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इंस्टाग्राम के कैप्शन तस्वीरों से ज़्यादा महत्वपूर्ण क्यों
- Author, ब्रायन लुफ़किन
- पदनाम, बीबीसी वर्कलाइफ़
वे हल्के-फुल्के या गंभीर, छोटे या बड़े, गूढ़ या तुच्छ हो सकते हैं. वे द्विअर्थी हो सकते हैं, जैसे जेनिफ़र एनिस्टन का "और अब हम इंस्टाग्राम पर भी दोस्त हैं."
वे सीधे-सपाट हो सकते हैं, जैसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो का "सबको हैप्पी हेलोवीन."
उनमें स्टंट हो सकता है, जैसे भूरे अंडे के साथ लिखा "आइए हम मिलकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएं और इंस्टाग्राम पर सबसे ज़्यादा लाइक्स पाएं."
ये सब इंस्टाग्राम के कैप्शन हैं. इंस्टाग्राम एक दृश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जहां तस्वीरें मुख्य आकर्षण हैं, लेकिन इन छोटे कैप्शन की पहुंच भी बढ़ रही है.
नहीं दिखेंगे "लाइक्स"
इंस्टाग्राम ने एक नए अध्याय में प्रवेश किया है. अमरीका के कुछ हिस्सों में अब वह किसी पोस्ट को मिलने वाले लाइक्स की संख्या नहीं बताएगा.
केवल पोस्ट करने वाला ही यह देख पाएगा कि उसका पोस्ट कितना लोकप्रिय हुआ. इस प्रयोग का मकसद प्रतियोगिता घटाना और यूजर्स की मानसिक सेहत सुधारना है.
ऑस्ट्रेलिया, जापान और ब्राजील समेत अन्य देशों में भी इसी तरह के प्रयोग चल रहे हैं.
कुछ इंफ्लूएंसर और बड़ी हस्तियां छाती पीट रही हैं कि इससे उनका काम मुश्किल हो जाएगा, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कैप्शन और उस पर आने वाली टिप्पणियां अहम हो जाएंगी.
तस्वीरों के साथ लिखे शब्द यह तय करने में मददगार होंगे कि कौन-सा इंफ्लूएंसर क़ामयाब होगा.
कैप्शन की ताक़त
गूगल पर एक साधारण सर्च करें तो पता चल जाएगा कि लोग कैप्शन को कितनी अहमियत देने लगे हैं.
गूगल पर लाखों परिणाम आते हैं जैसे "1,000 से ज़्यादा इंस्टाग्राम कैप्शन- गीतों और उद्धहरणों का संग्रह" और लड़कों के लिए "तुरंत इस्तेमाल के लायक 31 सर्वश्रेष्ठ इंस्टाग्राम कैप्शन".
इंटरनेट पर दोस्तों, फिटनेस और खाना- हर संदर्भ के लिए कैप्शन उपलब्ध हैं.
जाहिर है कि इनमें से कई कैप्शन इंस्टाग्राम के शौकिया यूजर्स के लिए हैं, जो एक ठीक-ठाक पोस्ट बनाना चाहते हैं और कैप्शन के लिए कुछ प्रेरणा की तलाश करते हैं.
लेकिन इसका एक गंभीर पक्ष है. इंस्टाग्राम के पुराने यूज़र और इंफ्लूएंसर जानते हैं कि कैप्शन का मतलब सिर्फ़ इमोजी लगाना नहीं है. कैप्शन के ज़रिए वे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से संवाद करते हैं.
मुंबई के ट्रैवेल-फोटोग्राफर सिद्धार्थ जोशी का कहना है कि वे ख़ूबसूरत तस्वीरों के साथ कैप्शन लगाते हैं ताकि कुछ तथ्यों का पता चले, जैसे हाल के कश्मीर लॉकडाउन के मामले में.
