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गांगुली ने संन्यास की घोषणा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के बाएं हाथ के ज़बर्दस्त बल्लेबाज़ सौरभ गांगुली ने संन्यास लेने की घोषणा करते हुए कहा है कि ऑस्ट्रेलिया सीरिज़ उनकी आखिरी सीरिज़ होगी. बेंगलुरु में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह घोषणा बिल्कुल अचानक की. उन्होंने पहले सभी सवालों के जवाब दिए और यहां तक कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के साथ रिटायरमेंट से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं है. जैसे ही प्रेस कांफ्रेस ख़त्म होने वाली थी, गांगुली ने कहा कि प्रेस कांफ्रेंस ख़त्म होने से पहले वो कुछ कहना चाहते हैं. फिर गांगुली ने कहा, ' आप यहां से जाएं इससे पहले मैं एक बात कहना चाहूंगा कि ये मेरी आख़िरी शृंखला होगी. मैंने संन्यास लेने का फ़ैसला कर लिया है और यहां आने से पहले मैने टीम को यह बता दिया था.' गांगुली के यह कहते ही पत्रकारों में खलबली मची लेकिन इसके बाद गांगुली ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया. उल्लेखनीय है कि गांगुली पिछले कुछ वर्षों से वनडे टीम में शामिल नहीं किए गए हैं और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सीरिज़ में भी उनको शामिल करने की संभावना कम दिख रही थी. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संन्यास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि जब कभी उन्हें लगेगा कि वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं वो संन्यास ले लेंगे. हालांकि किसी ने सोचा नहीं था कि इसी प्रेस कांफ्रेंस में वो रिटायरमेंट की घोषणा कर देंगे. गांगुली को भारतीय टीम के फैव फाइव का हिस्सा माना जाता है. यानी सचिन, कुंबले, गांगुली, लक्ष्मण और द्रविड़. इन सभी खिलाड़ियों के रिटायरमेंट को लेकर पिछले कुछ दिनों से बहस चल रही थी और यहां तक कहा जा रहा था कि वरिष्ठ खिलाड़ियों को रिटायरमेंट के लिए सम्मानजनक रास्ता दिया जाना चाहिए. भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों में से एक गांगुली को टीम की मनस्थिति बदलने का श्रेय दिया जाता है. कप्तान के तौर पर टीम में आक्रामकता का पुट भरने और लड़ने की भावना बढ़ाने के लिए गांगुली को हमेशा याद किया जाता रहेगा. गांगुली की कप्तानी में विदेशों में न केवल भारत का रिकार्ड बेहतरीन हुआ बल्कि टीम में आत्मविश्वास की एक नई भावना आई. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को कई कमेंटेटर उनके शाट्स के लिए ऑफ साइड का भगवान भी कहते थे जबकि टीम के लोग और प्रशंसक उन्हें प्यार से दादा कह के पुकारते हैं. कोलकाता के लोगों के लिए सौरभ प्रिंस और महाराजा हैं. इस खिलाड़ी के रिटायरमेंट से भारतीय टीम को एक जुझारु खिलाड़ी की कमी ज़रुर खलेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें सौरभ गांगुली और वॉर्न पर जुर्माना02 मई, 2008 | खेल की दुनिया 'ऑस्ट्रेलिया में होगा यादगार प्रदर्शन'20 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया सौरभ गांगुली का सौवाँ टेस्ट25 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया गर्व करने के लिए कुछ तो है....07 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया सौरभ के लिए 'एक आख़िरी मौका'26 सितंबर, 2006 | खेल की दुनिया एक और परीक्षा से गुज़रेंगे सौरभ18 अक्तूबर, 2005 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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