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संन्यास का फ़ैसला ख़ुद किया: कुंबले | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा के एक दिन बाद अनिल कुबंले ने उन ख़बरों को ख़ारिज किया कि उन्होंने किसी दबाव के तहत टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा. सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 'रिटायरमेंट स्कीम' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसके तहत भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी संन्यास ले रहे हैं. अनिल कुंबले ने कहा, "बीसीसीआई ने किसी खिलाड़ी को संन्यास लेने के बारे में नहीं कहा है. मुझे नहीं लगता कि किसी खिलाडी़ को संन्यास लेने के बारे में कहने की कोई आवश्यकता है. यह सब झूठ है." उन्होंने कहा, "किसी ने मुझे नहीं कहा कि कब मुझे संन्यास लेना चाहिए. मैंने अपना निर्णय ख़ुद लिया है. आलोचना ठीक है, लेकिन खिलाड़ियों की क्षमता पर सवाल उठाना मत शुरु कीजिए. लोगों को अपना निर्णय ख़ुद लेने दीजिए." मीडिया में ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों पर संन्यास लेने का दबाव है. इससे पहले सौरभ गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के साथ नागपुर में होने वाले चौथे और आख़िरी टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी. अनिल कुंबले ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व महेंद्र सिंह धोनी के हाथ में सुरक्षित है. उन्होंने कहा, "मेरा यह निर्णय सही है और मैं धोनी के हाथों में कमान सौंपता हूँ." |
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