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वो व्यंजन जिसे क़ानून का संरक्षण मिला हुआ है
- Author, अन्ना मकरमैन
- पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
विएना की बेकरस्ट्रास सड़क पर सवा ग्यारह बजे हैं और फ़िगलम्यूलर रेस्तरां के बाहर कतार लगनी शुरू हो गई है.
अंदर कई घंटों से तैयारियां चल रही हैं. आलू बहुत पहले काटे जा चुके हैं, लेकिन अभी कम से कम 15 मिनट और लगेंगे.
चीफ़ शेफ़ मार्कस ब्रूनर तैयारियों को जांचते हैं. अंडे, आटा, ब्रेडक्रंब, लकड़ी के हत्थे वाले दो लंबे कांटे सब करीने से रखे हुए हैं.
तीन कड़ाहियों में तेल गर्म हो रहा है, जिनका तापमान फ़िगलम्यूलर ने गोपनीय रखा है.
जैसे ही रेस्तरां का गेट खुलता है और पहले स्केनिट्ज़ेल का ऑर्डर मिलता है, कड़ाहियों से कटलेट तलने की आवाज़ें आने लगती हैं.
ब्रूनर अपने लंबे कांटे से विशाल गोल कटलेट को एक कड़ाही से निकालकर दूसरी कड़ाही में डालते हैं.
तीसरी कड़ाही से निकलने के बाद वह सुनहरे रंग का हो जाता है और अब वह प्लेट में नींबू के टुकड़ों के साथ परोसे जाने के लिए तैयार है.
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विएना की पहचान
यह पारंपरिक खाना विएना के व्यंजनों का प्रतीक बन चुका है. वीनर स्केनिट्ज़ेल (या विएनीज़ स्केनिट्ज़ेल) ऑस्ट्रिया की राजधानी की पहचान से वैसे ही जुड़ा है जैसे बरोक के महल और यहां के मशहूर संगीतकार जुड़े हैं.
यहां के सभी रेस्तरां में बछड़े के मांस से बना वील कटलेट मिठाइयों और सिरके वाले आलू सलाद या फ्रेंच फ्राइज़ के साथ परोसा जाता है.
लेकिन स्केनिट्ज़ेल की संस्कृति रेस्तरां तक सीमित नहीं है. यह ऑस्ट्रिया का सबसे प्रमुख राष्ट्रीय खाना है जिसके लिए विएना में सालाना फ़ेस्टिवल आयोजित होते हैं.
9 सितंबर को राष्ट्रीय वीनर स्केनिट्ज़ेल दिवस तय किया गया है. इसे प्रोमोट करने के लिए एक ऑनलाइन स्केनिट्ज़ेल म्यूजियम भी खोला गया है, जिसका दावा है कि वीनर स्केनिट्ज़ेल ऑस्ट्रिया की सांस्कृतिक संपत्ति है.
यह खाना आया कहां से?
सबसे मशहूर किंवदंती यह है कि 19वीं सदी के आख़िर के एक युद्ध के दौरान एक ऑस्ट्रियाई जनरल ने इटैलियन डिश कोटोलेटा अल्ला मिलानीज (मिलानीज वील कटलेट) की खोज की थी.
विएना वापस आकर उन्होंने अपने रसोइये से थोड़े बदलाव के साथ वही डिश तैयार करने का हुक्म दिया. इस तरह वीनर स्केनिट्ज़ेल का जन्म हुआ.
लेकिन इतिहासकार और शेफ़ बताते हैं कि ब्रेड से बने स्केनिट्ज़ेल का जिक्र ऑस्ट्रियाई खान-पान की विशेषताओं वाली किताब में मिलता है.
मांस के टुकड़ों पर परत चढ़ाकर तले गए अन्य व्यंजन ऑस्ट्रिया में उससे भी पहले से लोकप्रिय थे.
