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सचिन का रिकॉर्ड और मोहाली का मंज़र | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मेरा होटल मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) स्टेडियम से सिर्फ दस मिनट की दूरी पर है. सुबह जब स्टेडियम के लिये निकली तो सड़क पर कुछ-कुछ दूरी पर एक के बाद एक तीन पुलिस बैरीकेड दिखे. पुलिस, वाहनों और पैदल चलने वाले को काफ़ी चेकिंग के बाद ही जाने दे रही थी. पंजाब पुलिस के सुरक्षा इंतज़ाम इतने कड़े थे कि स्टेडियम के नज़दीक पहुंची तो कुछ देर के लिये तो चकरा ही गई कि मैं कहीं रास्ता तो नहीं भूल गई हूँ. जिस सड़क पर कल शाम तक वाहन आ जा रहे थे, वह आज एक सैनिक छावनी में तब्दील हो गया लगता था. चप्पे-चप्पे पर चेकिंग हो रही थी और आपके पास जिस गेट का पास है, वहीं से एंट्री मिल रही थी, भले ही आप पत्रकार हों और मैच शुरु होने के डेढ़ घंटे पहले स्टेडियम पहुंच गए हों. खाली स्टेडियम स्टेडियम में दर्शकों की संख्या को देखकर लग ही नहीं रहा था कि ये क्रिकेट का मैच है. स्टैंड्स काफ़ी खाली थे. सोचा कि पिछले दिनो की बारिश से डर कर शायद लोगों ने टिकट न खरीदी हो, लेकिन पीसीए के मीडिया मैनेजर का कहना था कि पीसीए ने सिर्फ सीज़न टिकट बेचे हैं और लगभग साठ प्रतिशत सेल हुई है. लेकिन खाली स्टैंड् कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे. हालांकि दिन के बढ़ते बढ़ते स्टैंड्स सुबह की अपेक्षा कुछ ज़्यादा भरे नज़र आ रहे थे. वैसे सबसे बड़ा जमावड़ा था स्कूल के बच्चों का. पता चला पंजाब सरकार ने हर रोज़ पांच सौ छात्रों के मैच देखने का इंतज़ाम किया है. अपने हीरो को शायद पहली बार खेलता देखकर इन बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था. क्रिकेट का भगवान द्रविड़ के आउट होने के बाद जैसे ही सचिन तेंदुलकर मैदान पर आए, उनका स्वागत ज़ोरदार तालियों से हुआ. तालियों का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा बल्कि सचिन के हर शॉट पर प्रशंसकों की यही प्रतिक्रिया थी.
चाय के बाद सचिन जैसे ही पीटर सिडल की गेंद को खेलने की तैयार हुए, तो प्रेस बॉक्स में भी बातचीत एकदम बंद हो गई. और जैसे ही सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन का रिकॉर्ड बनाया, तो स्टेडियम के अंदर तालियों की गड़गड़ाहट और बाहर पटाखों की आवाज़ से माहौल लगभग दो-ढाई मिनट तक गूंजता रहा. खेल के बाद कुछ दर्शकों से बात करने का मौका मिला तो सभी ने दिल खोलकर सचिन की पारी और रिकॉर्ड की तारीफ की, क्या भारतीय और क्या ऑस्ट्रेलियाई. मेलबर्न से आए जिम ने सचिन को चैंपियन की संज्ञा दी मगर एक और ऑस्ट्रेलियाई दर्शक का कहना था कि सचिन ने ठीक-ठाक बैटिंग की और उनको कुछ ढीली बॉलिंग का फायदा मिला. बेचारे पीटर सिडल मैच के बाद स्टेडियम से बाहर निकल रहे दर्शकों से बात करने की वजह से मीडिया रुम में पहुंचने में कुछ देर हो गई. जब अंदर पहुंची तो देखा कि एक भी सीट खाली नहीं है. और होती भी कैसे, सबको सचिन से सवाल जो पूछने का इंतज़ार था. खैर फटाफट रिकॉर्डिंग का इंतज़ाम करके वहीं साइड में खड़ी हो गई. सचिन आए और अगले लगभग आधे घंटे तक सवालों के जवाब दिए. जब सचिन जाने के लिये उठे तब भी पत्रकार उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं थे मगर इस बार सवालों के साथ-साथ नोट पैड भी आगे बढ़ाये जा रहे थे...भई सचिन तेंदुलकर के ऑटोग्राफ लेने का लालच किसे नहीं होगा. सचिन के जाते ही अगले पलों में मीडिया रुम लगभग खाली ही हो गया. और जब ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना पहला टेस्ट खेलने वाले पीटर सिडल पहुंचे तो वहां सिर्फ छह या सात पत्रकार ही बचे थे और उनसे बातचीत महज़ पांच मिनट में ही ख़त्म हो गई. ये वही सिडल थे जिनकी गेंद पर सचिन ने रिकॉर्ड बनाया था और फिर इन्होंने ही सचिन को आउट भी किया. लेकिन आज सचिन के अलावा किसी और खिलाड़ी से बात करने की किसे फुर्सत थी. | इससे जुड़ी ख़बरें संकट से दो-चार ऑस्ट्रेलिया की टीम18 अक्तूबर, 2008 | खेल की दुनिया ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटका, हेडन वापस लौटे18 अक्तूबर, 2008 | खेल की दुनिया मुझे पहचानो, मैं हूँ डॉन!13 अक्तूबर, 2008 | खेल की दुनिया सपने को सच्चाई में बदलने वाला शख़्स17 अक्तूबर, 2008 | खेल की दुनिया सबसे आगे सचिन तेंदुलकर17 अक्तूबर, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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