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क्या टिकटॉक के सितारे कभी पैसे भी कमा पाएंगे?
- Author, क्रिस स्टोकल-वॉकर
- पदनाम, बीबीसी कैपिटल
21 साल की विकी बैन्हम को एक मार्केटिंग कंपनी का फ़ोन कॉल आया तो वह दंग रह गईं.
उनको तुरंत फ़्लाइट पकड़कर इबिज़ा (स्पेन) आने और डीजे सिगला के नये अलबम की लॉन्च पार्टी में शरीक होने का अनुरोध किया गया था.
बैन्हम इस स्पेनिश द्वीप पर पहुंचीं और डीजे की पार्टी में शरीक हुईं. उनको अब भी यकीन नहीं होता कि काल्पनिक लगने वाली ये चीज़ें उनके साथ हुईं.
वह कहती हैं, "वहां 24 घंटे की दीवानगी थी. उसमें भरपूर मस्ती थी." बैन्हम को पार्टी में इसलिए बुलाया गया था क्योंकि टिकटॉक पर उनके 13 लाख फ़ैन्स हैं.
टिकटॉक चीनी कंपनी बाइटडांस का एक स्मार्टफ़ोन ऐप है जिस पर यूज़र्स छोटे वीडियो और मीम्स शेयर करते हैं.
बैन्हम को बुलाने वाली कंपनी ने उनके साथ कोई डील नहीं की, न ही यात्रा ख़र्च से ज़्यादा भुगतान करने का कोई वादा किया.
उनसे इवेंट के वीडियो अपने टिकटॉक प्रोफ़ाइल पर डालने की शर्त भी नहीं रखी गई.
वह कहती हैं, "वह बस टिकटॉक के कुछ लोगों को वहां चाहते थे."
बैन्हम को मिले न्योते से सोशल मीडिया जगत में टिकटॉक की अहमियत का पता चलता है.
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युवाओं में लोकप्रिय
ऐप मॉनिटरिंग कंपनी सेंसरटावर के मुताबिक़, फ़रवरी में एप्पल और एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन पर टिकटॉक डाउनलोड की संख्या एक अरब को पार कर गई.
2018 में ही इसे 66 करोड़ बार डाउनलोड किया गया. इसी दरम्यान इंस्टाग्राम 44 करोड़ बार डाउनलोड किया गया.
डिजिटास यूके के स्ट्रैटजी पार्टनर जेम्स व्हाटले टिकटॉक की तुलना स्नैपचैट और वाइन से करते हैं. ये दोनों ही ऐप छोटे कंटेंट के विशेषज्ञ हैं और युवाओं में लोकप्रिय हैं.
व्हाटले कहते हैं, "यहां आप सच्ची मज़ेदार मौलिकता को वायरल होता देखते हैं."
टिकटॉक के करोड़ों दीवाने यूज़र्स किशोर हैं या किशोर बनने की दहलीज़ पर हैं. उन तक पहुंच बनाना विज्ञापनदाताओं का सपना होता है.
इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रभावशाली लोगों की कमाई के रिकॉर्ड मौजूद हैं. जिनके लाखों फॉलोवर हों वे किसी एक प्रायोजित पोस्ट से ही छह-अंक वाली रकम कमा सकते हैं.
क्या यह टिकटॉक सितारों पर भी लागू होता है?
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नया प्लेटफॉर्म
टिकटॉक के सितारे फ़िलहाल प्रायोजित वीडियो से पैसे कमा रहे हैं, जो प्रतिद्वंद्वी वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब से अलग है.
स्पेनिश एक्टर जावी लूना कहते हैं, "यूट्यूब पर आपके वीडियो को कितने लोगों ने देखा, इस हिसाब से पैसे मिलते हैं, लेकिन टिकटॉक पर अभी दिखने के पैसे नहीं मिलते."
टिकटॉक पर जावी लूना के 40 लाख फ़ैन्स हैं. उन्होंने 2018 की गर्मियों में टिकटॉक पर पोस्ट करना शुरू किया था.
वह मानवीय रिश्तों और प्यार पर कॉमेडी स्कैच बनाते हैं, जिसे उनके फ़ैन्स खूब पसंद करते हैं.
लूना इस प्लेटफॉर्म को इंस्टाग्राम जैसा मानते हैं. "जब आपके ढेरों फॉलोवर्स या व्यूज़ हो जाते हैं तो ब्रांड्स आपको ईमेल भेजते हैं कि वे आपके साथ काम करना चाहते हैं."
यह जोश शेफ़र्ड जैसे उद्यमियों के लिए एक अवसर है जिन्होंने लगभग एक साल पहले इन्फ्लूएंशिली नाम से टिकटॉक टैलेंट एजेंसी बनाई है.
उनकी कंपनी टिकटॉक के 15 सितारों का प्रतिनिधित्व करती है, जिनके फॉलोवर्स की कुल संख्या 1.5 करोड़ है.
पिछले सात महीनों में उन्होंने 35 अभियान चलाए हैं. उन्होंने टिकटॉक सितारों को फ़ॉर्मूला ई रेस जैसे इवेंट्स में भेजने के लिए 1500 पाउंड (1937 डॉलर) का भुगतान किया है.
सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म पर प्रभावशाली लोगों को मिलने वाली फ़ीस के मुक़ाबले यह रक़म बहुत छोटी है.
यूट्यूब पर इतने ही फ़ॉलोवर्स वाले सितारे को ऐसे प्रोमोशन के लिए 50 हजार पाउंड (65,000 डॉलर) तक मिल सकते हैं.
