुनिया भर की संस्कृतियों को आकार दे रहे हैं. कई जगहों पर डिजिटल जीवन को रोजमर्रा के जीवन से अलग करना नामुमकिन हो गया है.

हाई-स्पीड इंटरनेट, मोबाइल और कैशलेस भुगतान वैश्विक अर्थव्यवस्था को आगे ले जा रहे हैं.

कई देश ऑनलाइन सेवाओं और उनकी सुलभता को बढ़ाकर इस डिज़िटल भविष्य को संवार रहे हैं.

अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी देने में कौन-कौन से देश सबसे आगे हैं? इस सवाल का जवाब देने के लिए ग्लोबल कम्युनिटी नेटवर्क इंटरनेशन्स ने "डिजिटल लाइफ़ एब्रॉड" पर एक रिपोर्ट जारी की है.

यह रिपोर्ट आप्रवासियों के तजुर्बे पर आधारित है, जो बताती है कि सरकारी ऑनलाइन सेवाएं कहां सबसे सुलभ हैं, स्थानीय मोबाइल नंबर पाना कहां कितना आसान है, कैशलेस भुगतान की सुविधा और तेज़ व मुक्त इंटरनेट तक कहां कितनी पहुंच है.

हमने उन जगहों के निवासियों से बात की जो पांचों पैमाने पर सबसे आगे हैं और उनसे पूछा गया कि संचार के आधुनिक साधनों से जुड़े देश में रहना उनको कैसा लगता है.

एस्टोनिया

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एस्टोनिया

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इंटरनेशन्स की रैंकिंग में एस्टोनिया पहले नंबर पर है. यहां इंटरनेट पर कोई पाबंदी नहीं है और सरकारी सेवाएं ऑनलाइन हैं.

1991 में सोवियत संघ से आज़ाद होने के बाद इसने बुनियादी डिज़िटल ढांचे पर भारी निवेश किया है.

सरकारी ई-एस्टोनिया कार्यक्रम के तहत ई-मतदान, ई-स्वास्थ्य और ई-बैंकिंग की शुरुआत हुई.

इसमें ई-रेजिडेंसी सेवा भी है जिसमें शामिल होकर गैर-नागरिक भी पहचान-पत्र, बैंकिंग सेवाओं, भुगतान प्रक्रिया और कंपनी गठन की सुविधा हासिल कर सकते हैं.

यह कार्यक्रम डिज़िटल घुमक्कड़ों और यूरोपीय संघ में कंपनी खोलने की इच्छा रखने वाले विदेशी कारोबारियों को लुभा रहा है, जिससे एस्टोनिया की अर्थव्यवस्था में नये मौके बन रहे हैं.

राजधानी टैलिन में रहने वाली ऑस्ट्रिया की उद्यमी एलेक्जांड्रा निमा कहती हैं, "यहां इंटरनेट तक पहुंच को बुनियादी मानव अधिकार के रूप में देखा जाता है. एस्टोनिया के दूरदराज के द्वीपों में भी इंटरनेट की पहुंच है."

"निवासी के रूप में पंजीकरण से लेकर कंपनी खोलने तक सब कुछ ऑनलाइन है. यह जितना हो सकता है उतना तेज़ है."

एस्टोनिया में फोन कॉल करना बीते जमाने की बात हो गई है. क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म ओबाइट के डेवलपर टार्मो एनस कहते हैं, "मेरे लिए चैट करना फोन करने से ज़्यादा आसान है. छुट्टी के दिन कोई दुकान खुली है या नहीं, इसके लिए फोन करने की जगह मैं वीबर पर मैसेज करके पूछ लेता हूं."

हालांकि डिज़िटल ढांचे पर बहुत अधिक निर्भरता के नुकसान भी हैं. एस्टोनिया वह पहला देश है जिस पर 2007 में साइबर हमला हुआ था.

