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भारत-दक्षिण अफ़्रीका मैच ड्रॉ हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चेन्नई टेस्ट,पाँचवा दिन नतीजा- भारत-द.अफ़्रीका मैच ड्रॉ दक्षिण अफ़्रीका 540 और 331-5; भारत-627 (पहली पारी) चेन्नई टेस्ट के आख़िरी दिन भारत-दक्षिण अफ़्रीका मैच का कोई नतीजा नहीं निकल पाया और मैच ड्रॉ हो गया है. तूफ़ानी तिहरे शतक के लिए वीरेंदर सहवाग को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. मैच के पाँचवे दिन दक्षिण अफ़्रीका के बल्लेबाज़ पूरा दिन बल्लेबाज़ी करते रहे और मैच के किसी नतीजे पर पहुँचने की कोई संभावना ही नहीं बची. भारत की पहली पारी के 627 रनों के जवाब में दक्षिण अफ़्रीका ने दूसरी पारी में पाँच विकेट पर 331 रन बनाए. इसमें सबसे बड़ा हाथ रहा नील मैकेंज़ी का. पहली पारी में शतक से चूके बल्लेबाज़ मैकेंज़ी ने इस बार शतक जमाया और अंत तक 155 रन बनाकर नाबाद रहे. रविवार को हाशिम अमला और मैकेंज़ी ने दक्षिण अफ़्रीका की पारी शुरू की और एक विकेट पर 131 के स्कोर को आगे बढ़ाना शुरू किया.
हाशिम अमला 81 रन बना कर कुंबले की गेंद पर आउट हो गए. फिर कैलिस 19 रन बनाकर आउट हुए. कैलिस को आरपी सिंह ने हरभजन की गेंद पर लपक लिया. प्रिंस को पाँच रन के स्कोर पर हरभजन ने ही जाफ़र के हाथों कैच कराया. फिर डि विलियर्स सहवाग की गेंद पर गांगुली के हाथों कैच 11 रन बनाकर आउट हुए. हैं. लेकिन मैंकेज़ी अंत तक मैदान पर डटे रहे और भारत को दूसरी पारी खेलने का कोई मौका ही नहीं मिला. मैकेंज़ी ने 340 गेंदों में 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 155 रन बनाए. भारत की ओर से रविवार को हरभजन ने दो, कुंबले और सहवाग ने एक-एक विकेट लिया. तिहरे शतक ने भरा रोमांच
भारत ने पहली पारी में 627 रन बनाए थे वहीं दक्षिण अफ़्रीका की टीम ने पहली पारी में 540 का स्कोर खड़ा किया था. मैच का तो कोई नतीजा नहीं निकला लेकिन इस मैच के पहले तीन दिनों में रोमांच की कोई कमी नहीं रही. चेन्नई मैच में पाँच दिनों के दौरान 1498 रनों का अंबार लगा. चेन्नई में हुए किसी टेस्ट के लिए ये सबसा बड़ा स्कोर है. इससे पहले सितंबर 1986 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए चेन्नई टेस्ट में 1488 रन बने थे. दक्षिण अफ़्रीका की पहली पारी में हाशिम अमला ने 159 रन ठोके. फिर भारत की पारी में तिहरा शतक लगाने वाले वीरेंदर सहवाग की तूफ़ानी पारी ने मैच में रोमांच बनाए रखा. सहवाग 319 रन बनाकर आउट हुए. वीरेंदर सहवाग न सिर्फ़ दो बार तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज़ भी बन गए बल्कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज़ तिहरा शतक लगाया. सहवाग ने अपना तिहरा शतक पूरा करने में सिर्फ़ 278 गेंद लिए. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने वर्ष 2003 में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ पर्थ में 362 गेंद पर अपना तिहरा शतक पूरा किया था. भारतीय पारी में तिहरा शतक लगाने वाले सहवाग के बाद अगर किसी ने कुछ ख़ास योगदान दिया तो वे रहे राहुल द्रविड़. द्रविड़ ने 111 रन बनाए और इसके साथ ही अपना नाम टेस्ट क्रिकेट में दस हज़ार बनाने वालों की सूची में शामिल करा लिया. दस हज़ार रन पूरे करने वाले वे दुनिया के छठे खिलाड़ी बन गए हैं. भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच दूसरा टेस्ट मैच तीन अप्रैल को अहमदाबाद में होगा. |
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