स्केनिट्ज़ेल के साथ वीनर शब्द बाद में जोड़ा गया. इसका जिक्र सबसे पहले 1831 की एक किताब में मिलता है.
वील कटलेट को विएना के साथ जोड़ने का काम 20वीं सदी की शुरुआत में हुआ जब विएनीज़ किचन और ऑस्ट्रिया की भव्यता का प्रतिनिधित्व करने वाली स्थानीय विशेषताओं को बढ़ावा देने के लिए आंदोलन हुआ.
कुछ व्यंजनों का नाम रखने और उसे संरक्षित करने की इस इच्छा ने वीनर स्केनिट्ज़ेल को बढ़ावा दिया.
इस तरह ऑस्ट्रिया ने अपने व्यंजनों को पड़ोसी देशों में मांस और ब्रेड से बनने वाले व्यंजनों से अलग पहचान दिलाई.
मांस और ब्रेड
विएना के कलिनरी इंस्टीट्यूट के निदेशक वेर्नर सेडलैसेक का कहना है कि सदियों पहले पुराने ब्रेड को चतुराई से इस्तेमाल करने की जो शुरुआत हुई थी वही मांस और सब्जियों पर परत चढ़ाकर तलने का प्रचलित तरीका बना गया.
वह कहते हैं, "विएना के लोग ब्रेड से बने और तले हुए खाने को बहुत पसंद करते हैं. कोई सोच भी नहीं सकता कि वीनर स्केनिट्ज़ेल के बिना ऑस्ट्रिया में कोई मेन्यू हो सकता है."
आज वीनर स्केनिट्ज़ेल को ऑस्ट्रिया और जर्मनी में क़ानूनी संरक्षण हासिल है.
ऑस्ट्रिया के कलिनरी कोड में लिखा है कि वीनर स्केनिट्ज़ेल बछड़े के मांस को अंडे के घोल में डुबोकर, फिर आटे और ब्रेड के चूरे में लपेटकर तलने से बनता है.
बछड़े के मांस की जगह सुअर के मांस का भी इस्तेमाल होता है, लेकिन तब उसे वीनर स्केनिट्ज़ेल वॉम स्वाइन या सिर्फ़ स्केनिट्ज़ेल कहा जाता है.
विएना के दर्जनों रेस्तरां दशकों से इस डिश को परोस रहे हैं. लेकिन फ़िगलम्यूलर का दावा है वही वीनर स्केनिट्ज़ेल का सच्चा घर है.
ब्रूनर कहते हैं, "यह प्यार से बनाया गया है. यहां इस सड़क पर सभी रेस्तरां स्केनिट्ज़ेल बेचते हैं लेकिन लोग फ़िगलम्यूलर में आते हैं."
असली जायक़ा
स्केनिट्ज़ेल के असली जायक़े के लिए विएना आने वाले हज़ारों मेहमानों के लिए फ़िगलम्यूलर के बाहर इंतज़ार करना मुश्किल नहीं होता.
पूरे प्लेट को ढंक देने वाले, हल्के, फूले हुए चिकनाई रहित स्केनिट्ज़ेल को परोसने वाले वेटर हमेशा काले टक्सीडो में होते हैं.
वीनर स्केनिट्ज़ेल की सामग्री और इसे बनाने की विधि क़ानून से निर्धारित है, इसलिए सभी रेस्तरां अंडे, आटे और ब्रेड के चूरे के साथ नमक का इस्तेमाल करते हैं.
ब्रूनर मानते हैं कि सबसे अलग स्केनिट्ज़ेल बनाना मुश्किल हो सकता है. कई रेस्तरां बड़े स्केनिट्ज़ेल परोसते हैं, लेकिन ब्रूनर जो डिश तैयार करते हैं वह सबसे अलग होती है.
वे सिर्फ़ ऑस्ट्रिया के स्थानीय मांस और ब्रेड के ताजा चूरे का प्रयोग करते हैं. लेकिन असली जादू तलने में है.