कमाई में अंतर का सीधा कारण यह है कि टिकटॉक का प्लेटफॉर्म नया है.
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तकदीर बदलेगी
यूट्यूब पर विज्ञापन और प्रायोजित सामग्रियों से पिछले कई साल से कमाई हो रही है, लेकिन टिकटॉक अभी नया है.
टिकटॉक सितारों की तकदीर बदल सकती है. हाल तक लूना जैसे प्रभावशाली लोगों को पता नहीं था कि उनके वीडियो को कौन देख रहा है.
अब उनको कुछ बुनियादी सूचनाएं मिल रही हैं, जैसे- उनके दर्शक कहां के हैं, उनकी उम्र क्या है और उनकी पहुंच कितनी है.
इससे ब्रांड्स को भी उनके साथ बिज़नेस करने का फ़ैसला लेने में मदद मिलती है.
शेफ़र्ड का कहना है कि पहले इसी वजह से ब्रांड्स यहां नहीं आते थे. "किसी के दस लाख फ़ॉलोवर्स हो सकते हैं, लेकिन हमें पता नहीं होता था कि वे कौन हैं और उनकी उम्र क्या है. आज अगर कोई लंदन में रहने वाले 25 साल के युवाओं को लक्षित करना चाहे तो हमें इसकी सूचना मिल सकती है."
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वे हड़बड़ी नहीं कर रहे
टिकटॉक ऐप के निर्माता पिछले कुछ महीनों से विज्ञापनदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. वे प्रायोजित हैशटैग चैलेंज और ब्रांडेड लेंस (स्नैपचैट की तरह) जैसी चीज़ों को आगे बढ़ा रहे हैं.
बैन्हम का कहना है कि टिकटॉक जान-बूझकर इसमें हड़बड़ी नहीं कर रहा, क्योंकि वह दूसरे ऐप्स की गलतियां दुहराने से बचना चाहता है.
इस सुस्ती से टिकटॉक के वे सितारे कुछ मायूस हो सकते हैं, जो अपने लाखों अनुयायियों की बदौलत कमाई करना चाहते हैं.
बॉडी आर्ट, मेक-अप और इंटरनेट पर होने वाली सामान्य गलतियों से जुड़े पोस्ट करने वाली बैन्हम व्यावसायिक मौकों की कमी से चिंतित नहीं हैं.
उन्होंने म्यूजिकल.ली (Musical.ly) ऐप शुरू किया था. 2017 में अपने एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने टिकटॉक में उसका विलय कर दिया.
वह कहती हैं, "दो साल पहले जब मैंने यह शुरू किया तब मुझे पता था कि यहां ब्रांड डील जैसी कोई चीज़ नहीं है. वे हड़बड़ी नहीं कर रहे. वे जो कर रहे हैं वह क्रिएटर्स के लिए निराशाजनक है लेकिन वे अपने समय का इंतज़ार कर रहे हैं. यह बहुत महत्वपूर्ण है."
जावी लूना को भी ऐसा ही लगता है. "आप यहां बहुत पैसे नहीं कमाएंगे, लेकिन ईमानददारी से कहूं तो यह बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है."
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रचनात्मकता कुंजी है
ऐप की धीमी रफ़्तार के बावजूद नये सितारों को अपनी तरफ़ खींचने की विज्ञापनदाताओं की कोशिश शुरू हो चुकी है.
उनकी नज़र युवा यूज़रबेस पर है. यूट्यूब के उलट यहां उपयोगकर्ताओं को ऑटो-प्ले होने वाले वीडियो मिलते हैं जो तुरंत ध्यान खींच लेते हैं.
यह ऐप उनको चुनौतियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करता है, ताकि उनके साथ संबंध मज़बूत हो सके.
मिसाल के लिए, यूज़र्स से किसी वीडियो की तरह के डांस मूव्स करने को कहा जाता है. इससे ऐप से अपनापन और समुदाय की भावना को बढ़ावा मिलता है.
व्हाटले कहते हैं, "अच्छे और रचनात्मक तरीक़े से टिकटॉक चैलेंज में लोगों को शामिल करने से कंटेंट के देखे जाने और वायरल होने में मदद मिलती है."
यह ब्रांड्स को रोमांचित करता है. बैन्हम ने पिछले छह महीने में महसूस किया है कि कंपनियां ऐप पर मौजूद प्रभावशाली लोगों को प्रायोजित कर रही हैं ताकि वे अपने वीडियो में उनके उत्पादों का ज़िक्र करें.
वह कहती हैं, "किसी एक ब्रांड के बड़ा अभियान चलाने भर की देरी है, फिर वह केस स्टडी बन जाएगा."
यह दोधारी तलवार भी साबित हो सकता है. हालांकि इस तरह के काम से टिकटॉक के सितारों का नाम घर-घर तक पहुंच जाएगा, लेकिन यूट्यूब और इंस्टाग्राम के अनभुव अच्छे नहीं हैं.
इन दोनों ही प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन वाले वीडियो की भरमार हो गई है, जिससे रचनात्मकता और मौलिकता का नुकसान हो रहा है.
जिस सावधानी से यह ऐप विज्ञापन की शुरुआत कर रहा है, उससे लगता है कि टिकटॉक अपने पूर्ववर्तियों को मिले सबक़ से सीख रहा है.
जो इस ऐप पर हैं उनको लगता है यहां रचनात्मकता बनी रहेगी. बैन्हम की राय में "टिकटॉक ऐप आगे और मज़बूत होगा."
(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.)
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