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वो शहर, जिसे अजनबियों से मुहब्बत है
- Author, लिंडसे गैलोवे
- पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
दुनिया में कुछ गिने-चुने शहर हैं, जिन्हें एटरनल सिटी (Eternal City) यानी सनातन शहर कहा जाता है.
हमारी काशी नगरी या बनारस शहर ऐसा ही एक शहर है. इसी तरह यूरोप के रोम और एथेंस शहरों को भी एटरनल सिटी का दर्जा हासिल है. सनातन शहर उन शहरों को कहते हैं जो हज़ारों सालों से आबाद हैं.
ग्रीस या यूनान की राजधानी एथेंस में भी हज़ारों साल पहले से इंसानों के रहने के सबूत मिलते हैं. ऐतिहासिक शहरों की बात करें तो एथेंस का कोई सानी नहीं. यहां के हर खंडहर में इतिहास छुपा है. न सिर्फ़ यूनान का बल्कि पूरे यूरोप का और मानवता है. एथेंस की हर गली से जुड़े हज़ारों दास्तानें हैं.
एथेंस को यूरोप की सभ्यता का केंद्र कहा जाता है. पश्चिमी देशों की सभ्यता की राजधानी कहा जाता है. एथेंस ने दुनिया को दार्शनिक दिए, लोकतंत्र दिया और नाटक कला की नेमत भी अता की. एथेंस की इमारतें और खंडहर पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति की बुनियाद मानी जाती हैं.
यूनान की बहुत पुरानी परंपरा
एथेंस के खंडहरों में ही आबाद है यूनान की बहुत पुरानी परंपरा. ग्रीक ज़बान में इसे फिलोज़ीनिया कहते हैं. इसका मतलब है अजनबियों से मोहब्बत. हालांकि स्थानीय लोग इसे अब विदेशियों के प्रति गर्मजोशी मानते हैं.
आपको एथेंस पहुंचते ही ग़ज़ब की गर्मजोशी और अपनेपन का एहसास होगा. एथेंस हाथ फैलाकर खुले दिल से, हर आने-जाने वाले का सम्मान और स्वागत करता है.
लंदन से आकर एथेंस में बसने वाली जूलियन विलियम्स कहते हैं कि एथेंस बहुत दोस्ताना शहर है.
एथेंस के शानदार इतिहास को निहारने के लिए हर साल दुनिया भर से क़रीब 45 लाख लोग आते हैं. लेकिन एथेंस ने अपने शानदार इतिहास में आधुनिकता के पन्ने भी जोड़े हैं.
लोग एथेंस को पसंद क्यों करते हैं?
एथेंस की ही रहने वाली क्रिसी मैनिका कहती हैं कि बाहर के लोग हों या इसी वतन के, सबको ये शहर बहुत प्यारा लगता है. जब भी आप इसकी गलियों में घूमेंगे, तो यहां के कैफ़े और बार लोगों से आबाद नज़र आएंगे. क्रिसी को एथेंस के सिटी सेंटर प्लाका के आस-पास घूमना बहुत पसंद है. क्रिसी कहती हैं कि आस-पास सैलानियों की भीड़ से आपको लगता है कि छुट्टियां चल रही हैं और आप पिकनिक पर निकले हैं.
ग्रीस का मौसम भी सैलानियों के लिए बहुत हमवार है. साल में कम से कम 250 दिन यहां खिला हुआ सूरज देखने को मिलता है. अमरीकी सैलानी मीना एग्नॉस कहती हैं कि यहां अप्रैल से अक्टूबर तक मौसम एकदम साफ़ रहता है. इसकी वजह से आप एथेंस के आस-पास मौजूद जज़ीरों पर घूमने जा सकते हैं.
