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शुक्रवार, 11 जनवरी, 2008 को 13:53 GMT तक के समाचार
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कुंबले ने दी भज्जी को क्लीन चिट
अनिल कुंबले
अनिल कुंबले ने कहा था कि सिडनी टेस्ट में एक ही टीम खेल भावना से खेली
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान अनिल कुंबले ने ज़ोर देकर कहा है कि दूसरे टेस्ट मैच में हरभजन सिंह ने एंड्रयू साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लभेदी टिप्पणी नहीं की थी.

इस विवाद पर कप्तान अनिल कुंबले ने पहली बार खुलकर कुछ कहा है.

एंड्रयू साइमंड्स पर नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप में हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैच की पाबंदी लगा दी गई थी.

कुछ दिनो पहले ये बात सामने आई थी कि अनिल कुंबले ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग से इस घटना की रिपोर्ट मैच रेफ़री से नही करने का आग्रह किया था.

हालांकि कुंबले का कहना है कि वो आश्वस्त हैं कि ना तो नस्लभेदी टिप्पणी की गई थी और ना ही हरभजन ऐसा करना चाह रहे थे.

दक्षिण अफ़्रीका के बल्लेबाज़ बोएटा डिपेनार ने बीबीसी को बताया कि पोंटिंग के साथ ही इस विवाद को सुलझाना सही दिशा में उठाया गया एक प्रयास था.

डिपेनर ने कहा, “ अगर इस तरह की घटना हुई थी तो खिलाड़ियों को एक दूसरे के पास जाना चाहिए था और मामला सुलझाने का प्रयास करना चाहिए था. अगर बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचती तो फिर सही क़दम उठाए जाने चाहिए थे.”

हालाँकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ जस्टिन लैंगर ने कहा कि पोंटिंग ने जो क़दम उठाए वो सही थे.

'खेल भावना की कमी'

द टाइम्स अख़बार में अपने एक कॉलम में कुंबले ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ तनाव इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें लगा कि वो खेल भावना से नही खेल रही थी.

कुंबले ने कहा, “मैंने हरभजन से पूछा कि उन्होंनें ये क्यों शुरू किया तो हरभजन ने कहा कि शुरूआत साइमंड्स ने की थी. लेकिन रिकी पोंटिंग ना तो मेरी बात सुनने को तैयार थे और ना ही मेरा पक्ष जानना चाहते थे.”

अनिल कुंबले और हरभजन सिंह
कुंबले ने कहा कि हरभजन सिंह ने नस्लभेदी टिप्पणी नही की थी.

कुंबले ने स्पष्ट किया कि सिरीज़ शुरू होने से पहले वो और पोंटिंग इस बात पर सहमत थे कि अगर किसी कैच को पकड़ने पर विवाद होता है तो ऐसी स्थिति में क्षेत्ररक्षक की बात मानी जाएगी बशर्ते वो आश्वस्त हो.”

कुंबले लिखतें हैं, “लेकिन सिडनी टेस्ट के बाद भारतीय टीम ऐसी किसी स्थिति में क्षेत्ररक्षक की बात मानने की बात पर पुर्नविचार करेगी.”

हरभजन सिंह पर कथित नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप लगने के बाद पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

इस आरोप पर कुंबले कहते हैं कि किसी पर नस्लभेदी होने का आरोप लगाया जाना एक गंभीर बात है और इसे हलके में नहीं लिया जा सकता.

इसलिए आरोप तब तक साबित नहीं माना जाना चाहिए जब तक इसके लिए पुख़्ता सबूत ना हों. पर कुंबले के अनुसार हरभजन सिंह के मामले में ऐसा नही हुआ.

हरभजन सिंह की अपील पर सुनवाई न्यूज़ीलैंड की हाईकोर्ट के जज जस्टिस जॉन हेंसन करेंगें.

वहीं पोंटिंग ने कहा है कि उन्होंने नस्लभेदी टिप्पणी की रिपोर्ट आईसीसी के दिशानिर्देशो के अनुरूप ही की थी.

मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर ने कहा था कि वो मानते है कि हरभजन सिंह ने एंड्रयू साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लभेदी शब्दो का प्रयोग किया था.

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