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कोलकाता टीम के खिलाड़ी होटल से बाहर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडियन प्रीमियर लीग की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने पाँच खिलाड़ियों से होटल छोड़ने को कहा है. माना जा रहा है कि ये कदम बढ़ते खर्चों को कम करने के लिए उठाया गया है. इन सभी खिलाड़ियों को कोलकाता की टीम के किसी भी मैच में खेलना का मौका नहीं मिल पाया है. इन खिलाड़ियों के नाम हैं रणदीप बोस, चेतेश्वर पुजारा, सौराशीश लाहिरी, यशपाल सिंह और होकायडो. मीडिया से बात करते हुए टीम के मालिक शाहरुख़ ख़ान ने कहा कि ये फ़ैसला इसलिए किया गया क्योंकि ज़्यादा खिलाड़ी होने की वजह से सबको अभ्यास का मौका नहीं मिल पा रहा था. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन खिलाड़ियों को होटल छोड़ने को कहा गया है, उनके अनुबंध पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और वे टीम का हिस्सा बने रहेंगे. एक खिलाड़ी ने पीटीआई समाचार एजेंसी को बताया कि इन खिलाड़ियों को ‘विनम्रतापूर्वक’ कहा गया कि या तो वो टीम होटल में रहें, या घर चले जाएँ. खिलाड़ी के मुताबिक इस कदम से साफ़ है कि टीम प्रबंधन क्या चाहता है. "ऐसा लगता है कि कोच जॉन ब्यूकैनन को जो खिलाड़ी चाहिए थे, वह उन्हें मिल गए हैं, और उन्हें ऐसा लगता है कि उन्हें बाकी खिलाड़ियों की कोई ज़रूरत नहीं." सज़ा? याद रहे कि आईपीएल में बंगलौर रॉयल चैलेंजर्स के कार्यकारी अधिकारी चारू शर्मा को कथित रूप से टीम के ख़राब प्रदर्शन की वजह से पद छोड़ना पड़ा था.
टीम के मालिक उद्योगपति विजय माल्या ने भी साफ़ कर दिया है कि वह टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं. टीम के खराब प्रदर्शन की वजह से रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान राहुल द्रविद की कप्तानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. विजय माल्या का कहना है कि उनके दिमाग़ में दूसरे ही खिलाड़ियों की सूची थी लेकिन द्रविड़ और चारू शर्मा ने उन खिलाड़ियों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ कर दिया. एक भारतीय चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, “मेरे पास खिलाड़ियों की एक सूची थी जिन्हें मैं लेना चाहता था लेकिन द्रविड़ और चारू शर्मा दूसरे खिलाड़ियों को लेना चाहते थे. अंत में मैं ही पीछे हट गया.” विजय माल्या के मुताबिक, "मैने कई बार सोचा कि मैं उन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाऊँ जिन्हें मैं लेना चाहता हूँ लेकिन द्रविड़ और चारू शर्मा ने मुझे रोका. ज़ाहिर है नतीजे वैसे नहीं आए जैसे हम चाहते थे." | इससे जुड़ी ख़बरें 'बेनक़ाब हो गए हरभजन सिंह'10 मई, 2008 | खेल की दुनिया हरभजन मामले पर नानावटी की रिपोर्ट13 मई, 2008 | खेल की दुनिया 'विजय माल्या खेल नहीं समझते हैं'13 मई, 2008 | खेल की दुनिया 'टीम चयन पर द्रविड़-चारू से मतभेद'12 मई, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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