ट्यूशन पढ़ाकर करोड़ों कैसे कमा रहे हैं ये लोग

इमेज स्रोत, Anthony Fok
- Author, फ़िलिपा फ़ोगर्टी
- पदनाम, बीबीसी कैपिटल
प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने वाली मेलिसा लेहान दुनिया की कई शानदार जगहों पर काम कर चुकी हैं. उन्होंने कुछ साल तक बरमूडा में काम किया, फिर कनाडा गईं.
वह कुछ दिन दक्षिणी फ्रांस, बहामास और इटली के टस्कनी में भी रहीं. फिलहाल वह लक्जमबर्ग के ग्रामीण इलाकों में काम कर रही हैं, जहां उनका सालाना वेतन छह अंकों में है.
36 वर्ष की ऑक्सफोर्ड स्नातक लेहान एक योग्य शिक्षक हैं.
वह बच्चों को घर पर स्कूल जैसा पढ़ाती हैं. वह पिछले 10 साल से यह काम कर रही हैं.
लेहान के ग्राहक वे अमीर अभिभावक हैं जो विभिन्न कारणों से स्थानीय स्कूलों से खुश नहीं होते और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहते हैं.
वह अपने काम को पसंद करती हैं. उन्हें रहने के लिए घर और यात्रा खर्च भी मिलता है.
लेकिन वह शानदार जगहों और निजी नौकाओं में पढ़ाने को तवज्जो नहीं देतीं.
लेहान उस रिश्ते के बारे में बात करती हैं जो वह अपने छात्रों के साथ बनाती हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
वह सभी विषयों को एक साथ बुनकर छात्र को सबसे कारगर तरीके से पढ़ाने की आजादी के बारे में भी बात करती हैं.
वह कहती हैं, "किसी छात्र को क्या सीखना है और उसकी कैसे मदद की जा सकती है, यह अच्छी तरह समझकर उसकी सहायता करना मेरा काम है."


प्राइवेट ट्यूशन का पेशा
दुनिया भर में प्राइवेट ट्यूशन उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है. एक अनुमान के मुताबिक 2022 तक यह 227 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.
एशिया की तरक्की और ऑनलाइन ट्यूशन ने इसे आगे बढ़ाया है. कंपनियां इंटरनेट के जरिये छात्रों को अध्यापकों से जोड़ रही हैं.
यह उद्योग काफी हद तक अनियमित है और इसमें सभी तरह के सर्विस प्रोवाइडर हैं- फ्रीलांसर, क्रैम स्कूल, बड़ी कंपनियां, ऑनलाइन सेवाएं, बीस्पोक एजेंसियां वगैरह.

इमेज स्रोत, Getty Images
सबसे ऊपर वे चुनिंदा लोग हैं जो 'सुपर ट्यूटर' कहलाते हैं और बहुत ज्यादा पैसे पाते हैं. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इसके अर्थ अलग हैं.
वे लेहान की तरह पूर्णकालिक प्राइवेट ट्यूटर हैं. कई मामलों में विदेश में काम रहे अमीर अभिभावक उनकी सेवाएं लेते हैं, जो अपने बच्चों को अमरीका या ब्रिटेन के शीर्ष स्कूलों और विश्वविद्यालयों में दाखिला दिलाना चाहते हैं.
पूर्वी एशिया में 'सुपर ट्यूटर' उन विशेषज्ञों को कहा जाता है जो छात्रों के समूह को कोई एक विषय पढाते हैं.
एक हाई-प्रोफाइल उदाहरण हांगकांग के लाम यत-यन का है. चीनी भाषा पढ़ाने वाले इस ट्यूटर ने 2015 में प्रतिद्वंद्वी ट्यूटर ग्रुप से मिले 1.1 करोड़ डॉलर की पेशकश को ठुकरा दिया था.
अमरीका में 2017 में 37 लाख से ज्यादा छात्रों ने विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए SAT या CAT टेस्ट दिया था. वहां इन परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले विशेषज्ञ सुपर ट्यूटर हैं. उनको हर घंटे हैरान करने वाली फीस मिलती है.
मोटी फीस के अलावा वे क्या चीजें है जो सुपर ट्यूटर में होती हैं? वे किस चीज में पारंगत होते हैं? वे यह काम क्यों करते हैं और वे जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचने के लिए कितना काम करते हैं?
तैयारी और त्याग
लेहान सुपर ट्यूटर कहलाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखातीं. वह कहती हैं कि यह उस भूमिका को ग्लैमराइज़ करता है, जिसे ठीक से समझा नहीं गया है. "मैं एक शिक्षक हूं और कड़ी मेहनत करती हूं."
सेकेंडरी स्कूल के ज्यादातर शिक्षक एक या दो विषयों में पारंगत होते हैं, लेकिन लेहान बच्चों को GCSE के सभी विषय पढ़ाती हैं. ब्रिटेन में 16 साल के बच्चों को यह परीक्षा देनी होती है.

