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मुरलीधरन कर सकते हैं क़ानूनी कार्रवाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के जाने माने स्पिनर मुथैया मुरलीधरन भारत के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा कर सकते हैं. मुरलीधरन के मैनेजर कुशिल गुणशेखर के अनुसार बेदी की टिप्पणियों के कारण मुरलीधरन का अपमान हुआ है. बेदी ने मुरलीधरन के गेंदबाज़ी एक्शन के बारे में कहा है कि वो शॉट पट की तरह गेंद फेंकते हैं और उनकी गेंदबाज़ी एक्शन पर कार्रवाई नहीं करके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने ' एक राक्षस ' को खुला छोड़ दिया है. गुणशेखर ने बताया कि एक क़ानूनी कंपनी ने इस संबंध में बेदी को पत्र लिखा है जिसमें हर्जाने की मांग की गई है. उनका कहना था कि आगे की कार्रवाई बेदी के जवाब पर निर्भर करेगी. पूर्व भारतीय स्पिनर बेदी लगातार मुरलीधरन के एक्शन का विरोध करते रहे हैं. उनका कहना है कि मुरलीधरन नए और युवा खिलाड़ियों के लिए एक 'ख़राब उदाहरण' पेश करते हैं जो 'अपनी शारीरिक विकृति का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए' करता है. उल्लेखनीय है कि मुरलीधरन के एक्शन पर उठी आपत्तियों के बाद आईसीसी ने जांच की और पाया कि मुरलीधरन की बांहों में जन्म से ही विकृति है जिसके कारण जब वो गेंद फेंकते हैं तो ऐसा लगता है कि वो थ्रो कर रहे हैं. श्रीलंका क्रिकेट कमिटी (एसएलसी) के चेयरमैन जयंत धर्मदास का कहना है कि मुरलीधरन को आईसीसी ने कई बार 'क्लीन चिट' दे दी है. एसएलसी ने भी मुरलीधरन का समर्थन किया है और कहा है कि वो क़ानूनी कार्रवाई के पक्ष में हैं. मुरलीधरन अब तक टेस्ट क्रिकेट में 700 विकेट ले चुके हैं और ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वार्न के 708 विकेट के रिकार्ड को जल्दी ही तोड़ सकते है. | इससे जुड़ी ख़बरें रिकॉर्डतोड़ टेस्ट में श्रीलंका की जीत31 जुलाई, 2006 | खेल की दुनिया आईसीसी पुरस्कारों की सूची में आसिफ़ 22 अक्तूबर, 2006 | खेल की दुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वॉर्न के हज़ार विकेट03 जनवरी, 2007 | खेल की दुनिया मुरली को सबसे बड़ी उपलब्धि का इंतज़ार27 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया ऑस्ट्रेलिया लगातार तीसरी बार विश्वविजेता28 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया 'सातवें आसमान' पर पहुँचे मुरलीधरन14 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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