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मेज़बानी के दावे को औपचारिक मंज़ूरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने वर्ष 2014 के एशियाई खेलों की मेज़बानी का दावा पेश करने को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखा दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंज़ूरी दी गई. सरकार ने अपना यह वादा भी दोहराया है कि अगर भारत को एशियाई खेलों की मेज़बानी का मौक़ा मिला तो वह उसे सफल आयोजन करके दिखाएगा. कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों को बताया, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के माध्यम से सरकार ने एशियाई ओलंपिक परिषद को अपनी ये प्रतिबद्धता भेज दी है कि वह एशियाई खेलों का आयोजन कराना चाहती है." समर्थन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्य एशियाई देशों से अपील की है कि वे वर्ष 2014 के एशियाई खेलों की मेज़बानी के भारत के दावे का समर्थन करें. भारत ने 17वें एशियाई खेलों की मेजबानी का दावा किया है. इसका फ़ैसला 16-17 अप्रैल को कुवैत में एशियाई ओलंपिक परिषद की बैठक में होगा. वर्ष 1982 में नई दिल्ली में एशियाई खेलों का आयोजन हुआ था. वर्ष 2014 में मेज़बानी के लिए नई दिल्ली का मुक़ाबला दक्षिण कोरिया के इनचोन शहर से है. भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने उम्मीद जताई है कि भारत को इस बार एशियाई खेलों की मेज़बानी का मौक़ा ज़रूर मिलेगा. उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि एशियाई खेल भारत में कराए जाएँ. वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी के कारण हमारे यहाँ आधारभूत सुविधाएँ ठीक रहेंगी और इस कारण हमें अच्छा ख़ासा अनुभव भी मिलेगा." कुवैत में एशियाई ओलंपिक परिषद की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में ओलंपिक में पदक जीतने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौर, लिएंडर पेस भी रहेंगे. इनके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और कई उद्योगपति भी कुवैत जाएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़ीफ़ा ने ईरान पर लगी पाबंदी हटाई17 दिसंबर, 2006 | खेल शांति का रजत पदक वापस माँगा गया19 दिसंबर, 2006 | खेल भारतीय हॉकी टीम एशियाई खेल से बाहर10 दिसंबर, 2006 | खेल दिल्ली ओलंपिक मशाल का स्वागत10 जून, 2004 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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