इमेज स्रोत, Getty Images
लेहान भाषा में स्नातक हैं, जिनको गणित से प्यार है. शुरुआत में विज्ञान के विषयों में पारंगत होना बड़ी चुनौती थी. पहली नौकरी में उन्होंने दिन-रात मेहनत की ताकि सिलेबस के सभी विषयों को पढ़ा सकें.
वह कहती हैं, "मुझे रसायन शास्त्र में बहुत मेहनत करनी पड़ी. आपको पहले के सभी प्रश्न-पत्रों पर समय देना होता है, नंबर देने के तरीके समझने होते हैं, छोटी से छोटी तरकीबों को जानना पड़ता है."
योजना बनाने और तैयारी करने में भी समय लगता है. "आप ऐसी योजना बनाते हैं जो आपके छात्र के लिए कारगर हो. एक बार जब योजना बन जाती है तो वह कैसे काम कर रही है इसकी समीक्षा करते हैं, उसमें समायोजन करते हैं और छात्र के लिए इसे रुचिकर बनाते हैं."

इमेज स्रोत, Thinkstock
एंथनी फ़ॉक को काम के लिए परिवार और दोस्तों का समय कुर्बान करना पड़ता है. वह सिंगापुर में ट्यूटर हैं, जहां 70 फ़ीसदी मां-बाप अपने बच्चों को अतिरिक्त कक्षाओं में भेजते हैं.
35 साल के फ़ॉक अर्थशास्त्र में ए-लेवल परीक्षा की तैयारी कराने के लिए समूह में कक्षाएं लेते हैं. यह परीक्षा स्थानीय और विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए ली जाती है.
फ़ॉक शाम में और वीकेंड में काम करते हैं. वह सिंगापुर के छोटे मगर बढ़ते 'सुपर ट्यूटर' समूह का हिस्सा हैं. उनका सालाना टर्नओवर 10 लाख सिंगापुर डॉलर (7.26 लाख अमरीकी डॉलर) से ज्यादा का है.
फ़ॉक 90-90 मिनट के चार सत्रों के लिए छात्रों से 420 सिंगापुर डॉलर (305 अमरीकी डॉलर) लेते हैं. फ़ॉक के मुताबिक यह फीस दूसरे ट्यूटर के बराबर या "शायद थोड़ी ज्यादा" है.
उनकी कक्षाएं भरी रहती हैं. अपने बच्चे की सीट बुक कराने के लिए मां-बाप तीन साल पहले बुकिंग करा लेते हैं या एक साथ दो साल की फीस भरने को तैयार रहते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
एक बार एक अभिभावक ने अपने बच्चे की ए-ग्रेड परीक्षा से एक महीना पहले 20 हजार सिंगापुर डॉलर की पेशकश की. फ़ॉक ने वह पेशकश ठुकरा दी.
वह कहते हैं, "आखिरी मौके पर जादू करना संभव नहीं है. दिक्कत यह है कि अभिभावक सोचते हैं कि पैसे से सारी समस्याएं दूर हो सकती हैं. लेकिन यह सच नहीं है."
प्रतियोगिता से भरे बाज़ार में फ़ॉक ने अपनी विशेषज्ञता पर ध्यान देकर अपनी जगह बनाई है. उन्होंने पहले यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया था. 2012 में अपना ट्यूशन व्यवसाय शुरू करने से पहले उन्होंने स्कूल शिक्षक के रूप में 5 साल बिताए.
वह ए-लेवल अर्थशास्त्र की कई किताबों के लेखक हैं. वह पिछले प्रश्न-पत्रों और परीक्षा के नये रूझानों से वाक़िफ़ रहते हैं. उनके छात्र किसी भी समय उनको अपने सवाल मैसेज़ कर सकते हैं.