साइबर हमले के दौरान एस्टोनिया में अमरीका के राजदूत रहे डेव फिलिप्स कहते हैं, "हमले ने वेबसाइटों को बंद कर दिया था और देश के पूरे इंटरनेट ढांचे को पंगु बना दिया था. बैंक कार्ड और सेलफ़ोन नेटवर्क जाम हो गए थे."

उस साइबर हमले के बाद ही नाटो ने ऐसे हमलों से निपटने के लिए मैनुअल बनाया था और एस्टोनिया ने भविष्य के हमलों को रोकने के लिए नाटो को-ऑपरेटिव साइबर डिफेंस ऑफ़ एक्सीलेंस का प्रस्ताव रखा था.

फ़िनलैंड

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फ़िनलैंड

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फ़िनलैंड 5 में से 4 पैमानों पर लगातार अव्वल है. यह डिज़िटल जीवन में दूसरे और कैशलेस भुगतान के मामले में पहले नंबर पर है.

2010 में सरकार ने सभी नागरिकों की ब्राडबैंड कनेक्शन तक पहुंच को कानूनी अधिकार बना दिया था. फ़िनलैंड ऐसा करने वाला पहला देश था.

ग्राहक फ़ीडबैक प्लेटफॉर्म हैप्पीऑरनॉट के सीईओ और संस्थापक हेइकी वैनेनेन दक्षिणी फ़िनलैंड के टेंपरी में रहते हैं.

वह कहते हैं, "तेज़ रफ़्तार इंटरनेट और बोलने की आज़ादी ने हमारे इकोसिस्टम को टिकाऊ और सुरक्षित बना दिया है."

"सूचनाओं तक सभी की पहुंच है. यह सभी को सीखने और देश के भविष्य को प्रभावित करने के समान मौके देता है."

सरकारी सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच नये आप्रवासियों के लिए ख़ास तौर पर मददगार है.

'फ़िनलैंड माय होम' ब्लॉग के लेखक और संस्थापक पीटर सीनन मूलरूप से स्कॉलैंड के हैं और 8 साल से हेलसिंकी में रह रहे हैं.

सीनन कहना है कि डिटिजल जीवन का मतलब स्वचालन से है, जैसे कि सुपरमार्केट से (स्वचालित) चेकआउट.

वह ऑनलाइन सेवाओं के अंग्रेजी भाषा मे होने को भी वरीयता देते हैं. इससे फिनिश भाषा सीखे या समझे बिना भी वह रोजमर्रा के काम निपटा सकते हैं.

"फ़िनलैंड में इंटरनेट पर ढेरों जानकारियां अंग्रेजी में हैं. डॉक्टर की बुकिंग से लेकर कर्मचारी के रूप में अधिकार समझने तक. 2004 में जब मैं छात्र के रूप में यहां आया था तब से बहुत कुछ बदल गया है."

फ़िनलैंड में डिजिटल बुनियादी ढांचा बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा और समुदाय पर भी जोर दिया गया है.

सीनन कहते हैं, "हेलसिंकी की नई लाइब्रेरी में शानदार डिजिटल सुविधाएं हैं. सामुदायिक केंद्रों में सभी क्षेत्रों के लोग व्यायाम करने, खाने-पीने और ऑनलाइन होने के लिए आते हैं."

दूरदराज़ के इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल की पहुंच होने के बावजूद फिनलैंड के ज़्यादातर लोग नेटवर्क से अलग होकर रहते हैं.

सीनन कहते हैं, "गर्मियों में फिनलैंड के लोग अपने कॉटेज में ही रहते हैं. उस समय वे इंटरनेट से जुड़े नहीं रहते."

फिनलैंड में ऐसे पांच लाख से ज्यादा समर कॉटेज बने हैं जहां लोग आराम करने जाते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में फिनलैंड को सबसे स्वस्थ देशों में शुमार किया है.

यहां की 30 से 64 साल की आबादी के आधे से ज़्यादा लोग सप्ताह में 150 मिनट का हल्का व्यायाम या 70 मिनट का कठिन व्यायाम करते हैं.