जोशी के मुताबिक़ कैप्शन में वे सूचनाएं होती हैं जो तस्वीर में नहीं होती. हालांकि, वह निजी तौर पर तस्वीरों को ज़्यादा अहमियत देते हैं.
कैप्शन तस्वीरों में संदर्भ जोड़ते हैं और आपकी आवाज़ को आकार देते हैं, जिससे फॉलोअर्स की तादाद बढ़ती है.
शिकागो की इंफ्लूएंसर मारिको डेनिस कैप्शन को केक के ऊपर लगी चेरी की तरह देखती हैं. वह अपनी जूलरी बिजनेस को इंस्टाग्राम पर प्रोमोट करती हैं.
डेनिस के लिए कैप्शन अनुयायियों के साथ संबंध बनाने का जरिया है, जो उनकी शख्सियत और विचार प्रक्रिया की जानकारी देते हैं.
इंफ्लूएंसर के लिए कैप्शन संवाद को बढ़ाते हैं. यह इस बात से मापा जाता है कि कितने लोग एक पोस्ट को पसंद करते हैं, उस पर टिप्पणी करते हैं या उसे साझा करते हैं.
संवाद होगा तो पैसा बनेगा
किसी पोस्ट को देखना भर पर्याप्त नहीं है. उस पर ज़्यादा संवाद होगा, तभी इस बात की संभावना बनेगी कि ब्रांड उस इंफ्लूएंसर के साथ बिजनेस डील करें.
इंफ्लूएंसरों को बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ने वाली न्यूयॉर्क की एजेंसी सोशलफ्लाई की सह-सीईओ स्टेफनी कार्टिन कहती हैं, "इंस्टाग्राम पर कोई शक्तिशाली तस्वीर यूजर्स को रोक देती है. लेकिन कैप्शन उनको व्यस्त कर देता है."
"निजी कहानियां साझा करना, ख़ास फ़ीडबैक मांगना, विचारपूर्ण या मनोरंजक प्रश्न पूछना संवाद शुरू करने का शानदार तरीका है."
विश्लेषणों से पता चलता है कि इंस्टाग्राम की जिन तस्वीरों के साथ कैप्शन होता है उन पर ज़्यादा संवाद होता है.
सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी सोशलबेकर्स ने 2017 में छह बड़ी मीडिया कंपनियों (जैसे बज़फ़ीड और हफ़पोस्ट) का अध्ययन किया. इसमें पता चला कि जिन पोस्ट के साथ टेक्स्ट था उनसे औसतन 41 फीसदी ज़्यादा लोग जुड़े.
कार्टिन कहती हैं, "मार्केटिंग के लिए संवाद से समुदाय को बढ़ावा मिलता है. इसी से विचारपूर्ण कैप्शन का मोल बढ़ता है."
जुड़ने का तरीक़ा
कैप्शन की शक्ति उस समुदाय की भावना से आती है जिसे वे पैदा करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि हम जिनको फॉलो करते हैं उनसे जुड़ने में ये कैप्शन पुल का काम करते हैं.
पॉल बेंज़ोन न्यूयॉर्क के स्किडमोर कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं और इंटरनेट कल्चर और डिजिटल पहचान में महारत रखते हैं.
उनका कहना है कि कैप्शन उस लूप को बनाए रखने में मददगार होता है जो हमें सोशल मीडिया के दायरे में रखता है.
पॉल बेंज़ोन कहते हैं, "सोशल मीडिया यूजर और मशहूर हस्तियों के बीच के मैदान को समतल करता है. इंफ्लूएंसर होने का मतलब है कि उसका काम इससे पैसे कमाना है."
"अगर यही मॉडल है तो उनकी कमाई लोगों को जोड़ने और उनके साथ संवाद बढ़ाने पर निर्भर करती है."
अच्छा कैप्शन कैसे बनता है?
इसके लिए जो सलाह दी जाती है, उसमें दोस्तों को लाइक या टैग करना, इमोजी और हैशटैग जोड़ना, बहुत लंबे या बहुत छोटे संदेशों से बचना और पोस्ट करने से पहले कई मसौदे तैयार करना शामिल होता है.