नाम बड़े और दर्शन छोटे ना हो
हांगकांग और दक्षिण कोरिया के विशाल ट्यूशन बाज़ार में "रॉक स्टार" ट्यूटर छात्रों की संख्या से तय होते हैं. वे अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए ऑनलाइन हो रहे हैं और अपने लेक्चर की लाइव स्ट्रीमिंग कराते हैं.
फ़ॉक ऐसा करके अपनी पढ़ाई की गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहते. वह सिर्फ़ पैसे के लिए इस क्षेत्र में आने वालों को सावधान करते हैं.
फ़ॉक बताते हैं, "शिक्षक को अपनी पढ़ाई के प्रति जुनूनी होना चाहिए और छात्रों की मदद करने में 100 फ़ीसदी कोशिश करनी चाहिए. ऐसा न हो कि वादे तो बड़े-बड़े हों लेकिन उस पर खरा ना उतरें. मेहनत, मेहनत और सिर्फ़ कड़ी मेहनत."

इमेज स्रोत, Getty Images
कैलिफोर्निया में मैथ्यू लैरिवा SAT या CAT परीक्षा के लिए एक घंटे वन-टू-वन कोचिंग के 600 डॉलर लेते हैं. ये परीक्षाएं अमरीकी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए ली जाती हैं.
लैरिवा आईवी लीग के स्नातक हैं. उन्होंने 2011 में पढ़ाना शुरू किया था और परीक्षा की तैयारी कराने के लिए अपनी एजेंसी खोली है.
लैरिवा ने महसूस किया कि दूसरी कंपनियों में सामान्यीकरण है इसलिए एक उच्च मानक के विकल्प के लिए जगह मौजूद है. अब वह 250 डॉलर प्रति घंटे लेने वाले ट्यूटर परिवार के हिस्सा हैं. वह किताबें लिखते हैं, प्रजेंटेशन देते हैं और एक समय में केवल एक या दो छात्रों को पढ़ाते हैं.
लैरिवा कहते हैं, "मैं जो देता हूं और जिसके लिए लोग मुझे पैसे देने को तैयार रहते हैं, वह है परीक्षा के नतीजे. कई लोग थोड़े दिनों के लिए यह काम करते हैं, लेकिन यदि आप लगे रहते हैं तो आप एक लय विकसित कर लेते हैं."
अनुभवी शिक्षक छात्रों को सही परीक्षा चुनने, समय सीमा और लक्ष्य स्कोर तय करने में मदद कर सकते हैं. योग्यता के विभिन्न स्तरों पर उनकी प्रगति को अधिकतम करने के लिए वे अपने शिक्षण को अनुकूलित कर सकते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
लैरिवा बताते हैं कि कुछ लोग हिसाब लगाकर देखते हैं कि वह साल में दस लाख डॉलर से ज्यादा कमा रहे हैं, लेकिन वे पीछे की मेहनत और समय को नहीं देखते.
"एक घंटे में 600 डॉलर चार्ज करने के लिए लगातार तैयारी, यात्रा और मार्केटिंग की जरूरत होती है. एक बार जब आप वहां पहुंच जाते हैं तो रात में, वीकेंड पर और छुट्टियों के दिन भी कड़ी मेहनत करनी होती है, जिससे आप छात्र को पढ़ा सकें, अभिभावकों को सलाह दे सकें और परिवार के बीच मध्यस्थता कर सकें."
उनका अनुमान है कि इस क्षेत्र में करीब 100 लोग इतना कमा रहे हैं. कुछ ट्यूटर इससे भी ज्यादा कमा रहे हैं.
'सुपर ट्यूटर' के विचार के बारे में लैरिवा का कहना है कि जब तक वे मार्केटिंग के हिसाब से रिज़ल्ट दे रहे हैं तो प्रचार से एतराज़ नहीं होना चाहिए.
उनकी बड़ी चिंता यह है कि अमरीका में ट्यूटर बनने के लिए जरूरी योग्यता का कोई मानक नहीं है.
कई लोग खुद को टेस्ट की तैयारी कराने वाला ट्यूटर बताते हैं, लेकिन कई बार यह साफ नहीं होता कि वे अपने छात्रों के लिए क्या हासिल करना चाहते हैं.
लैरिवा कहते हैं कि यदि कंपनियां अपने छात्रों का रिज़ल्ट प्रकाशित करने लगें तो अभिभावकों के लिए पारदर्शिता रहेगी.