इसरायल

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इसरायल

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इंटरनेट तक बेरोकटोक पहुंच और स्थानीय मोबाइल नंबर पाने में आसानी के मामले में इसरायल तीसरे नंबर पर है. इसके पास एक मज़बूत और उन्नत तकनीक केंद्र है.

यहां के लोगों ने खुशी-खुशी देश के उपनाम "स्टार्ट-अप नेशन" को अपनाया है और कुछ ही लोग सोशल और कम्युनिकेशन ऐप्स से अलग हैं.

इसरायल की निवासी और इंटरनेशन्स की एंबैसडर मारिया पिनेलिस कहती हैं, "बुजुर्गों के पास भी स्मार्ट फोन हैं. वे फेसबुक पर समय बिताते हैं या वॉट्सएप पर टेक्स्ट या मैसेंजर पर वीडियो चैट करते हैं."

"आप यहां 70 साल की बूढ़ी महिलाओं को भी अमरीका या कहीं और रह रहे अपने नाती-पोते को वीडियो कॉल करते देख सकते हैं."

तेल अवीव के पास रहने वाले राफेल होप डिजिटल मीडिया बिज़नेस आमीन वी'आमीन के सीईओ और सह-संस्थापक हैं.

उनका कहना है कि यहां इंटरनेट तेज़, सस्ता और भरोसेमंद है. यह नये उद्यमियों और डिजिटल घुमक्कड़ों की मदद करता है.

"मैं निजी तौर पर अपने अधिकतर काम घर से या कॉफी शॉप से करता हूं."

"कॉफी की कई दुकानें मुफ़्त वाई-फ़ाई की सुविधा देती हैं. महानगरीय क्षेत्रों में कई जगहों पर स्थानीय इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर भी अपने उपभोक्ताओं को मुफ़्त वाई-फ़ाई की सुविधा देते हैं."

स्टार्ट-अप के इच्छुक लोग आम तौर पर तेल अवीव का रुख़ करते हैं जो कभी न सोने वाले शहर के रूप में जाना जाता है.

इसरायल के लगभग 1,000 स्टार्ट-अप में से ज़्यादातर तेल अवीव में ही हैं. होप कहते हैं, "इसरायल के लोगों को यह पसंद है, ख़ासकर युवाओं को जो इसका हिस्सा बनने के लिए तेल अवीव में महंगा किराया देने को भी तैयार रहते हैं."

कनाडा

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कनाडा

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कनाडा ने डिजिटल जीवन के लगभग सभी वर्गों में लगातार अच्छा स्कोर किया है, ख़ासकर सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन सुलभता और कैशलेस भुगतान के मामले में.

बड़े शहरों में तकनीक को जल्दी अपना लिया जाता है और इंटरनेट सेवाएं तेज़ हैं इसलिए वहां डिज़िटल जीवन की रफ़्तार भी तेज़ है.

पेंगुइन एंड पिया में ब्लॉक लिखने वाले एरिक विचोपेन कहते हैं, "टोरंटो जैसे बड़े शहर डिजिटल जीवन के लिए अधिक अनुकूल हैं."

छोटी और नई दुकानों में मोबाइल पे सहित भुगतान के नये (नकदी-रहित) तरीके अपनाए जा रहे हैं.

दूसरे देशों के मुक़ाबले कनाडा में कनेक्टिविटी थोड़ी महंगी है, फिर भी टेलीकॉम सेक्टर केंद्रीकृत है और दूरदराज के क्षेत्रों में हर जगह कवरेज नहीं है.

क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म क्वाइनस्क्वायर के चीफ़ डिजिटल एंड ग्रोथ ऑफिसर थॉमस जानकोव्स्की का कहना है कि कनाडा में इंटरनेट महंगा है और इसकी रफ़्तार कम है.

