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भारत के सोमदेव ने मोया को हराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के युवा टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववरमन ने चेन्नई ओपन में पूर्व फ्रेंच ओपन चैंपियन कार्लोस मोया को हरा दिया है. ये उनके करियर की सबसे बड़ी जीत है. स्पेन के कार्लोस मोया पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं. चेन्नई ओपन में दूसरे दौर के मैच में सोमदेव ने मोया को 4-6, 7-5, 6-4 से मात दी. 23 वर्षीय सोमदेव इनदिनों अमरीका में रहते हैं. दो घंटे और 14 मिनट तक चले मैच में उन्होंने मोया को हराकर क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश किया. छठी वरियता प्राप्त मोया ने पहला सेट तो आसानी से 6-4 से जीत लिया लेकिन दूसरे सेट में सोमदेव ने बाज़ी मारी. इसके बाद तीसरा सेट भी 6-4 से जीतते हुए सोमदेव ने मैच अपने नाम कर लिया. मैच के बाद सोमदेव ने कहा, "केवल मोया को हराकर मैं सुतंष्ट नहीं हूँ. मैं ऐसे लोगों में शामिल नहीं होना चाहता जो अपना काम करके संतुष्ट हो जाते हैं. पर मैं अति आत्म विश्वास से भरा हुआ भी नज़र नहीं आना चाहता. शायद अब मेरा मुकाबला कार्लोविच से होगा. मुझे उन्हें हराने की तरकीब निकालनी होगी." मैच में टर्निंग प्वाइंट के बारे में सोमदेव ने कहा, "तीसरे सेट की दूसरी गेम में मैं 0-40 से पीछे था. वहाँ मैने अच्छा खेला, मैने मोया को कुछ ग़लतियाँ करने पर मजबूर किया." विश्व रैंकिंग में सोमदेव की रैंकिंग 202 है. सोमदेव ने अपने जीवन के शुरुआती वर्ष चेन्नई में ही गुज़ारे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें स्पेन ने डेविस कप फ़ाइनल जीता24 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया जोकोविच ने जीता शंघाई मास्टर्स कप16 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया पुरुष डबल्स में नहीं चला पेस का जलवा05 सितंबर, 2008 | खेल की दुनिया नडाल ने मोया को धूल चटाई06 जून, 2007 | खेल की दुनिया मोया की छुट्टी, फ़ेडरर और अगासी जीते17 जनवरी, 2005 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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