पेशेगत मानक
एडम कॉलर भी ऐसा ही सोचते हैं. वह लंदन की कंपनी ट्यूटर्स इंटरनेशनल के संस्थापक हैं जो अमीर परिवारों को फुल-टाइम ट्यूटर (मेलिसा लेहान समेत) उपलब्ध कराती है.
वह इन दिनों अमरीका, बरमूडा, लक्जमबर्ग और हांगकांग में 6 अंकों वाली सैलरी का प्रचार कर रहे हैं. कॉलर कहते हैं कि सैलरी या 'सुपर ट्यूटर' पर फोकस करने की जगह छात्रों के लिए नतीजे ज्यादा मायने रखते हैं.
वह सिर्फ़ योग्य शिक्षकों (यदि अभिभावकों की मांग दूसरी ना हो) को रखते हैं और अतिरिक्त भाषा, संगीत या खेल, असामान्य बच्चों के साथ अनुभव या सीखने की कठिनाइयों जैसी विशेष जरूरतों के आधार पर उनकी भूमिका तय होती है.

इमेज स्रोत, Getty Images
कॉलर का कहना है कि ट्यूटर की विशेषज्ञता को मान्यता देने वाली पेशेवर योग्यता होनी चाहिए.
"यदि चार्टर्ड ट्यूटर जैसी कोई चीज होती, जहां दूसरे पेशों की तरह ट्यूटर की व्यावसायिकता, उनका ज्ञान और उनका व्यावसायिक विकास मापा जा सकता तो यह शानदार होता."
लेहान के मामले में, इससे यह समझ मिलती कि अपनी आजीविका के लिए वह क्या करती हैं. "मुझे लगता है कि बहुत सारे लोग यह नहीं समझ पाते कि मैं स्कूल के बाद सिर्फ़ एक घंटे के लिए फ्रेंच नहीं पढ़ाती हूं, बल्कि एक ट्यूटर GCSE के सभी 11-12 विषय पढ़ा रही है."
लेहान के लिए उनके काम को छात्र प्रोत्साहित करते हैं, ना कि कोई अन्य चीज. मिसाल के लिए, जिस लड़की को सी-ग्रेड बताकर स्कूल से निकाल दिया गया था, उसे उन्होंने GCSE में अच्छे नंबरों से पास करने लायक बनाया.
मैथ्यू लैरिवा इससे सहमत हैं. "कभी-कभी यह काम ग्लैमरस लगता है. अरबपति आपके लिए कॉफी बनाते हैं और कांग्रेस के सदस्य आपको फैमिली डिनर पर आमंत्रित करते हैं. लेकिन इस ग्लैमर से ज्यादा आकर्षक है वह विशेषाधिकार जिससे आप किसी के जीवन में दाखिल होते हैं, परिवार को जानते हैं और उनका विश्वास जीतते हैं कि उनके बच्चे का भविष्य बहुत हद तक आप पर निर्भर है."
(बीबीसी कैपिटल पर इस स्टोरी को इंग्लिश में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. आप बीबीसी कैपिटल को फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
