"फ़िगलम्यूलर स्केनिट्ज़ेल को हम सूरजमुखी के तेल से भरी तीन कड़ाहियों में तलते हैं. इसका तापमान एक राज़ है."
ब्रूनर कहते हैं, "आप इसे एक कड़ाही में भी तल सकते हैं, लेकिन हम तीन कड़ाहियों का इस्तेमाल करते हैं. इससे हमारे स्केनिट्ज़ेल बहुत करारे हो जाते हैं."
जायक़े की तैयारी
मांस की नमी बनाए रखने के लिए पोर्क कटलेट, जिसे यहां फ़िगलम्यूलर स्केनिट्ज़ेल कहा जाता है, को ठीक 4 मिलीमीटर मोटाई और 30 सेंटीमीटर व्यास में काटा जाता है.
वीनर स्केनिट्ज़ेल बनाने के लिए बछड़े के मांस को भी इसी आकार में काटा जाता है, लेकिन उसे तलने के लिए तेल की जगह मक्खन का इस्तेमाल होता है.
ब्रूनर कहते हैं, "हम इसे काटते हैं और मुलायम करते हैं क्योंकि हम मांस की नमी को मांस और आटे की परत के बीच में रखना चाहते हैं."
दूसरे रेस्तरां मांस को काटने, अंडे में डुबोने और ब्रेड के चूरे में लपेटने का काम सुबह ही कर लेते हैं, जिससे वे कम रसीले होते हैं.
फ़िगलम्यूलर और वीनर स्केनिट्ज़ेल का रंग और कुरकुरापन एक अन्य स्थानीय विशेषता से आता है, जो है विएना का कैसर रोल.
फ़िगलम्यूलर के लिए ब्रेड का चूरा बनाने वाले इसे हर हफ़्ते बेक करते, सुखाते और घिसकर बुरादा बनाते हैं.
शराब की दुकान
स्केनिट्ज़ेल हमेशा से फ़िगलम्यूलर का अहम हिस्सा रहा है, लेकिन हमेशा इसकी प्रमुखता नहीं थी. 1905 में जोहान्न फ़िगलम्यूलर ने सेंट स्टीफेन्स कैथेड्रल से कुछ दूरी पर एक वाइन बार खोला था.
इसके स्केनिट्ज़ेल को 1980 के दशक तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई पहचान नहीं मिली थी.
76 साल के हान्स फ़िगलम्यूलर सीनियर कहते हैं, "जब हमारा स्केनिट्ज़ेल मशहूर हो गया तो इसे बनाने के तरीके और इसके रूप-रंग के आधार पर इसका वर्णन किया गया."
हान्स ने 1960 के दशक में यह पारिवारिक व्यवसाय संभाला था और अब उनके दो बेटे इस रेस्तरां के मालिक हैं.
अमरीकी प्रेस में लेख छपने के बाद फ़िगलम्यूलर रेस्तरां में डिनर करने वालों की भीड़ लगने लगी तो विएना के दूसरे रेस्तरां भी इस डिश को अपने मेन्यू में शामिल करने लगे.
पिछले एक दशक में विएना में पर्यटन बढ़ने से इसकी मांग बढ़ी है. लेकिन जहां दूसरे रेस्तरां इसका प्रचलन बढ़ने पर मुनाफ़ा कमाने में लगे हैं, फ़िगलम्यूलर अब भी माणिकता का प्रतीक बना हुआ है.
इस रेस्तरां को अब चौथी पीढ़ी चला रही है, लेकिन अब भी यह संकरी वोल्ज़ाइल गली में अपनी पुरानी जगह पर ही है.
पीने के लिए यहां सिर्फ़ घर की बनी शराब और पानी मिलता है, जैसा कि 1905 में मिलता था.
जब अंदर मेहमान भर जाते हैं तो उन्हें बेकरस्ट्रास सड़क के कोने पर बने दूसरे फ़िगलम्यूलर रेस्तरां में भेज दिया जाता है, जिसे 2001 में खोला गया था. वहां मिठाइयां, बीयर और श्नैप्स भी मिलता है.