लेकन कुल मिलाकर कनाडा की सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता (8वीं रैंकिंग) और ऑनलाइन सेवाओं की सुलभता (11वीं रैंकिंग) ने यहां के उद्यमियों को मौका दिया है, शुरुआत को आसान बनाया है और बिज़नेस को कहीं से भी चलाने की सहूलियत दी है.

जानकोव्स्की कहते हैं, "घर, कैफ़े या टेंट से भी कंपनी को ऑनलाइन शुरू और संचालित करने, बैंकिंग, संचालन, हिसाब-किताब रखने, बिल का भुगतान करने और दस्तावेजों के नवीनीकरण की सहूलियत से चमत्कार हो सकता है. कारोबार की लागत घट सकती है और बहुत सारा समय बच सकता है."

दक्षिण कोरिया

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दक्षिण कोरिया

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घर में हाई-स्पीड इंटरनेट की सुलभता के मामले में दक्षिण कोरिया नंबर एक है. इसने लोगों की ज़िंदगी को भी तेज़ बना दिया है.

सोल में रहने वाली चोई ये यून कहती हैं, "दक्षिण कोरिया का दैनिक जीवन तेज़ी से भागता है. खाना ऑर्डर करने, डिलीवरी लेने और भुगतान करने का काम सिर्फ़ 5 सेकेंड में हो जाता है."

चोई को काकाओ बैंक सर्विस जैसी सुविधाएं पसंद हैं, जिसमें डिज़िटल बैंकिंग को मैसेंजर एप से जोड़ा गया है.

दक्षिण कोरिया में इंटरनेट की रफ़्तार दुनिया में सबसे तेज़ है. गेम्स से लेकर वीडियो स्ट्रीमिंग तक के मनोरंजन विकल्प हर जगह सुलभ हैं.

चोई कहती हैं, "हम ट्रेनों में भी बोर नहीं होते क्योंकि वहां भी हम यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर हैशटैग देख सकते हैं."

सोल में ही रहने वाले ली नामू (मार्टिन) इससे सहमत हैं. "कोरिया में इंटरनेट की रफ़्तार से दुनिया को रश्क हो सकता है. यहां वीडियो स्ट्रीमिंग, गेम्स डाउनलोड और वीडियो चैट कुछ भी नहीं रुकता."

पड़ोसी चीन और उत्तर कोरिया के मुक़ाबले दक्षिण कोरिया की सरकार ने इंटरनेट को मुक्त रखा है. इससे यहां के नागरिक भी ज़्यादा भागीदार बने हैं.

चोई कहती हैं, "डिजिटल बराबरी ने दक्षिण कोरिया में लोकतंत्र को आगे बढ़ाया है. मुक्त इंटरनेट की सुलभता ने सामाजिक समस्याओं में नागरिकों की दिलचस्पी बढ़ाई है."

2016-17 के कैंडल लाइट प्रदर्शनों को सशक्त बनाने का श्रेय सोशल मीडिया को जाता है. सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व राष्ट्रपति पार्क गुन-हे को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

सोशल मीडिया ने #MeToo आंदोलन को भी बढ़ाया जिसके बाद कई गिरफ्तारियां हुईं और यौन उत्पीड़न को लेकर जागरुकता आई.

हालांकि सभी सेवाएं और ऐप वांछित नहीं है. ली कहते हैं, "कुछ डिजिटल सेवाएं फालतू हैं. सॉफ्टवेयर कभी-कभी मेरे डिवाइस की रफ़्तार घटा देते हैं और पर्सनल डेटा को लीक कर देते हैं."

इस साल की शुरुआत में दक्षिण कोरिया के कुछ एंड्रॉयड ऐप पासवर्ड और वित्तीय जानकारियां लीक करते हुए पाए गए थे. ब्लूमबर्ग ने दक्षिण कोरिया को डेटा उल्लंघन के जोखिम के मामले में सबसे ऊपर रखा है.

ली स्थानीय ऐप्स की जगह अमेजॉन और पे-पाल जैसे अमरीकी ऐप्स का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं.

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