लेकिन, उसका असली इस्तेमाल पाठकों से जुड़ना होता है. इसी वजह से इंस्टाग्राम कैप्शन का विकास हुआ है.
लीना डनहम और टेलर स्विफ्ट जैसी कुछ हस्तियां लंबे और नितांत निजी वक्तव्य के रूप में "मेगाकैप्शन" देती हैं.
इससे सोशल मीडिया पर नए चलन का भी पता चलता है. मशहूर और प्रभावशाली हस्तियां मानसिक सेहत जैसे मसलों पर खुलकर बात कर रही हैं.
लेकिन इससे इंस्टाग्राम पर एक नए किस्म की चूहा दौड़ भी शुरू हुई है, जहां इंफ्लूएंसर को लगता है कि अपनी आत्मा को खोलकर रख देना ज़रूरी है.
कैप्शन के ख़तरे भी
टिप्पणियों की बाढ़ लाने वाले कैप्शन का उल्टा असर भी पड़ सकता है. 5.40 करोड़ फॉलोअर्स वाली अमरीकी रैपर कार्डी बी ने "लाइक्स" को छिपाने का विरोध किया था.
कार्डी बी का कहना है कि असल में टिप्पणियां इंस्टाग्राम पर सबसे बड़ी समस्या वाले तत्व हैं.
इंस्टाग्राम ने टिप्पणियों को पसंद करने या उन पर आगे टिप्पणी करने से रोक नहीं लगाई है.
कार्डी बी का कहना है कि इंस्टाग्राम यूजर्स पागलपन से भरी दलीलें शुरू कर देते हैं और यह सब टिप्पणियों से शुरू होता है, क्योंकि वे शीर्ष पर रहना चाहते हैं.
जिस कमेंट को ज़्यादा लाइक मिलते हैं वह किसी पोस्ट के साथ सबसे ऊपर दिखता है.
महिलावादी साइट जेज़ेबेल के मुताबिक "कार्डी उन लोगों के मुक़ाबले इस मसले का बेहतर विश्लेषण करती हैं, जिनको ऐसे फ़ैसलों के लिए भुगतान किया जाता है."
कार्डी के अनुयायियों ने भी उनका समर्थन किया है. उनका कहना है कि इंस्टाग्राम को "लाइक्स" छिपाने की जगह बोट एकाउंट्स और ट्रोल को हटाने पर ध्यान देना चाहिए.
आपके समुदाय जितना बड़ा
न्यूयॉर्क के एडएक्सचेंजर जैसे विश्लेषकों का अनुमान है कि जब "लाइक्स" से किसी पोस्ट की पहुंच का पता नहीं चलेगा तब काइली जेनर्स या जस्टिन बीबर्स की तुलना में कम मशहूर लोगों को फायदा हो सकता है.
"माइक्रो इंफ्लूएंसर्स (वफादार फोलोअर्स वाले लोगों) को ज़्यादा बिजनेस मिलेगा. मशहूर हस्तियों को बहुत सारे लाइक्स मिलते हैं लेकिन उनका यूजर्स के साथ निजी रिश्ता नहीं होता."
इंफ्लूएंसरों को लगता है कि ये बदलाव उनकी आजीविका पर असर डालेंगे. पायलट योजना के दौरान कुछ के आंसू निकल गए थे. उनका कहना था कि "लाइक्स" को छिपाने से संवाद ख़त्म हो जाएगा.
लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि यह दूसरे तरीके से ज़्यादा क्रिएटिव होने का मौका है- जैसे बेहतर कैप्शन लिखना जिसमें लोगों की दिलचस्पी हो और वे उसमें शरीक हों.
कार्टिन कहती हैं, "इंफ्लूएंसर का उतना ही मोल है जितना बड़ा समुदाय वे बनाते हैं."
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