|
'झारखण्ड रत्न' से सम्मानित होंगे धोनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड सरकार ने वनडे क्रिकेट टीम के नए कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को 'झारखंड रत्न' से सम्मानित करने की घोषणा की है. यह घोषणा औपचारिक रूप से राज्य के मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने सोमवार को जमशेदपुर में की. कोड़ा नें कहा," धोनी ने झारखंड का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है. उन्होंने राज्य को सम्मान दिलाया है. इसलिए हमारा भी दायित्व बनता है कि हम उनका सम्मान करें." यह सम्मान धोनी को झारखंड के स्थापना दिवस के अवसर पर 15 नवंबर को दिया जाएगा. धोनी के लिए वैसे भी झारखंड में बहुत सारे "आश्चर्यजनक तोहफे" इंतज़ार कर रहे हैं. उनमे से बहुत सारे तो ख़ुद उन्हें अचंभे में डाल देंगे. बस इंतज़ार है सिर्फ़ उनके लौटने का. वैसे यह तो तय माना जा रहा है कि धोनी के लिए पुलिस की वर्दी उनका इंतज़ार कर रही है. कोड़ा का कहना था, "यह तो सरप्राइज़ है. हम अभी कुछ नहीं बताएँगे. धोनी को लौटने दीजिए." नौकरी की पेशकश लेकिन सरकारी हलकों में कहा जा रहा है की राज्य सरकार की इच्छा है कि धोनी को डीएसपी के पद पर सीधे नियुक्त किया जाए. इस वजह से मधु कोड़ा ने मंत्रिमंडल से पिछले महीने ही द्वितीय श्रेणी के सरकारी नौकरियों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति का प्रस्ताव पारित करवा लिया है. प्रस्ताव पारित होने के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि राज्य सरकार धोनी को डीएसपी की नौकरी की पेशकश करेगी. मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि ख़ुद मुख्यमंत्री नौकरी का प्रस्ताव लेकर धोनी के घर जाएंगे. मगर यह सब कुछ अब भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम के कप्तान पर निर्भर करता है कि वो झारखंड पुलिस की वर्दी पहनेंगे या फिर किसी और नौकरी में अपनी रुचि दिखाएँगे. सपनों का घर राज्य सरकार ने धोनी को पहले ही रांची की एक प्रमुख आवासीय कॉलोनी में एक 360 वर्ग मीटर ज़मीन का प्लाट आवंटित किया है.
ज़मीन पर धोनी के सपनों के घर को बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है. नए घर में ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि धोनी अपनी कार को तीसरी मंज़िल तक ले जा सकें. इसके अलावा घर की छत पर एक बड़ा स्वीमिंग पूल बन रहा है. लेकिन धोनी परिवार को दुख है की कॉलोनी के लोगों ने स्वीमिंग पूल बनाए जाने पर आपत्ति की है. कॉलोनीवासियों का कहना है कि उनके इलाक़े में ज़मीनी जल का स्तर काफ़ी नीचे चला गया है. अगर धोनी के घर में स्वीमिंग पूल बनाया जाता है तो इसमे काफ़ी पानी की खपत होगी . कॉलोनी के रहने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी एस एन लाल गुप्ता ने तो झारखंड उच्च न्यायालय में इस संबंध में एक याचिका भी दायर की है. शायद इस याचिका के बाद से ही धोनी के पिता पान सिंह ने अपने आपको अपने घर के अंदर समेट लिया है. पूरे रांची शहर में उनके बेटे के लिए जश्न मनाया जाता है. मगर पान सिंह उसमे शिरकत नहीं करते. न तो वो मीडिया वालों से मिलते हैं और न किसी सामाजिक संगठन या संस्था के लोगों से. उनके मन में इस बात को लेकर काफ़ी दुख है कि रांची के लोगों ने उनके नए घर के ख़िलाफ़ न्यायालय में याचिका दायर की है. पान सिंह सिर्फ़ उत्तराखंड समाज के कार्यक्रमों में शामिल होते है क्योंकि मूल रूप से वो वहाँ के रहने वाले हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें फ़ाइनल से पहले दबाव, तनाव और रणनीतियां24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया ट्वेन्टी-20 विश्व कप का 'ड्रीम फ़ाइनल'23 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया फ़ाइनल के लिए तैयार हैं हम: धोनी22 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया पाकिस्तान से हारा ऑस्ट्रेलिया18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया दूर तक जाएंगे धोनी अपने स्टाईल से18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया चलना संभल संभल के...18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||