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ओलंपिक मशाल इस्लामाबाद में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बेजिंग ओलंपिक खेलों की मशाल अपने सफ़र के अगले पड़ाव में बुधवार को इस्लामाबाद पहुँची है जिसके लिए वहाँ कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. इस मशाल को ओमान से विमान के ज़रिए पाकिस्तान लाया गया है. पाकिस्तान के बाद यह मशाल गुरूवार तड़के भारत पहुँचेगी जिसके लिए पुख़्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. पाकिस्तान में सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए मशाल के मार्ग में कुछ बदलाव किए गए हैं और अब यह अपने मूल मार्ग के बजाय छोटे रास्ते से गुज़रेगी. इस मशाल को इस्लामाबाद के मुख्य खेल स्टेडियम में ले जाया जाएगा. तिब्बत और दारफ़ूर मामलों पर चीन की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों की वजह से ओलंपिक मशाल ख़ासे विवाद में आ गई है और अनेक देशों में इसके मूल मार्गों में बदलाव किए गए हैं या फिर पूरा मार्ग ही बदल दिया गया. ओलंपिक मशाल पाकिस्तान में तो कुछ ही देर के लिए रहेगी और सरकार ने किसी भी विवाद से बचने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं. ओलंपिक मशाल के इंतज़ार में इस्लामाबाद में और लोगों के अलावा वहाँ चीन के राजदूत भी मौजूद थे जो हवाई अड्डे पर इस मशाल का स्वागत करने पहुँचे. मशाल बुधवार को तड़के इस्लामाबाद पहुँची. संभावना है कि पाकिस्तान के लगभग 60 एथलीट इस ओलंपिक मशाल को जिन्ना स्टेडियम के मैदान पर घुमाएंगे और बाद में एक संगीत समारोह होगा जिसमें राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ भी मौजूद रहेंगे. परवेज़ मुशर्रफ़ हाल ही में चीन की यात्रा करके लौटे हैं. ध्यान रहे कि रक्षा और आर्थिक मामलों में पाकिस्तान और चीन के संबंध काफ़ी पुराने हैं. यह ओलंपिक मशाल लंदन, पेरिस और सैन फ्रांसिस्को से पिछले सप्ताह गुज़री तो मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चीन की विभिन्न नीतियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मशाल को भी विवादों में खड़ा कर दिया. हालाँकि उसके बाद जब यह मशाल अर्जेंटीना, तंज़ानिया और ओमान से गुज़री तो कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ. मशाल बुधवार को भारत पहुँचेगी तो कुछ विवाद होने की आशंका है क्योंकि तिब्बती लोग मशाल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं. मंगलवार को कुछ तिब्बती लोगों ने एक प्रदर्शन भी किया जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा इंतज़ाम कड़े कर दिए हैं और अभी मशाल के रास्ते के बारे में जानकारी नहीं दी जा रही है. मशाल का रास्ता--
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