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'फ़ॉर्म पर कुछ दिमाग़ों में ज़्यादा ही खलबली' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि उनकी फ़ॉर्म को लेकर 'जो बहुत सारे लोग चिंता' जता रहे हैं वे इस सबसे बेपरवाह हैं. मंगलवार को हुए होबार्ट वनडे में सचिन ने अच्छी पारी खेली लेकिन पिछले कुछ मैचों में उनका प्रदर्शन ख़ास नहीं रहा है. पिछली आठ पारियों में उन्होंने कुल 191 रन ही बनाए हैं. लेकिन सचिन ने कहा है कि वे ठीक खेल रहे हैं और उनका आत्मविश्वास कम नहीं हुआ है. सचिन ने कहा, "मैने श्रीलंका के ख़िलाफ़ दो बार 30 के आस-पास रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 40 के करीब. मैं केवल पिछली तीन पारियों में ही नहीं खेल पाया. मुझे लगता है कि मेरे फ़ॉर्म को लेकर कई दिमागों में खलबली मची हुई थी." फ़ाइनल की योजना मंगलवार को श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में सचिन ने अच्छी पारी खेली और 54 गेंदों में 63 रन बनाए. भारत ने ये मैच सात विकेट से जीत लिया. मैच के बाद सचिन का कहना था ,"मैं आत्मविश्वास से भरा हुआ हूँ और टीम भी. लोगों की उम्मीदें बहुत ज़्यादा होती हैं, इसलिए लोग कभी-कभी भावनाओं में बह जाते हैं. लोगों को ज़रुरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए." श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच जीतने के बाद अब भारत फ़ाइनल में पहुँच गया है जहाँ उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा. विजेता का चयन बेस्ट ऑफ़ थ्री के आधार पर होगा. पिछले ज़्यादातर मैचों में सलामी बल्लेबाज़ों की विफलता भारत के लिए चिंता का विषय रहा है. इस वजह से भारतीय गेंदबाज़ों के अच्छे प्रदर्शन का फ़ायदा टीम नहीं उठा पाई है. शुरुआती क्रम के बल्लेबाज़ों के अच्छे प्रदर्शन पर ज़ोर देते हुए सचिन ने कहा है कि अगर भारत को ऑस्ट्रेलिया को हराना है तो टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों को अपने जौहर दिखाने होंगे. सचिन का कहना था, "हमें सुनिश्चित करना होगा कि हम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शुरू में विकेट न गंवाए. तभी भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा सकता है. फ़ाइनल मैचों के लिए रणनीति बनानी होगी." उन्होंने ख़ास तौर पर ब्रेट ली का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं और ली से निपटने के लिए कुछ योजना बनानी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका को हराकर भारत फ़ाइनल में25 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया इशांत शर्मा पर जुर्माना लगा25 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया फिलहाल भारत सबसे मज़बूत प्रतिद्वंद्वी: ली23 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन से ख़फ़ा हैं धोनी17 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया 'मुझे पद्मभूषण तो सचिन को सर क्यों नहीं?'22 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया सचिन से पंगा...ना...ना...ना07 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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