ब्रूनर कहते हैं, "ऑस्ट्रिया के लोग भी फ़िगलम्यूलर को पसंद करते हैं, लेकिन इंतज़ार करना उनको पसंद नहीं."
सबसे बड़ा कटलेट
कई स्थानीय लोग जो स्केनिट्ज़ेल खाना चाहते हैं लेकिन जिनके पास ज़्यादा समय नहीं होता, वे न्यूबाऊ में मैग्डेलेना ज़ीनर और उनकी बहन के रेस्तरां स्केनिट्ज़ेलविर्ट चले जाते हैं.
इस रेस्तरां को दूसरी पीढ़ी चला रही है और इसका दावा है कि उसके वीनर स्केनिट्ज़ेल शहर में सबसे बड़े और सबसे अच्छे हैं.
ज़ीनर इस डिश की कानूनी परिभाषा में बंधकर नहीं रहतीं और इसकी 11 किस्में बनाती हैं.
वह कहती हैं, "वे कहते हैं कि वीनर स्केनिट्ज़ेल बछड़े के मांस से बनता है, लेकिन मैं कहती हूं कि यह वास्तव में सुअर के मांस से बनता है. लोगों के पास पहले इतने पैसे नहीं होते थे और बछड़े का मांस बहुत महंगा होता था."
"हम बड़े और सस्ते स्केनिट्ज़ेल के लिए मशहूर हैं और बछड़े के मांस से आप बड़े और सस्ते स्केनिट्ज़ेल नहीं बना सकते."
ज़ीनर भी मानती हैं कि पूरे शहर में स्केनिट्ज़ेल के प्रति रुचि बढ़ी है. पिछले कुछ साल बहुत व्यस्त रहे, क्योंकि विएना के इस जायके को चखने के लिए अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का तांता लगा रहा.
विएना के स्कोनब्रून महल के पास कैफ़े डोमेयर केक और मिठाइयों के लिए जाना जाता है.
यही वह जगह है जहां से जोहान्न स्ट्रॉस ऑर्केस्ट्रा की शुरुआत हुई थी, लेकिन स्केनिट्ज़ेल की बढ़ती लोकप्रियता के कारण यहां की रसोई में इन दिनों वीनर स्केनिट्ज़ेल तैयार होता रहता है.
यहां सुअर और बछड़े, दोनों के मांस से स्केनिट्ज़ेल तैयार होता है. कैफ़े के मैनेजर हान्स मार्टिन पोलाक कहते हैं, "यह यहां बहुत लोकप्रिय है."
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बाद भी फ़िगलम्यूलर के वीनर स्केनिट्ज़ेल ही मानक हैं. इसके कटलेट शहर की पहचान हैं.
जर्मन प्रकाशन डॉयचे वेले ने हाल ही में इसे "विएना में स्केनिट्जेल का पता" करार दिया था.
ग्राहकों की भीड़
साढ़े ग्यारह बजे फ़िगलम्यूलर रेस्तरां में ग्राहकों की भीड़ लगी है. हाउस मैनेजर खाने वालों को लकड़ी के तख्तों पर बिठा रहे हैं.
अमरीका से आया एक जोड़ा मेन्यू को देखने-परखने के बाद फ़िगलम्यूलर स्केनिट्ज़ेल और मीठे आलू सलाद का ऑर्डर देता है.
ब्रूनर रसोई से बाहर आते हैं और दरवाजे के बाहर कतार में खड़े परिवारों को देखते हैं.
वह कहते हैं, "फ़िगलम्यूलर से पहले मैंने कभी ऐसे रेस्तरां में काम नहीं किया जहां लोग हर दिन बाहर कतार लगाते हों. वास्तव में यह एक सुखद अहसास है."
(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी ट्रैवल पर उपलब्ध है.)
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