मीना लोगों को क़रीब 35 समुद्री मील दूर स्थित हाइड्रा द्वीप पर जाने की सलाह देती हैं. ये बिल्कुल शांत है. यहां पर कारों को ले जाने की मनाही है. तो आपके लिए पैदल चलना या फिर साइकिल से घूमना आसान होता है. बहुत से सैलानी यहां गधों और खच्चरों की सवारी भी करते हैं. ये द्वीप शांत भी है और आरामतलबी के लिए भी मशहूर है. द्वीप पर मौजूद कैफ़े में भी भीड़ कम ही रहती है. हाइड्रा द्वीप दुनिया भर के सेलेब्रिटीज़ के बीच काफ़ी लोकप्रिय रहा है.
मीना कहती हैं कि एथेंस से पहाड़ी और जंगली इलाक़े भी ज़्यादा दूर नहीं हैं. अगर किसी को शहर के शोर-शराबे से वहशत होती है, तो शांत पहाड़ी और जंगली इलाक़ों का रुख़ कर सकता है. माउंट हाइमेटस एथेंस से महज़ 5-6 किलोमीटर दूर है. यहां आप बाइकिंग के लिए जा सकते हैं.
एथेंस में रहने का तजुर्बा कैसा है?
मीना एग्नॉस कहती हैं कि एथेंस जैसे पुराने शहर में रहने पर आपको इतिहास से मोहब्बत हो जाती है. हर गली, हर चौराहे पर आपको इतिहास का एक टुकड़ा निहारना अच्छा लगता है. शहर के मशहूर खंडहर जैसे कि एक्रोपोलिस या टेंपल ऑफ़ ज़्यूस तो ख़ैर दुनिया भर में मशहूर हैं.
इनके अलावा एथेंस में कई नए इलाक़े भी आबाद हुए हैं. जैसे कि कोऊकाकी नाम की बस्ती को दुनिया की सबसे कूल नई बस्ती का दर्जा मिला है. हाल ही में एथेंस में आधुनिक कला का एक म्यूज़ियम भी खोला गया है. कुछ लोग एक्ज़ार्किया नाम के इलाक़े को देखने जाने की सलाह भी देते हैं. ये इलाक़ा ऐतिहासिक भी है और ग्रीस की हालिया सियासी उठा-पटक का गवाह भी.
बाहर से आने वाले लोग यूं तो ऐतिहासिक ठिकानों और म्यूज़ियम के चक्कर ही लगाते रहते हैं. मगर, एथेंस की गलियों में भी बहुत से दिलचस्प राज़ छुपे हैं. लंदन से आकर एथेंस में बसी कैटिलेन आल्प कहती हैं कि एथेंस के पास अंगूरों के भी कई बाग़ हैं. इनमें से कई जगह बहुत उम्दा वाइन तैयार की जाती है.
ग्रीस में पिछले दिनों काफ़ी सियासी और आर्थिक उठा-पटक हुई है. पिछले दशक में आई मंदी का सबसे ज़्यादा असर यहीं देखने को मिला था. इसलिए इन दिनों देश में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी फैली हुई है. लोगों को उनके काम के एवज़ में ठीक से पैसे नहीं मिल रहे. कुल मिलाकर ग्रीस के लोग अपने मौजूदा निज़ाम से नाख़ुश हैं.
लेकिन, अच्छी बात ये है कि एथेंस बहुत सस्ता शहर है. लंदन के मुक़ाबले यहां उसके आधे पैसे में ही आपका ख़र्च चल जाएगा.
यहां घूमते हुए अगर आपको ग्रीक ज़बान नहीं भी आती, तो काम चल जाएगा. बहुत से यूनानी लोग अच्छी अंग्रेज़ी बोलते हैं. मगर, गर्मजोशी बढ़ानी हो, तो थोड़ी बहुत ग्रीक बोलने में हाथ आज़माइए. लोग विदेशियों के मुंह से अपनी भाषा सुनकर बहुत ख़ुश होते हैं.
फिर हो सकता है कि वो आपको शहर के कुछ ऐसे राज़ बता दें, जो सिर्फ़ स्थानीय लोगों को मालूम होते हैं.
एथेंस जाने वाले विदेशी सैलानी दुनिया में सबसे ज़्यादा ख़ुश होते हैं.
(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी ट्रैवल पर उपलब्ध है.)
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